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सफेद मक्खी से बर्बाद फसल के मुआवजे में घोटाला
ब्यूरो,अमर उजाला/संगरूर
Updated Thu, 22 Sep 2016 10:18 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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पिछले साल सफेद मक्खी से किसानों की बर्बाद हुई फसल के मुआवजे में घोटाला करने के आरोप में विजिलेंस विभाग ने सुनाम के तहसीलदार, कानूनगो और एक पटवारी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
विजिलेंस ब्यूरो के संगरूर यूनिट के एसपी प्रीतीपाल सिंह ने बताया कि जिले के कुछ किसानों की नरमे की फसल सफेद मक्खी के कहर से बर्बाद हो गई थी। उसके मुआवजे में हुए घोटाले की शिकायतें आई थी। इसकी विजिलेंस द्वारा 4 दिसंबर 2015 को जांच शुरू की थी। जांच के बाद यह सामने आया कि हलका रटौलां के माल पटवारी गुरइंद्रजीत सिंह ने रोजनामचा में रपट डालकर 13 सितंबर 2015 से 15 सितंबर 2015 तक स्पेशल गिरदावरी की गई।
उन्होंने बताया कि इस पटवारी ने नरमे के खेतों में जाने के बजाय गांव में बस स्टैंड पर बैठकर रिपोर्ट तैयार कर दी। उन्होंने बताया कि चौबीस व्यक्तियों के नाम पर स्पेशल गिरदावरी करने के बाद असेसमेंट करके अदायगी की रिपोर्ट तैयार करके उक्त पटवारी ने दर्शन सिंह फील्ड कानूनगो छाजली को पड़ताल और अगली कार्रवाई करने के लिए रिपोर्ट पेश कर दी। दर्शन सिंह कानूनगो ने आगे सुनाम के तहसीलदार सुशील कुमार शर्मा को यह रिपोर्ट भेज दी।
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इसमें उन किसानों के नाम शामिल किए गए थे जिन्होंने अपने खेतों में नरमे की काश्त की ही नहीं थी और इन्होंने नरमे के नुकसान संबंधी क्लेम हासिल कर लिया जो लाखों में बनता है। सुशील कुमार शर्मा तहसीलदार द्वारा किसानों को मुआवजे के चेक गलत जारी करके सरकार को काफी वित्तीय नुकसान पहुंचाया है।
एसपी ने बताया कि मामले की जांच के बाद सुनाम के तहसीलदार सुशील कुमार, छाजली के फील्ड कानूनगो दर्शन सिंह और पटवारी गुरइंद्रजीत सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं तहत थाना विजिलेंस ब्यूरो पटियाला में दर्ज किया गया है।
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विजिलेंस ब्यूरो के संगरूर यूनिट के एसपी प्रीतीपाल सिंह ने बताया कि जिले के कुछ किसानों की नरमे की फसल सफेद मक्खी के कहर से बर्बाद हो गई थी। उसके मुआवजे में हुए घोटाले की शिकायतें आई थी। इसकी विजिलेंस द्वारा 4 दिसंबर 2015 को जांच शुरू की थी। जांच के बाद यह सामने आया कि हलका रटौलां के माल पटवारी गुरइंद्रजीत सिंह ने रोजनामचा में रपट डालकर 13 सितंबर 2015 से 15 सितंबर 2015 तक स्पेशल गिरदावरी की गई।
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उन्होंने बताया कि इस पटवारी ने नरमे के खेतों में जाने के बजाय गांव में बस स्टैंड पर बैठकर रिपोर्ट तैयार कर दी। उन्होंने बताया कि चौबीस व्यक्तियों के नाम पर स्पेशल गिरदावरी करने के बाद असेसमेंट करके अदायगी की रिपोर्ट तैयार करके उक्त पटवारी ने दर्शन सिंह फील्ड कानूनगो छाजली को पड़ताल और अगली कार्रवाई करने के लिए रिपोर्ट पेश कर दी। दर्शन सिंह कानूनगो ने आगे सुनाम के तहसीलदार सुशील कुमार शर्मा को यह रिपोर्ट भेज दी।
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इसमें उन किसानों के नाम शामिल किए गए थे जिन्होंने अपने खेतों में नरमे की काश्त की ही नहीं थी और इन्होंने नरमे के नुकसान संबंधी क्लेम हासिल कर लिया जो लाखों में बनता है। सुशील कुमार शर्मा तहसीलदार द्वारा किसानों को मुआवजे के चेक गलत जारी करके सरकार को काफी वित्तीय नुकसान पहुंचाया है।
एसपी ने बताया कि मामले की जांच के बाद सुनाम के तहसीलदार सुशील कुमार, छाजली के फील्ड कानूनगो दर्शन सिंह और पटवारी गुरइंद्रजीत सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं तहत थाना विजिलेंस ब्यूरो पटियाला में दर्ज किया गया है।