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एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगने के बाद बच्चे की मौत
समाना।
Updated Thu, 06 Mar 2014 11:24 AM IST
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सिविल अस्पताल में एंटी रैबीज के टीके लगाने के बाद एक बच्चे समेत पांच लोगों की हालत बिगड़ गई। उनकी हालात को देखते अस्पताल प्रशासन ने उन्हें तुरंत अस्पताल में तैनात डाक्टरों के निजी वाहनों से पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में पहुंचाने का प्रबंध किया।
पटियाला ले जाते समय दस वर्षीय अंकित की रास्ते में ही की मौत हो गई। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को रोजाना की तरह गांव नूरपुरा निवासी दस वर्षीय अंकित, गांव आलमपुर के राज सिंह (25) पुत्र प्रेम सिंह, गांव बंमना की कर्मजीत कौर (30), जरनैल सिंह (65), अमनदीप कौर (25) और गांव कुतबनपुर के बलवीर सिंह एंटी रैबीज के टीके लगवाने आए थे।
टीके लगाने के बाद अचानक उनकी हालत बिगड़ने लगी। इसे देखते बलवीर सिंह ने टीकालगवाने से मना कर दिया। टीके लगाने के बाद लोगों की तबियत बिगड़ने की बात जब अस्पताल के एसएमओ डा. राजपाल सिंह के पास पहुंची तो उन्होंने तुरंत बाकी लोगों को टीके लगाने से मना कर दिया।
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अस्पताल में 108 एंबुलेंस डिलीवरी केसों में व्यस्त होने के कारण डा. राजपाल सिंह ने अस्पताल के डाक्टरों के निजी वाहनों से मरीजों क ो पटियाला के राजिंदरा अस्पताल रवाना किया।
डॉ. राजपाल सिंह ने बताया कि ये लोग नियमित तौर पर टीके लगवाने के लिए अस्पताल आ रहे थे। इनमें से कई लोगों को कई टीके लग भी चुके हैं। उन्होंने बताया शुरूआती जांच में पता चला है कि लगाए गए टीके एक्सपाइरी डेट के भी नही थे। हालत बिगड़ने के पीछे क्या कारण है इसे जानने के लिए एक टीम का गठन किया गया है। वहीं घटना की शिवसेना हिंदोस्तान ने निंदा की है।
उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते कहा कि अस्पताल के डाक्टरों ने मरीजों का इलाज करने के स्थान पर उन्हें पटियाला रेफर कर दिया। सही समय पर इलाज न मिलने के कारण बच्चे की मौत हो गई।
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पटियाला ले जाते समय दस वर्षीय अंकित की रास्ते में ही की मौत हो गई। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को रोजाना की तरह गांव नूरपुरा निवासी दस वर्षीय अंकित, गांव आलमपुर के राज सिंह (25) पुत्र प्रेम सिंह, गांव बंमना की कर्मजीत कौर (30), जरनैल सिंह (65), अमनदीप कौर (25) और गांव कुतबनपुर के बलवीर सिंह एंटी रैबीज के टीके लगवाने आए थे।
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टीके लगाने के बाद अचानक उनकी हालत बिगड़ने लगी। इसे देखते बलवीर सिंह ने टीकालगवाने से मना कर दिया। टीके लगाने के बाद लोगों की तबियत बिगड़ने की बात जब अस्पताल के एसएमओ डा. राजपाल सिंह के पास पहुंची तो उन्होंने तुरंत बाकी लोगों को टीके लगाने से मना कर दिया।
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अस्पताल में 108 एंबुलेंस डिलीवरी केसों में व्यस्त होने के कारण डा. राजपाल सिंह ने अस्पताल के डाक्टरों के निजी वाहनों से मरीजों क ो पटियाला के राजिंदरा अस्पताल रवाना किया।
डॉ. राजपाल सिंह ने बताया कि ये लोग नियमित तौर पर टीके लगवाने के लिए अस्पताल आ रहे थे। इनमें से कई लोगों को कई टीके लग भी चुके हैं। उन्होंने बताया शुरूआती जांच में पता चला है कि लगाए गए टीके एक्सपाइरी डेट के भी नही थे। हालत बिगड़ने के पीछे क्या कारण है इसे जानने के लिए एक टीम का गठन किया गया है। वहीं घटना की शिवसेना हिंदोस्तान ने निंदा की है।
उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते कहा कि अस्पताल के डाक्टरों ने मरीजों का इलाज करने के स्थान पर उन्हें पटियाला रेफर कर दिया। सही समय पर इलाज न मिलने के कारण बच्चे की मौत हो गई।