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काली झंडियां लेकर किया रोष प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला
Updated Wed, 13 Jan 2016 03:14 PM IST
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बेरोजगार लाइनमैनों व उनके परिवारों ने मंगलवार को पावरकाम हेडआफिस के सामने काली झंडियां लेकर रोष प्रदर्शन किया। इस मौके पर यूनियन ने चेतावनी दी कि जब तक सभी बेरोजगार लाइनमैनों को नियुक्ति पत्र जारी नहीं होते हैं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
रोष प्रदर्शन दौरान सरकार के साथ-साथ पावरकाम चेयरमैन के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की गई। उधर यूनियन के प्रदेश प्रधान पिरमल सिंह का मरणव्रत मंगलवार को छठे दिन में प्रवेश कर गया।
प्रदेश सलाहकार सोमा सिंह और प्रदेश खजांची भोला सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने अपने पिछले कार्यकाल दौरान 22 अगस्त 2010 को पावरकाम अंदर 5000 लाइनमैन 10 दिनो में भर्ती करने का वादा किया था। लेकिन पांच साल बीत जाने के बाद भी सीएम की ओर से किया वादा पूरा नहीं किया गया। सीएम को कई बार बैठकें करके किया वादा याद करवा चुके हैं।
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सीएम से आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। जिससे परेशान होकर बेरोजगार लाइनमैनों को मरणव्रत का रास्ता अपनाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार व पावरकाम मैनेजमेंट एक तरफ 40 हजार के करीब पद भरने की बात कर रहा है।
दूसरी तरफ बेरोजगार लाइनमैन पिछले पांच सालों से रहते 4000 लाइनमैनों के नियुक्ति पत्रों की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। सरकार बेरोजगार लाइनमैनों को रोजगार देने की बजाय उन पर अत्याचार कर रही है।
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रोष प्रदर्शन दौरान सरकार के साथ-साथ पावरकाम चेयरमैन के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की गई। उधर यूनियन के प्रदेश प्रधान पिरमल सिंह का मरणव्रत मंगलवार को छठे दिन में प्रवेश कर गया।
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प्रदेश सलाहकार सोमा सिंह और प्रदेश खजांची भोला सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने अपने पिछले कार्यकाल दौरान 22 अगस्त 2010 को पावरकाम अंदर 5000 लाइनमैन 10 दिनो में भर्ती करने का वादा किया था। लेकिन पांच साल बीत जाने के बाद भी सीएम की ओर से किया वादा पूरा नहीं किया गया। सीएम को कई बार बैठकें करके किया वादा याद करवा चुके हैं।
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सीएम से आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। जिससे परेशान होकर बेरोजगार लाइनमैनों को मरणव्रत का रास्ता अपनाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार व पावरकाम मैनेजमेंट एक तरफ 40 हजार के करीब पद भरने की बात कर रहा है।
दूसरी तरफ बेरोजगार लाइनमैन पिछले पांच सालों से रहते 4000 लाइनमैनों के नियुक्ति पत्रों की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। सरकार बेरोजगार लाइनमैनों को रोजगार देने की बजाय उन पर अत्याचार कर रही है।