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पंजाब, चंडीगढ़ में सक्रिय अंतर्राज्यीय लुटेरा गिरोह बेनकाब, छह गिरफ्तार
ब्यूरो, अमर उजाला, पटियाला
Updated Tue, 19 Jul 2016 10:11 PM IST
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पटियाला में गिरफ्तार किए गए लुटेरों से बरामद असलहे दिखाते पुलिस अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब व चंडीगढ़ में सक्रिय एक अंतर्राज्यीय लुटेरा गिरोह को पटियाला पुलिस ने मंगलवार को पकड़ा है। इस गिरोह में कई इनामी और पुलिस से भगोडे़ शामिल हैं, जिनमें से छह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पिछले सात महीनों में इस गिरोह ने लूटपाट, कत्ल, फिरौती, मारपीट की 21 वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस के मुताबिक गिरोह के और साथियों के पकडे़ जाने से पंजाब और चंडीगढ़ में हुई लूटपाट समेत और कई वारदातों के बारे में अहम खुलासे होने की संभावना है।
आईजी पटियाला जोन परमराज सिंह उमरानंगल ने मंगलवार को पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकारों को बताया कि एसएसपी गुरमीत सिंह चौहान की अगुवाई में पटियाला पुलिस ने हथियारों के दम पर हाईवे पर लग्जरी कारें लूटने वाले, कैश कलेक्शन सेंटरों पर लूटपाट करने, फिरौती लेने व फिरौती न मिलने पर कत्ल करने, एटीएम तोड़ने और पुलिस हिरासत से अपने साथियों को छुड़ाकर विरोधियों को दिनदहाड़े गोलियां मारने वाले बड़े गिरोह को बेनकाब करते हुए इसके पांच मेंबरों को काबू कर लिया। आरोपियों के पास से भारी मात्रा में हथियारों समेत लूटी पांच लग्जरी गाड़ियां, एक मोटरसाइकिल बरामद किया गया है। यह गैंग किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में था।
मंगलवार को इस गैंग के मेंबरों के नीलपुर राजपुरा में एक कोठी में इकट्ठा होने के बारे में जैसे ही पटियाला पुलिस को गुप्त सूचना मिली, तो आरोपियों के खिलाफ थाना सिटी राजपुरा में विभिन्न धाराओं तहत केस दर्ज करके गिरोह के इस ठिकाने को चारों तरफ से घेर कर अंदर प्लान बना रहे पांचों हथियारबंद गैंग मेंबरों कंवर रणदीप सिंह निवासी बारन थाना त्रिपड़ी पटियाला, गुरप्रीत सिंह गोपी निवासी बीरोवाल जिला नवांशहर, सुरिंदर सिंह निवासी मुलेवाल राइया थाना शाहकोट जिला जालंधर, जतिंदर सिंह निवासी गांव खासियां थाना सन्नौर जिला पटियाला, गुरचरन सिंह रूपी निवासी गांव माजरी जटां जिला रोपड़ को काबू करके गिरफ्तार कर लिया गया।
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गिरोह के एक अन्य मेंबर अमरीक सिंह उर्फ विकी मराडो ने राजपुरा की सेटिन क्रेडिट केयर नेटवर्क कंपनी में से अपने उक्त हथियारबंद साथियों के साथ दो लाख की लूट की थी। उसको भी गिरफ्तार किया जा चुका है। यह विक्की मराडो लुधियाना में हुए एक कत्ल केस और अन्य जुर्मों में भगोड़ा था। इस गैंग को विदेशों से फंडिंग होती रही है। गैंग के पकड़े मेंबरों से एक एक रिवाल्वर 38 बोर समेत 10 कारतूस, एक पिस्टल 32 बोर समत छह कारतूस, एक सिंगल बैरल 12 बोर समेत पांच कारतूस, एक रिवाल्वर 32 बोर समेत सात कारतूस, एक राड, पांच कारतूस 12 बोर, एक पिस्टल 315 बोर समेत दो कारतूस बरामद किए गए हैं।
यूपी, हरियाणा, चंडीगढ़, मोहाली में बना रखे थे छिपने के ठिकाने
अंतर्राज्यीय लुटेरा गिरोह ने किराये के मकान लेकर हरियाणा, यूपी, चंडीगढ़ और मोहाली में अपने छिपने के ठिकाने बना रखे थे। वारदात करने के बाद गैंग के मेंबर स्टूडेंट्स का वेश धर लेते थे और अपने छिपने के ठिकानों पर चले जाते थे। इन्हीं ठिकानों पर वे लूटी गाड़ियां भी छिपाकर रखते थे। कई बार वे लूटे वाहनों को पब्लिक पार्किंग में ही खड़ा कर देते थे, ताकि किसी को शक न हो। बाद में सुविधा के मुताबिक दूसरा मेंबर गाड़ी हासिल कर लेता था। यह खुलासा गैंग के पकड़े आरोपियों से पूछताछ के बाद हुआ है।
