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बिजली संशोधन बिल का विरोध: 15 से पूरे पंजाब में सरकार के खिलाफ होगा प्रदर्शन

Wed, 12 Nov 2025 07:11 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 12 Nov 2025 07:11 PM IST
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Firozpur-Patti rail link project approved, will reduce distance to Amritsar by 91 km, Khemkaran by 204 km
-भाकियू ने कहा, बिजली सेक्टर का निजीकरण करना चाहती है केंद्र सरकार, यह सहन नहीं होगा
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अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। बिजली संशोधन बिल 2025 को लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। भारतीय किसान यूनियन क्रांतिकारी की एक महत्वपूर्ण बैठक यहां किसान नेता रणजीत सिंह सवाजपुर की अध्यक्षता में हुई। इसमें किसान मजदूर मोर्चा के आह्वान पर 15, 16 और 17 नवंबर को पंजाब भर में गांव स्तर पर मोदी व भगवंत मान सरकारों के पुतले फूंक प्रदर्शन करने का एलान हुआ।
किसान नेताओं ने कहा कि इन प्रदर्शनों का मकसद बिजली संशोधन बिल के खिलाफ लोगों का विरोध दर्ज कराना और आम लोगों को इसके विरोध में जागरूक करना है। इसके बाद दिसंबर में जिला मुख्यालयों पर धरने दिए जाएंगे। इसके अलावा बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि सजा पूरी होने के बावजूद जेलों में बंद सिख कैदियों की रिहाई के लिए मोर्चा के आह्वान पर 14 दिसंबर को शंभू से दिल्ली के लिए कूच होगा जिसमें पटियाला जिला भी शामिल होगा।
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किसान नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार देश भर में बिजली के वितरण को निजी कंपनियों को सौंपने जा रही है जिससे बिजली का पूरी तरह से निजीकरण हो जाएगा। इससे किसानों और आम गरीब उपभोक्ताओं को मिलने वाली बिजली संबंधी सुविधाएं बंद कर दी जाएंगी और प्रीपेड मीटर के अनुसार बिजली प्रदान की जाएगी। जिससे देश के गरीब लोगों के लिए बिजली का उपयोग करना असंभव हो जाएगा। इसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा और हर हाल में इसे रद कराया जाएगा। किसान नेताओं ने पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट चुनाव की तारीखों की घोषणा न होने के विरोध में प्रस्ताव पेश किया। किसान नेताओं ने कहा कि किसान यूनियन और पंजाब के लोग पंजाब यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। जिस तरह 10 नवंबर को पंजाब यूनिवर्सिटी में बड़ी रैली हुई थी, उसी तरह पंजाब यूनिवर्सिटी बचाओ मोर्चा द्वारा की जाने वाली किसी भी अगली संघर्ष के कार्यक्रम में यूनियन भाग लेगी। बैठक में अन्य लोगों के अलावा सतवंत सिंह वजीदपुर, डॉ. जरनैल सिंह कालेके, गुरनाम सिंह धंथल, बलजीत सिंह बहबलपुर, पवन कुमार पसियाना, केहर सिंह अरनो, बलजिंदर सिंह ढींडसा आदि शामिल रहे।
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