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सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे बेरोजगार बीएड अध्यापक
ब्यूरो, अमर उजाला, पटियाला
Updated Mon, 16 May 2016 02:58 PM IST
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पटियाला में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते बीएड बेरोजगार।
- फोटो : अमर उजाला
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सरकार के खिलाफ गुस्साए बीएड टेट पास बेरोजगार अध्यापक यूनियन ने बस स्टैंड के पास बत्तियों वाला चौक पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। इससे पहले यूनियन ने नेहरू पार्क में रोष रैली करने के बाद प्रमुख बाजारों में सरकार के खिलाफ रोष मार्च निकाला। मौके पर आठ मई को बठिंडा में किए गए प्रदर्शन के दौरान सरकार की ओर से टेट पास बेरोजगार बीएड अध्यापकों पर की गई जबरदस्ती का विरोध किया गया। साथ ही आठ माह की बच्ची जपनीत कौर की मौत के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया गया।
जत्थेबंदी के प्रदेश प्रधान रघुवीर सिंह, जिला प्रधान शाम कुकार ने कहा कि सरकार की शर्तों के मुताबिक टेट पास करने के बावजूद नौकरियां न मिलने के कारण 2000 से अधिक बेरोजगार अध्यापक ओवरएज हो चुके हैं। अब तक के कार्यकाल के दौरान सरकार ने केवल नाममात्र 4100 अध्यापकों की भर्ती की है। दूसरी तरफ पांच साल के लंबे समय में शिक्षा विभाग में 40 हजार से अधिक अध्यापकों के पद खाली पड़े हैं। इनपर भर्ती का केवल दावा किया जा रहा है लेकिन ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
सरकार बेरोजगार को नौकरियां देने की झूठी बयानवाजी करके उन्हें केवल बेवकूफ बना रही है। मौके पर यूनियन ने नवंबर 2015 में मास्टर कैडर के विभिन्न विषयों की निकाली गई 6050 पदों की गिनती बढ़ाकर कम से कम 20 हजार करने, विषयवार परीक्षा जल्द लेकर भर्ती प्रक्रिया को जल्द पूरा करने, पीड़ित परिवार को मुआवजा देने और बच्ची की मौत के लिए जिम्मेदार पुलिस अफसरों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की। यदि सरकार ने यूनियन की मांगें जल्द न मानीं तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
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जत्थेबंदी के प्रदेश प्रधान रघुवीर सिंह, जिला प्रधान शाम कुकार ने कहा कि सरकार की शर्तों के मुताबिक टेट पास करने के बावजूद नौकरियां न मिलने के कारण 2000 से अधिक बेरोजगार अध्यापक ओवरएज हो चुके हैं। अब तक के कार्यकाल के दौरान सरकार ने केवल नाममात्र 4100 अध्यापकों की भर्ती की है। दूसरी तरफ पांच साल के लंबे समय में शिक्षा विभाग में 40 हजार से अधिक अध्यापकों के पद खाली पड़े हैं। इनपर भर्ती का केवल दावा किया जा रहा है लेकिन ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
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सरकार बेरोजगार को नौकरियां देने की झूठी बयानवाजी करके उन्हें केवल बेवकूफ बना रही है। मौके पर यूनियन ने नवंबर 2015 में मास्टर कैडर के विभिन्न विषयों की निकाली गई 6050 पदों की गिनती बढ़ाकर कम से कम 20 हजार करने, विषयवार परीक्षा जल्द लेकर भर्ती प्रक्रिया को जल्द पूरा करने, पीड़ित परिवार को मुआवजा देने और बच्ची की मौत के लिए जिम्मेदार पुलिस अफसरों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की। यदि सरकार ने यूनियन की मांगें जल्द न मानीं तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
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