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दिवाली की खुशियां मातम में बदलीं: राजपुरा में दस्त की वजह से चार बच्चों की मौत, कई और बीमार पड़े

Fri, 05 Nov 2021 08:45 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, राजपुरा (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, राजपुरा (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Fri, 05 Nov 2021 08:45 PM IST
सार

पंजाब के राजपुरा में दिवाली के दिन अचानक तबीयत बिगड़ने से चार बच्चों की मौत से हड़कंप मच गया। कई अन्य लोग गंभीर बीमार हैं। प्रशासन का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। हालांकि प्राथमिक तौर पर दस्त की वजह से मौत बताई जा रही है।

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Four children died and many others ill in Rajpura of Punjab
राजपुरा में सीवरेज का पानी दिखाते लोग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

दिवाली के दिन पंजाब के राजपुरा स्थित ढेहा बस्ती में खुशियां उस समय मातम में बदल गईं जब चार बच्चों की कथित तौर पर डायरिया से मौत के अलावा करीब एक दर्जन बीमार लोगों को सरकारी और निजी अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा। प्रशासन का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट से मौत के कारणों का पता चल पाएगा। मरने वालों में तीन लड़कियां और एक लड़का है। इनके परिवार वालों का कहना है कि बच्चों की तबीयत इतनी तेजी से बिगड़ी कि उन्हें संभालने का मौका ही नहीं मिला। 

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जानकारी के अनुसार ढेहा बस्ती में रहने वाले बच्चों समेत एक दर्जन से अधिक लोगों की दस्त लगने से तबीयत बिगड़ने लगी। इसके कारण तीन लड़कियों साक्षी, सान्या, चाहत और लड़के रमनदीप (9) की मौत हो गई। वहीं लड़कों में मन्नत, जन्नत, काका, विशाल, रिषी, प्रिंस और लड़कियों में सुनीता, नीलम, संजना, वंदना और शालू अधिक बीमार हैं। उन्हें सरकारी व निजी अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है। घटना के बाद से प्रशासन में हड़कंप मचा है।
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आशंका जताई जा रही है कि प्रदूषित पानी पीने की वजह से चार बच्चों को जान गंवानी पड़ी। बस्ती में पानी की लाइन में सीवरेज का गंदा पानी मिलने से ऐसी स्थिति बनी। हालांकि प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग पुष्टि नहीं कर रहा है। 

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मृतक साक्षी के परिवार वालों का कहना है कि दिवाली वाले दिन सुबह करीब नौ बजे दस्त लगने पर उसे निजी अस्पताल लेकर गए। वहां प्राथमिक जांच के बाद बच्ची को चंडीगढ़ स्थित सेक्टर 16 अस्पताल लेकर जाते वक्त रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। मृतका चाहत के परिवार वालों ने तबीयत बिगड़ने पर सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया। जहां इलाज के दौरान थोड़ी देर बाद उसने दम तोड़ दिया। मामले की खबर मिलने पर एडीसी, एसडीएम प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने निरीक्षण किया। 

बस्ती में विभाग की लाइन नहीं: एसडीओ 
वाटर व सीवरेज बोर्ड के एसडीओ तरनजीत सिंह ने बताया कि ढेहा बस्ती में विभाग की लाइन नहीं है। पता नहीं लोगों ने कहां से कनेक्शन ले रखे हैं। नगर परिषद ने सीवरेज लाइन का प्रस्ताव जरूर भेजा था। हम वहां पर लाइन डाल सकते हैं जो नगर काउंसिल का एरिया हो। उनके ध्यान में अभी आया है कि वहां पर गैरकानूनी कनेक्शन चल रहे हैं। अब प्रशासन जैसा आदेश देगा वैसे ही किया जाएगा। 

ओआरएस घोल के अलावा क्लोरीन की गोलियां वितरित कर रहे हैं
ढेहा बस्ती में मौजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम में तैनात डॉक्टर तरुण गोयल ने बताया कि दस्त लगने से पानी की कमी के कारण बच्चों की मौत हुई है। ओआरएस घोल के अलावा क्लोरीन की गोलियां वितरित की जा रहीं हैं। 

सैंपल लेकर राजिंद्रा अस्पताल भेजे: एसडीएम 

एसडीएम डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि पानी के अलावा बच्चों के स्टूल के सैंपल लेकर राजिंद्रा अस्पताल में भेज दिए गए हैं, ताकि बच्चों की मौत के असली कारणों का पता चल सके। इसके साथ ही वाटर व सीवरेज बोर्ड के एसडीओ को आदेश दिया गया है कि कनेक्शन अलग कर दिए जाएं ताकि किसी तरह के गंदे पानी की सप्लाई न हो सके। 

शहर को सिंगापुर बनाने का दावा करने वाले स्वच्छ पानी देने में फेल: चरनजीत बराड़ 
ढेहा बस्ती में चार बच्चों की मौत की खबर मिलने पर राजपुरा हलके से शिरोमणि अकाली दल के प्रत्याशी व पार्टी प्रवक्ता चरनजीत सिंह बराड़ परिवार से दुख साझा करने पहुंचे और सरकार पर जमकर निशाना साधा। बराड़ ने कहा कि सरकार का ध्यान शहर में इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने पर लगा है, जबकि जनता को पानी व सीवरेज की मूलभूत सुविधाएं देने में वह फेल साबित हुई है। 

पिछले कुछ समय से शहर में दूषित पानी आने की खबरें आ रही हैं लेकिन प्रशासन ने इस समस्या को दूर करने के लिए कुछ नहीं किया। शहर को सिंगापुर बनाने की बातें करने वाले स्वच्छ पानी तक मुहैया नहीं करवा पा रहे हैं। मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाकर चार बच्चों की मौत का कारण बनने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, जांच न होने की स्थिति में संघर्ष तेज किया जाएगा। 

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