{"_id":"6982666424e03cf57701a12b","slug":"chandigarh-launches-new-school-cleanliness-initiative-rankings-to-be-issued-for-government-and-private-schools-patiala-news-c-16-pkl1091-940277-2026-02-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Patiala News: चंडीगढ़ में स्कूलों की स्वच्छता को लेकर नई पहल शुरू, सरकारी और निजी स्कूलों को जारी होगी रैकिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Patiala News: चंडीगढ़ में स्कूलों की स्वच्छता को लेकर नई पहल शुरू, सरकारी और निजी स्कूलों को जारी होगी रैकिंग
विज्ञापन
चंडीगढ़। नगर निगम ने सेक्टर 38 के रानी लक्ष्मीबाई भवन में मंगलवार को स्वच्छ स्कूल प्रतियोगिता की शुरुआत की। इस पहल का उद्देश्य स्कूलों में साफ सफाई और स्वास्थ्य से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत करना है ताकि बच्चों में स्वच्छता की आदतें शुरू से ही विकसित हों।
प्रतियोगिता में सरकारी स्कूलों की प्रतिस्पर्धा सरकारी स्कूलों से और निजी स्कूलों की प्रतिस्पर्धा निजी स्कूलों से कराई जाएगी। इसकी रैकिंग भी जारी होगी। इस प्रतियोगिता के तहत सभी स्कूलों को पहले स्वयं अपनी व्यवस्थाओं का आकलन करना होगा। तय किए गए मानकों के आधार पर स्कूल खुद को अंक देंगे। इसके बाद नगर निगम की टीम इन अंकों की जांच करेगी। जिस स्कूल को सबसे अधिक अंक प्राप्त होंगे उसे प्रथम स्थान दिया जाएगा। प्रतियोगिता के नतीजे रोज फेस्टिवल से पहले घोषित किए जाएंगे।
कार्यक्रम में मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि स्कूल स्वच्छ और जिम्मेदार समाज की सबसे मजबूत नींव होते हैं। साफ सफाई की आदतें बचपन से ही बनती हैं। प्रेरणा पुरी आईएएस सचिव शिक्षा चंडीगढ़ प्रशासन ने कहा कि स्कूल केवल पढ़ाई का ही नहीं बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास का केंद्र होते हैं। स्वच्छ सुरक्षित और स्वास्थ्यपूर्ण वातावरण प्रभावी शिक्षा के लिए जरूरी है।
विज्ञापन
स्कूलों के लिए छह बिंदु तय किए गए
नगर निगम की ओर से स्कूलों के लिए छह प्रमुख बिंदु तय किए गए हैं। इनमें स्कूल परिसर की साफ सफाई, कूड़े को वहीं अलग अलग करना, डस्टबिन की उपलब्धता, स्कूल परिसर में ही खाद बनाने की व्यवस्था, शौचालयों की स्थिति और बच्चों में स्वच्छता को लेकर जागरूकता कार्यक्रम शामिल हैं। इस पूरी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए नगर निगम ने एक क्यूआर कोड जारी किया है। इसे स्कैन करने पर स्कूलों के सामने करीब दस विषयों से जुड़े बीस सवाल आएंगे जिनके आधार पर उन्हें अंक देने होंगे। सभी स्कूलों को 15 फरवरी से पहले फॉर्म भरना अनिवार्य होगा। इसके बाद जिन स्कूलों को 50 से अधिक अंक मिलेंगे वहां नगर निगम की टीम मौके पर जाकर जांच करेगी।
खेल का मैदान भी साफ रखना होगा
तकनीकी सत्र में यह स्पष्ट किया गया कि मूल्यांकन केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं रहेगा। स्कूलों के गलियारे और खेल मैदान भी साफ रखने होंगे। स्कूल से निकलने वाले कूड़े का वहीं पृथक्करण करना जरूरी होगा। कक्षाओं गलियारों और खेल मैदानों में पर्याप्त डस्टबिन रखने होंगे। इसके साथ ही बागवानी से निकलने वाले कचरे से स्कूल परिसर में ही खाद बनानी होगी और शौचालयों की नियमित सफाई सुनिश्चित करनी होगी।
विज्ञापन
प्रतियोगिता में सरकारी स्कूलों की प्रतिस्पर्धा सरकारी स्कूलों से और निजी स्कूलों की प्रतिस्पर्धा निजी स्कूलों से कराई जाएगी। इसकी रैकिंग भी जारी होगी। इस प्रतियोगिता के तहत सभी स्कूलों को पहले स्वयं अपनी व्यवस्थाओं का आकलन करना होगा। तय किए गए मानकों के आधार पर स्कूल खुद को अंक देंगे। इसके बाद नगर निगम की टीम इन अंकों की जांच करेगी। जिस स्कूल को सबसे अधिक अंक प्राप्त होंगे उसे प्रथम स्थान दिया जाएगा। प्रतियोगिता के नतीजे रोज फेस्टिवल से पहले घोषित किए जाएंगे।
विज्ञापन
कार्यक्रम में मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि स्कूल स्वच्छ और जिम्मेदार समाज की सबसे मजबूत नींव होते हैं। साफ सफाई की आदतें बचपन से ही बनती हैं। प्रेरणा पुरी आईएएस सचिव शिक्षा चंडीगढ़ प्रशासन ने कहा कि स्कूल केवल पढ़ाई का ही नहीं बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास का केंद्र होते हैं। स्वच्छ सुरक्षित और स्वास्थ्यपूर्ण वातावरण प्रभावी शिक्षा के लिए जरूरी है।
विज्ञापन
स्कूलों के लिए छह बिंदु तय किए गए
नगर निगम की ओर से स्कूलों के लिए छह प्रमुख बिंदु तय किए गए हैं। इनमें स्कूल परिसर की साफ सफाई, कूड़े को वहीं अलग अलग करना, डस्टबिन की उपलब्धता, स्कूल परिसर में ही खाद बनाने की व्यवस्था, शौचालयों की स्थिति और बच्चों में स्वच्छता को लेकर जागरूकता कार्यक्रम शामिल हैं। इस पूरी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए नगर निगम ने एक क्यूआर कोड जारी किया है। इसे स्कैन करने पर स्कूलों के सामने करीब दस विषयों से जुड़े बीस सवाल आएंगे जिनके आधार पर उन्हें अंक देने होंगे। सभी स्कूलों को 15 फरवरी से पहले फॉर्म भरना अनिवार्य होगा। इसके बाद जिन स्कूलों को 50 से अधिक अंक मिलेंगे वहां नगर निगम की टीम मौके पर जाकर जांच करेगी।
खेल का मैदान भी साफ रखना होगा
तकनीकी सत्र में यह स्पष्ट किया गया कि मूल्यांकन केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं रहेगा। स्कूलों के गलियारे और खेल मैदान भी साफ रखने होंगे। स्कूल से निकलने वाले कूड़े का वहीं पृथक्करण करना जरूरी होगा। कक्षाओं गलियारों और खेल मैदानों में पर्याप्त डस्टबिन रखने होंगे। इसके साथ ही बागवानी से निकलने वाले कचरे से स्कूल परिसर में ही खाद बनानी होगी और शौचालयों की नियमित सफाई सुनिश्चित करनी होगी।