जानकारी के मुताबिक गैंग का मुख्य सरगना गुरप्रीत सिंह गोपी का पिता सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल है। गोपी बीए फर्स्ट ईयर में पढ़ते हुए जुर्म की दुनिया में दाखिल हो गया था। इसके खिलाफ पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ स्टूडेंट यूनियन के प्रधान पर कातिलाना हमले के केस में पुलिस की ओर से 50 हजार का ईनाम घोषित किया हुआ है। दूसरा आरोपी सुरिंदर सिंह मंगा साल 2009 में जुर्म की दुनिया में दाखिल हुआ था। उसने साल 2008 में अपने आठ साथियों के साथ मिलकर जालंधर के बहुचर्चित मिकी अगवा कांड को अंजाम दिया था और छोड़ने बदले एक करोड़ की फिरौती मांगी थी। इस केस की सजा दौरान पेरोल पर बाहर आने के बाद वह भगोड़ा हो गया था।
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आईजी पटियाला जोन परमराज सिंह उमरानंगल ने मंगलवार को पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकारों को बताया कि एसएसपी गुरमीत सिंह चौहान की अगुवाई में पटियाला पुलिस ने हथियारों के दम पर हाईवे पर लग्जरी कारें लूटने वाले, कैश कलेक्शन सेंटरों पर लूटपाट करने, फिरौती लेने व फिरौती न मिलने पर कत्ल करने, एटीएम तोड़ने और पुलिस हिरासत से अपने साथियों को छुड़ाकर विरोधियों को दिनदहाड़े गोलियां मारने वाले बड़े गिरोह को बेनकाब करते हुए इसके पांच मेंबरों को काबू कर लिया। आरोपियों के पास से भारी मात्रा में हथियारों समेत लूटी पांच लग्जरी गाड़ियां, एक मोटरसाइकिल बरामद किया गया है। यह गैंग किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में था।
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मंगलवार को इस गैंग के मेंबरों के नीलपुर राजपुरा में एक कोठी में इकट्ठा होने के बारे में जैसे ही पटियाला पुलिस को गुप्त सूचना मिली, तो आरोपियों के खिलाफ थाना सिटी राजपुरा में विभिन्न धाराओं तहत केस दर्ज करके गिरोह के इस ठिकाने को चारों तरफ से घेर कर अंदर प्लान बना रहे पांचों हथियारबंद गैंग मेंबरों कंवर रणदीप सिंह निवासी बारन थाना त्रिपड़ी पटियाला, गुरप्रीत सिंह गोपी निवासी बीरोवाल जिला नवांशहर, सुरिंदर सिंह निवासी मुलेवाल राइया थाना शाहकोट जिला जालंधर, जतिंदर सिंह निवासी गांव खासियां थाना सन्नौर जिला पटियाला, गुरचरन सिंह रूपी निवासी गांव माजरी जटां जिला रोपड़ को काबू करके गिरफ्तार कर लिया गया।
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गिरोह के एक अन्य मेंबर अमरीक सिंह उर्फ विकी मराडो ने राजपुरा की सेटिन क्रेडिट केयर नेटवर्क कंपनी में से अपने उक्त हथियारबंद साथियों के साथ दो लाख की लूट की थी। उसको भी गिरफ्तार किया जा चुका है। यह विक्की मराडो लुधियाना में हुए एक कत्ल केस और अन्य जुर्मों में भगोड़ा था। इस गैंग को विदेशों से फंडिंग होती रही है। गैंग के पकड़े मेंबरों से एक एक रिवाल्वर 38 बोर समेत 10 कारतूस, एक पिस्टल 32 बोर समत छह कारतूस, एक सिंगल बैरल 12 बोर समेत पांच कारतूस, एक रिवाल्वर 32 बोर समेत सात कारतूस, एक राड, पांच कारतूस 12 बोर, एक पिस्टल 315 बोर समेत दो कारतूस बरामद किए गए हैं।
यूपी, हरियाणा, चंडीगढ़, मोहाली में बना रखे थे छिपने के ठिकाने
अंतर्राज्यीय लुटेरा गिरोह ने किराये के मकान लेकर हरियाणा, यूपी, चंडीगढ़ और मोहाली में अपने छिपने के ठिकाने बना रखे थे। वारदात करने के बाद गैंग के मेंबर स्टूडेंट्स का वेश धर लेते थे और अपने छिपने के ठिकानों पर चले जाते थे। इन्हीं ठिकानों पर वे लूटी गाड़ियां भी छिपाकर रखते थे। कई बार वे लूटे वाहनों को पब्लिक पार्किंग में ही खड़ा कर देते थे, ताकि किसी को शक न हो। बाद में सुविधा के मुताबिक दूसरा मेंबर गाड़ी हासिल कर लेता था। यह खुलासा गैंग के पकड़े आरोपियों से पूछताछ के बाद हुआ है।
जानकारी के मुताबिक गैंग का मुख्य सरगना गुरप्रीत सिंह गोपी का पिता सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल है। गोपी बीए फर्स्ट ईयर में पढ़ते हुए जुर्म की दुनिया में दाखिल हो गया था। इसके खिलाफ पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ स्टूडेंट यूनियन के प्रधान पर कातिलाना हमले के केस में पुलिस की ओर से 50 हजार का ईनाम घोषित किया हुआ है। दूसरा आरोपी सुरिंदर सिंह मंगा साल 2009 में जुर्म की दुनिया में दाखिल हुआ था। उसने साल 2008 में अपने आठ साथियों के साथ मिलकर जालंधर के बहुचर्चित मिकी अगवा कांड को अंजाम दिया था और छोड़ने बदले एक करोड़ की फिरौती मांगी थी। इस केस की सजा दौरान पेरोल पर बाहर आने के बाद वह भगोड़ा हो गया था।