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किसानों-मजदूरों ने डीसी दफ्तर घेरा, अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे
संगरूर
Updated Tue, 28 Mar 2017 03:12 PM IST
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संगरूर में डीसी दफ्तर के समक्ष धरना-प्रदर्शन करते किसान।
- फोटो : अमर उजाला
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जलूर में दलितों पर हुए हमले के बाद चल चले संघर्ष के बीच प्रशासन की वादाखिलाफी से भड़के किसान-मजदूरों ने डीसी दफ्तर के सामने अनिश्चितकाल के लिए धरना शुरू कर दिया है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स के तीनों गेट बंद कर दिए। इससे पांच बजे के बाद भी अधिकारियों और मुलाजिमों को अपने दफ्तर में ही बैठना पड़ा।
धरने का नेतृत्व कर रहे भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां के प्रदेशाध्यक्ष जोगिंदर सिंह उग्राहां ने कहा कि जलूर कांड के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय पुलिस उनके बचाव में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने वादा किया था कि इस मामले में पूरी इमानदारी से कार्रवाई की जाएगी लेकिन अब उन्हें प्रशासन से इंसाफ की उम्मीद नहीं रही।
पिछले कई दिनों से प्रशासन से इंसाफ की उम्मीद लगाए बैठे संघर्षशील लोगों के सब्र का बांध टूट चुका है और अब वह आरपार की लड़ाई लड़ेंगे चाहे इसके लिए उन्हें कोई भी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े।
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उन्होंने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते कहा कि कांग्रेस सरकार भी अकाली दल की राह पर चल पड़ी है। उन्होंने धरना देने वालों से अपील की कि वह अपने हक लेने के लिए संघर्ष को और तेज करें।
इस मौके पर यूनियन नेता सुखदेव कोकरी, झंडा सिंह जेठूके, जमीन प्राप्ति संघर्ष कमेटी के नेता मुकेश मलौद, बलविंदर जलूर, पिरथी लौंगोवाल, जोरा नसराली, लछमन सेवेवाल, हरभगवान मूनक, हरमेश, बहाल सिंह, सुरमुख सिंह, परगट सिंह और दलविंदर सिंह मौजूद थे।
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धरने का नेतृत्व कर रहे भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां के प्रदेशाध्यक्ष जोगिंदर सिंह उग्राहां ने कहा कि जलूर कांड के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय पुलिस उनके बचाव में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने वादा किया था कि इस मामले में पूरी इमानदारी से कार्रवाई की जाएगी लेकिन अब उन्हें प्रशासन से इंसाफ की उम्मीद नहीं रही।
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पिछले कई दिनों से प्रशासन से इंसाफ की उम्मीद लगाए बैठे संघर्षशील लोगों के सब्र का बांध टूट चुका है और अब वह आरपार की लड़ाई लड़ेंगे चाहे इसके लिए उन्हें कोई भी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े।
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उन्होंने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते कहा कि कांग्रेस सरकार भी अकाली दल की राह पर चल पड़ी है। उन्होंने धरना देने वालों से अपील की कि वह अपने हक लेने के लिए संघर्ष को और तेज करें।
इस मौके पर यूनियन नेता सुखदेव कोकरी, झंडा सिंह जेठूके, जमीन प्राप्ति संघर्ष कमेटी के नेता मुकेश मलौद, बलविंदर जलूर, पिरथी लौंगोवाल, जोरा नसराली, लछमन सेवेवाल, हरभगवान मूनक, हरमेश, बहाल सिंह, सुरमुख सिंह, परगट सिंह और दलविंदर सिंह मौजूद थे।