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अंगीठी बनी काल: पटियाला में ठंड से बचने को कमरे में जलाई थी अंगीठी, पति-पत्नी और दो छोटे बच्चों की मौत
Tue, 16 Jan 2024 03:49 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 16 Jan 2024 03:49 PM IST
सार
पंजाब में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे बचने के लिए लोग अक्सर अंगीठी जलाकर कमरे में रखकर सो जाते हैं। पटियाला में ऐसे हीअंगीठी जलाकर सोए परिवार की दम घुटने से मौत हो गई। मृतक परिवार बिहार का रहने वाला था।
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मृतक शाहबाज खान अपनी बेटी के साथ
- फोटो : फाइल
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विस्तार
पटियाला के थाना कोतवाली के अधीन पड़ती मारकल कालोनी में कमरे में ठंड से बचने के लिए अंगीठी जलाकर सो रहे एक परिवार के चार सदस्यों की दम घुटने से मौत हो गई। मृतकों में पति-पत्नी व दो छोटे बच्चे शामिल हैं।
पुलिस ने लाशों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतकों में मूल रूप से बिहार का रहने वाला शाहबाज खान (29), उसकी पत्नी जरीना खान (25), पांच साल की बेटी रूकैया व तीन साल का बेटा अरमान शामिल है।
थाना कोतवाली पुलिस के मुताबिक शाहबाज खान पटियाला की मारकल कालोनी में किराये पर कमरा लेकर अपनी पत्नी व दो छोटे बच्चों के साथ रहता था। वह दुकानों में पानी वाले कैंपर की सप्लाई का काम करता था। रोजाना की तरह काम से वापस लौटने के बाद परिवार के साथ खाना खाया। पुलिस के मुताबिक सामने के कमरे में किराये पर रहने वाले परिवार ने जब काफी देर तक शाहबाज खान के कमरे से कोई आवाज नहीं सुनी और न ही कोई हलचल दिखाई दी, तो उन्हें शक हुआ।
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सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे की कुंडी तोड़कर जब अंदर जाकर देखा तो परिवार के चारों सदस्य बेसुध पड़े थे। तुरंत इन्हें सरकारी राजिंदरा अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने जांच के बाद सभी को मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक यह हादसा रात करीब साढ़े 10 बजे का है।
क्या कहते हैं डॉक्टर
डॉक्टरों के मुताबिक कोयले की अंगीठी जलाने से कार्बन डाईऑक्साइड व कार्बन मोनो ऑक्साइड जैसी खतरनाक गैसें निकलती हैं। अगर अंगीठी जलाने वाला कमरा बंद है, तो ऐसी स्थिति में बाहर से आक्सीजन नहीं आ सकती है। इसके चलते कमरे में मौजूद लोगों का दम घुट सकता है। ज्यादा देर तक उस कमरे में रहने पर मौत हो सकती है।
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पुलिस ने लाशों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतकों में मूल रूप से बिहार का रहने वाला शाहबाज खान (29), उसकी पत्नी जरीना खान (25), पांच साल की बेटी रूकैया व तीन साल का बेटा अरमान शामिल है।
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थाना कोतवाली पुलिस के मुताबिक शाहबाज खान पटियाला की मारकल कालोनी में किराये पर कमरा लेकर अपनी पत्नी व दो छोटे बच्चों के साथ रहता था। वह दुकानों में पानी वाले कैंपर की सप्लाई का काम करता था। रोजाना की तरह काम से वापस लौटने के बाद परिवार के साथ खाना खाया। पुलिस के मुताबिक सामने के कमरे में किराये पर रहने वाले परिवार ने जब काफी देर तक शाहबाज खान के कमरे से कोई आवाज नहीं सुनी और न ही कोई हलचल दिखाई दी, तो उन्हें शक हुआ।
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सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे की कुंडी तोड़कर जब अंदर जाकर देखा तो परिवार के चारों सदस्य बेसुध पड़े थे। तुरंत इन्हें सरकारी राजिंदरा अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने जांच के बाद सभी को मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक यह हादसा रात करीब साढ़े 10 बजे का है।
क्या कहते हैं डॉक्टर
डॉक्टरों के मुताबिक कोयले की अंगीठी जलाने से कार्बन डाईऑक्साइड व कार्बन मोनो ऑक्साइड जैसी खतरनाक गैसें निकलती हैं। अगर अंगीठी जलाने वाला कमरा बंद है, तो ऐसी स्थिति में बाहर से आक्सीजन नहीं आ सकती है। इसके चलते कमरे में मौजूद लोगों का दम घुट सकता है। ज्यादा देर तक उस कमरे में रहने पर मौत हो सकती है।