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नहीं माने किसान: कैप्टन की अपील का नहीं हुआ असर, पटियाला में किसानों का धरना शुरू
Fri, 28 May 2021 02:18 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 28 May 2021 02:18 PM IST
सार
प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने कोरोना की बिगड़ती स्थिति के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
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पटियाला में किसानों का धरना शुरू
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पटियाला के पुडा ग्राउंड में तय कार्यक्रम के मुताबिक शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) का तीन दिवसीय धरना शुरू हो गया। कोविड गाइडलाइंस का पालन करते आयोजित इस धरने में विशेष तौर से पहुंचे यूनियन के प्रदेश महासचिव सुखदेव सिंह कोकरी कलां ने कहा कि कोरोना रोकने के लिए प्रबंध करने में केंद्र व पंजाब सरकारें पूरी तरह से नाकाम रही हैं। नतीजा सबके सामने है अस्पतालों में सैकड़ों लोगों ने इलाज के अभाव में जानें गंवाईं।
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उन्होंने कहा कि पंजाब के 11 हजार गांवों में डॉक्टर नहीं हैं। बाकी स्टाफ की भी भारी कमी है। सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटर हैं, लेकिन इन्हें चलाने के लिए तकनीकी स्टाफ की कमी है। जिस कारण सरकारी अस्पतालों में यह वेंटिलेटर शो पीस बने हैं या फिर प्राइवेट चिकित्सा संस्थानों को दिए जा रहे हैं। यूनियन की मांग है कि कोरोना की इस आपदा को देखते हुए सरकारी खजाने का मुंह खोला जाए और अस्पतालों में स्टाफ की कमी को दूर करने के साथ-साथ जरूरी मेडिकल उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएं।
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कोकरी कलां ने कहा कि पंजाब के ज्यादातर गांवों में न तो वैक्सीनेशन करने और न ही कोविड सैंपलिंग को टीमें पहुंच रही हैं। अब चाहे सरकार दावे जो भी करे। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र व राज्य सरकारें अपनी कमियां छिपाने के लिए दिल्ली मोर्चों में शामिल किसानों पर कोरोना फैलाने के बेबुनियाद आरोप लगा रही हैं। साथ ही उन्होंने प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना मरीजों की हो रही लूट-खसोट को भी रोकने की मांग की। वहीं यूनियन के जिला प्रधान मनजीत सिंह न्याल ने इस मौके पर केंद्र से खेती कानूनों को वापस लेने समेत बिजली संशोधन बिल 2020 वापस लेने और लेबर कानून में किए मजदूर विरोधी संशोधनों को वापस लेने की मांग की।
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तीन जिलों के किसान ले रहे हैं हिस्सा
किसान नेता मनजीत सिंह न्याल ने बताया कि धरने में पटियाला, संगरूर समेत बरनाला जिलों के किसान हिस्सा ले रहे हैं। साथ ही कहा कि 20 हजार लोगों के लिए लगाए टैंट में 2000 किसानों को समाजिक दूरी के नियम को ध्यान में रखकर बिठाया गया है। सभी ने मास्क लगाया है और सैनिटाइजेशन का भी खास ध्यान रखा जा रहा है। शाम को ज्यादातर किसान अपने-अपने घर लौटेंगे। केवल 50 किसानों को धरना स्थल पर रोका जाएगा। जिनके लिए वह लोग लंगर तैयार करेंगे, जिनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव होगी।