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हत्या का आरोप साबित, अब उम्र कटेगी जेल में
रोपड़
Updated Sat, 04 Mar 2017 03:07 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : डेमो फोटो
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जिला अदालत ने हत्या मामले में एक व्यक्ति को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई और दोषी को चालीस हजार रुपये जुर्माना किया है।
चमकौर साहिब पुलिस थाने के गांव पिपल माजरा के गुरमुख सिंह की 9 जुलाई 2015 को हत्या कर दी गई थी। जमीनी विवाद के कारण इस हत्या के कारण चमकौर साहिब पुलिस को दर्शन सिंह पुत्र अजीत सिंह निवासी फतेहपुर बेट ने बयान दिए थे कि उसके ससुर ने उसे कई बार बताया कि यह लोग उसे जान से मारने की धमकियां दे चुके हैं।
नौ जुलाई 2015 की शाम वह और उसका ससुर चमकौर साहिब किसी काम के लिए गए हुए थे। सायं साढ़े छह बजे जब उसका ससुर आगे साइकिल पर जा रहा था तो उसके ससुर को रास्ते में रोककर गुरप्रीत सिंह ने गर्दन पर गंडासे से वार किया। इसके बाद रणजीत सिंह ने कृपाण से उसके ससुर के शरीर पर वार किए। दर्शन सिंह ने बताया कि वो मोटरसाइकिल के पीछे आ रहा था और ये वारदात देखकर उसने शोर मचाया।
उसके शोर मचाने पर लोग इकट्ठे हो गए और हमलावर वहां से भाग निकले। मौके पर ही उसके ससुर गुरमुख सिंह की मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने गुरप्रीत सिंह, रणजीत सिंह,जगतार सिंह तथा नेतर सिंह के खिलाफ अदालत में चालान पेश हुआ।
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पड़ताल में आरोपी जगतार सिंह को बेकसूर पाया गया। अदालत ने रणजीत सिंह और नेतर सिंह को मामले में सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। गुरप्रीत सिंह को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
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चमकौर साहिब पुलिस थाने के गांव पिपल माजरा के गुरमुख सिंह की 9 जुलाई 2015 को हत्या कर दी गई थी। जमीनी विवाद के कारण इस हत्या के कारण चमकौर साहिब पुलिस को दर्शन सिंह पुत्र अजीत सिंह निवासी फतेहपुर बेट ने बयान दिए थे कि उसके ससुर ने उसे कई बार बताया कि यह लोग उसे जान से मारने की धमकियां दे चुके हैं।
नौ जुलाई 2015 की शाम वह और उसका ससुर चमकौर साहिब किसी काम के लिए गए हुए थे। सायं साढ़े छह बजे जब उसका ससुर आगे साइकिल पर जा रहा था तो उसके ससुर को रास्ते में रोककर गुरप्रीत सिंह ने गर्दन पर गंडासे से वार किया। इसके बाद रणजीत सिंह ने कृपाण से उसके ससुर के शरीर पर वार किए। दर्शन सिंह ने बताया कि वो मोटरसाइकिल के पीछे आ रहा था और ये वारदात देखकर उसने शोर मचाया।
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उसके शोर मचाने पर लोग इकट्ठे हो गए और हमलावर वहां से भाग निकले। मौके पर ही उसके ससुर गुरमुख सिंह की मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने गुरप्रीत सिंह, रणजीत सिंह,जगतार सिंह तथा नेतर सिंह के खिलाफ अदालत में चालान पेश हुआ।
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पड़ताल में आरोपी जगतार सिंह को बेकसूर पाया गया। अदालत ने रणजीत सिंह और नेतर सिंह को मामले में सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। गुरप्रीत सिंह को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।