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Patiala News: पंजाब की मंडियों में धान की खरीद न होने से भड़के किसान उतरे सड़कों पर
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मसला हल न हुआ तो 29 को चार घंटे डीसी दफ्तरों के किए जाएंगे घेराव
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पंजाब सरकार के खिलाफ भड़के किसान शुक्रवार को सड़कों पर उतर आए। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने बड़ी गिनती में इकट्ठे होकर मंडियों के नजदीक प्रमुख मार्गों को जाम करके धरने-प्रदर्शन किए। इस मौके पर सरकार से धान की खरीद व लिफ्टिंग फौरी तौर पर करने की मांग की गई। इसके पूरा न होने पर आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी गई। इसके तहत 29 अक्तूबर को सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक सभी डीसी दफ्तरों का घेराव किया जाएगा। साथ ही मंडियों में आने पर आप सरकार के मंत्रियों, विधायकों व अधिकारियों का काले झंडों के साथ घेराव करने का ऐलान किया गया।
पटियाला जिले में किसानों की ओर से सरहिंद रोड़, राजपुरा में जीटी रोड, नाभा में मालेरकोटला रोड, समाना में बंदा सिंह बहादुर चौक, पातड़ां में शहीद भगत सिंह चौक और देवीगढ़ अनाज मंडी पिहोवा रोड पर जाम लगाकर धरने-प्रदर्शन किए गए। इस मौके पर किसान नेताओं रामिंदर सिंह पटियाला, दविंदर सिंह पुनिया आदि ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से 19 अक्तूबर को चंडीगढ़ में बैठक करके धान की निर्विध्न खरीद व लिफ्टिंग का मामला हल करने को दो दिनों का समय मांगा गया था। लेकिन मान के दिलाए भरोसे के बावजूद मंडियों में खरीद व लिफ्टिंग का संकट जस का तस बना हुआ है। जिसके चलते किसानों को मंडियों में परेशान होना पड़ रहा है। उनकी बेटों की तरह पाली फसलें मंडियों में पड़ी खराब हो रही हैं। इसलिए मजबूरीवश किसानों को सड़कों पर उतरना पड़ा है। आगे कहा कि केंद्र सरकार भी किसानों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। पंजाब के गोदामों व शैलरों में पड़े पुराने भंडारों की केंद्र ने समय पर लिफ्टिंग नहीं की, जिससे स्थिति गंभीर बनी हुई है। उन्होंने ऐलान किया कि अगर मसला हल न हुआ, तो विधानसभा के उपचुनावों में भाजपा व आप का विरोध करने से भी किसान जत्थेबंदियां गुरेज नहीं करेंगी।
इसके साथ ही पंजाब सरकार से किसानों के लिए डीएपी का तुरंत प्रबंध करने व खाद की ब्लैक मार्केटिंग पर रोक लगाने की मांग भी की गई। पंजाब सरकार की ओर से बासमती का एमएसपी देकर इसके काश्तकारों को राहत देने की भी मांग प्रमुखता से उठाई गई।
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अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पंजाब सरकार के खिलाफ भड़के किसान शुक्रवार को सड़कों पर उतर आए। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने बड़ी गिनती में इकट्ठे होकर मंडियों के नजदीक प्रमुख मार्गों को जाम करके धरने-प्रदर्शन किए। इस मौके पर सरकार से धान की खरीद व लिफ्टिंग फौरी तौर पर करने की मांग की गई। इसके पूरा न होने पर आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी गई। इसके तहत 29 अक्तूबर को सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक सभी डीसी दफ्तरों का घेराव किया जाएगा। साथ ही मंडियों में आने पर आप सरकार के मंत्रियों, विधायकों व अधिकारियों का काले झंडों के साथ घेराव करने का ऐलान किया गया।
पटियाला जिले में किसानों की ओर से सरहिंद रोड़, राजपुरा में जीटी रोड, नाभा में मालेरकोटला रोड, समाना में बंदा सिंह बहादुर चौक, पातड़ां में शहीद भगत सिंह चौक और देवीगढ़ अनाज मंडी पिहोवा रोड पर जाम लगाकर धरने-प्रदर्शन किए गए। इस मौके पर किसान नेताओं रामिंदर सिंह पटियाला, दविंदर सिंह पुनिया आदि ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से 19 अक्तूबर को चंडीगढ़ में बैठक करके धान की निर्विध्न खरीद व लिफ्टिंग का मामला हल करने को दो दिनों का समय मांगा गया था। लेकिन मान के दिलाए भरोसे के बावजूद मंडियों में खरीद व लिफ्टिंग का संकट जस का तस बना हुआ है। जिसके चलते किसानों को मंडियों में परेशान होना पड़ रहा है। उनकी बेटों की तरह पाली फसलें मंडियों में पड़ी खराब हो रही हैं। इसलिए मजबूरीवश किसानों को सड़कों पर उतरना पड़ा है। आगे कहा कि केंद्र सरकार भी किसानों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। पंजाब के गोदामों व शैलरों में पड़े पुराने भंडारों की केंद्र ने समय पर लिफ्टिंग नहीं की, जिससे स्थिति गंभीर बनी हुई है। उन्होंने ऐलान किया कि अगर मसला हल न हुआ, तो विधानसभा के उपचुनावों में भाजपा व आप का विरोध करने से भी किसान जत्थेबंदियां गुरेज नहीं करेंगी।
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इसके साथ ही पंजाब सरकार से किसानों के लिए डीएपी का तुरंत प्रबंध करने व खाद की ब्लैक मार्केटिंग पर रोक लगाने की मांग भी की गई। पंजाब सरकार की ओर से बासमती का एमएसपी देकर इसके काश्तकारों को राहत देने की भी मांग प्रमुखता से उठाई गई।
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