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ड्रेन में दरार, किसानों की सैकड़ों एकड़ फसलें बर्बाद
ब्यूरो, अमर उजाला, संगरूर
Updated Sun, 03 Jul 2016 09:40 PM IST
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संगरूर में जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते फसलें डूबने से भड़के किसान।
- फोटो : अमर उजाला
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जिले के गांव लदाल से गुजरते ड्रेन में शनिवार देर रात दरार पड़ गई, जिससे सैकड़ों एकड़ में लगी फसलें बर्बाद हो गईं। इसकी सूचना पाते ही इलाके के लोगों ने पहुंचकर दरार को भरने का काम शुरू कर दिया और इसके लिए प्रशासन को जिम्मेवार ठहराते हुए जमकर नारेबाजी की।
गांव के सरपंच अजैब सिंह, बलजिंदर साबी पंच, सुखचैन सिंह पंच, गुरदास सिंह पंच, गुरजंट सिंह और जसवंत कौर ने कहा कि ड्रेन में पड़ी दरार की वजह से किसानों के लगभग दो सौ एकड़ में लगा धान, नरमा और हरे चारे में पानी भर गया है, जिससे किसानों का काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों को कोसते हुए कहा कि प्रशासन ने इस ड्रेन की समय रहते सफाई नहीं की। ड्रेन में गाजर बूटी के अलावा झाड़ियां और घास फूस बड़ी मात्रा में है जिससे पानी का निकास नहीं हो पा रहा।
उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन मानसून से पहले ड्रेन की सफाई करवाता तो शायद किसानों को नुकसान नहीं उठाना पड़ता। उन्होंने कहा कि रजवाहे में दरार पड़ने की सूचना देने के बावजूद संबंधित विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। रविवार सुबह जैसे ही इसकी सूचना लोगों को लगी तो वह तुरंत मौके पर पहुंचे और दरार को भर दिया। उन्होंने मांग की कि प्रशासन ड्रेन की सफाई करवाए ताकि भविष्य में किसानों को इस तरह की स्थिति का सामना नहीं करना पड़े।
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गांव के सरपंच अजैब सिंह, बलजिंदर साबी पंच, सुखचैन सिंह पंच, गुरदास सिंह पंच, गुरजंट सिंह और जसवंत कौर ने कहा कि ड्रेन में पड़ी दरार की वजह से किसानों के लगभग दो सौ एकड़ में लगा धान, नरमा और हरे चारे में पानी भर गया है, जिससे किसानों का काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों को कोसते हुए कहा कि प्रशासन ने इस ड्रेन की समय रहते सफाई नहीं की। ड्रेन में गाजर बूटी के अलावा झाड़ियां और घास फूस बड़ी मात्रा में है जिससे पानी का निकास नहीं हो पा रहा।
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उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन मानसून से पहले ड्रेन की सफाई करवाता तो शायद किसानों को नुकसान नहीं उठाना पड़ता। उन्होंने कहा कि रजवाहे में दरार पड़ने की सूचना देने के बावजूद संबंधित विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। रविवार सुबह जैसे ही इसकी सूचना लोगों को लगी तो वह तुरंत मौके पर पहुंचे और दरार को भर दिया। उन्होंने मांग की कि प्रशासन ड्रेन की सफाई करवाए ताकि भविष्य में किसानों को इस तरह की स्थिति का सामना नहीं करना पड़े।
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