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घग्गर दरिया कई जगह खतरे के निशान के नजदीक
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला
Updated Mon, 13 Jul 2015 10:36 PM IST
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लगातार कई घंटे तेज बारिश और हरियाणा से आए पानी के कारण पटियाला जिले में कई जगह घग्गर दरिया खतरे के निशान के नजदीक पहुंच गया है। वहीं बनूड़ एरिया में गांव कराला और अमलाला के पास घग्गर के बांध में दरारें आ गईं।
इसके चलते जिले के बड़ी गिनती में गांवों के डूबने का खतरा बन गया है। अगर ऐसा होता है, तो भारी जान और माल का नुकसान हो सकता है। ड्रेनेज विभाग और प्रशासन पुख्ता प्रबंध किए जाने का दावे कर रहा है।
ड्रेनेज विभाग के एसई वीपीएस बराड़ के मुताबिक रविवार को दोपहर से लेकर सारी रात और फिर सोमवार सुबह लगातार कई घंटे तेज बारिश और हरियाणा से पानी आने के कारण घग्गर दरिया कई जगह खतरे के निशान के नजदीक पहुंच गया है। खन्नौरी में घग्गर में पानी का स्तर 745 फुट पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 750 फुट है।
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इस समय खन्नौरी में घग्गर में 9000 क्यूसिक पानी चल रहा है। वहीं सराला कलां और बादशाहपुर व हरचंदपुरा में भी घग्गर का पानी खतरे के निशान के नजदीक है।
भांखपुर से सरालां, सरालां से बादशाहपुर और हरचंदपुरा, हरचंदपुरा से खन्नौरी, खन्नौरी से आगे मकरोड़ साहिब तक घग्गर दरिया के किनारे डैमेज हो गए हैं। एसई ने बताया कि अगर और बारिश हुई और हरियाणा से और पानी आ गया, तो किनारे टूटने का खतरा बना हुआ है। इससे यह गांव पूरी तरह से तबाह हो सकते हैं। जान-माल का भी नुकसान होने का खतरा है।
बारिश के कारण माडल टाउन ड्रेन, नाभा ड्रेन, झंबो वाली चौ, समाना मंडी ड्रेन, सरायपत्ती ड्रेन, सरहंद चौ, रोहटी ड्रेन, बहादुर सिंह वाला ड्रेन और नाले बगैरा पूरी तरह से ओवरफ्लो हो गए हैं। हालांकि पटियाला की लाइफ लाइन माने जाने वाली बड़ी नदी के अलावा छोटी नदी में अभी पानी का लेबल ठीक है।
बनूड़ में गांव कराला और अमलाला में घग्गर दरिया के बांध में दरारें आ गई हैं। एसई बराड़ के मुताबिक यह दरारें गांव में बारिश के कारण इकट्ठा हुए पानी से आई हैं। अगर घग्गर में बारिश के कारण और पानी भरा, तो फिर बाढ़ का खतरा है।
उन्होंने कहा कि विभाग ने बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए पुख्ता प्रबंध कर लिए हैं। गोताखोरों और किश्तियों का प्रबंध कर लिया गया है। सीमेंट वाली बोरियां भी मंगवा ली गई हैं, ताकि दरारें पड़ने पर वहां लगाई जा सकें। कंट्रोल रूम के जरिये घग्गर दरिया के डेंजर निशान पर नजर रखी जा रही है। गांवों में पहरे दिए जा रहे हैं।
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इसके चलते जिले के बड़ी गिनती में गांवों के डूबने का खतरा बन गया है। अगर ऐसा होता है, तो भारी जान और माल का नुकसान हो सकता है। ड्रेनेज विभाग और प्रशासन पुख्ता प्रबंध किए जाने का दावे कर रहा है।
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ड्रेनेज विभाग के एसई वीपीएस बराड़ के मुताबिक रविवार को दोपहर से लेकर सारी रात और फिर सोमवार सुबह लगातार कई घंटे तेज बारिश और हरियाणा से पानी आने के कारण घग्गर दरिया कई जगह खतरे के निशान के नजदीक पहुंच गया है। खन्नौरी में घग्गर में पानी का स्तर 745 फुट पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 750 फुट है।
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इस समय खन्नौरी में घग्गर में 9000 क्यूसिक पानी चल रहा है। वहीं सराला कलां और बादशाहपुर व हरचंदपुरा में भी घग्गर का पानी खतरे के निशान के नजदीक है।
भांखपुर से सरालां, सरालां से बादशाहपुर और हरचंदपुरा, हरचंदपुरा से खन्नौरी, खन्नौरी से आगे मकरोड़ साहिब तक घग्गर दरिया के किनारे डैमेज हो गए हैं। एसई ने बताया कि अगर और बारिश हुई और हरियाणा से और पानी आ गया, तो किनारे टूटने का खतरा बना हुआ है। इससे यह गांव पूरी तरह से तबाह हो सकते हैं। जान-माल का भी नुकसान होने का खतरा है।
बारिश के कारण माडल टाउन ड्रेन, नाभा ड्रेन, झंबो वाली चौ, समाना मंडी ड्रेन, सरायपत्ती ड्रेन, सरहंद चौ, रोहटी ड्रेन, बहादुर सिंह वाला ड्रेन और नाले बगैरा पूरी तरह से ओवरफ्लो हो गए हैं। हालांकि पटियाला की लाइफ लाइन माने जाने वाली बड़ी नदी के अलावा छोटी नदी में अभी पानी का लेबल ठीक है।
बनूड़ में गांव कराला और अमलाला में घग्गर दरिया के बांध में दरारें आ गई हैं। एसई बराड़ के मुताबिक यह दरारें गांव में बारिश के कारण इकट्ठा हुए पानी से आई हैं। अगर घग्गर में बारिश के कारण और पानी भरा, तो फिर बाढ़ का खतरा है।
उन्होंने कहा कि विभाग ने बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए पुख्ता प्रबंध कर लिए हैं। गोताखोरों और किश्तियों का प्रबंध कर लिया गया है। सीमेंट वाली बोरियां भी मंगवा ली गई हैं, ताकि दरारें पड़ने पर वहां लगाई जा सकें। कंट्रोल रूम के जरिये घग्गर दरिया के डेंजर निशान पर नजर रखी जा रही है। गांवों में पहरे दिए जा रहे हैं।