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पंजाब में बिजली संकट गहराया, कट बढ़े
Patiala
Updated Fri, 28 Dec 2012 05:30 AM IST
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पटियाला। इन दिनों पंजाब में बिजली संकट गहरा गया है। बठिंडा के बाद रोपड़ थर्मल प्लांट का एक भी एक यूनिट ट्रिप कर गया। जिसके चलते बिजली की उपलब्धता कम होने के चलते वीरवार को दिन भर समय-समय पर कट लगते रहे। पूरे दिन में करीब तीन से साढ़े तीन घंटे के कट लगे, जिसके चलते घने कोहरे के दिनों में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बठिंडा थर्मल प्लांट का 110 मेगावाट का एक यूनिट बुधवार को ट्रिप कर गया था। अभी यह यूनिट चालू भी नहीं हुआ था कि रोपड़ थर्मल प्लांट का 210 मेगावाट का एक और यूनिट ट्रिप कर गया। बताया जा रहा है कि गुजरात में टाटा के एक प्लांट से पंजाब को रोजाना 200 मेगावाट बिजली मिल रही थी। इस प्लांट के बंद होने से सिस्टम ओवरलोड हो गया। जिसके चलते बुधवार सुबह बठिंडा थर्मल प्लांट का एक यूनिट ट्रिप कर गया, जबकि रात को रोपड़ थर्मल प्लांट का एक भी एक यूनिट ट्रिप हो गया। इन दोनों यूनिटों के बंद पड़ने और ऊपर से गुजरात के प्लांट से 200 मेगावाट बिजली न मिलने से पावरकाम के पास बिजली की उपलब्धता रोजाना के मुकाबले 125 लाख यूनिट कम रह गई है। जबकि इन दिनों गेहूं सीजन के चलते किसानों को रोजाना पांच से छह घंटे बिजली दी जा रही है और साथ ही बैंकिंग सिस्टम के तहत भी देश के अन्य राज्यों को रोजाना 125 लाख यूनिट बिजली दी जा रही । वीरवार को बिजली की मांग 1000 लाख यूनिट से ज्यादा दर्ज की गई, जबकि उपलब्धता केवल 850 लाख यूनिट रही। दिन भर समय-समय पर कट लगते रहे। पूरे दिन में तीन से साढ़े तीन घंटे के कट लगे, जिसके चलते लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वैसे भी इन दिनों घना कोहरा पड़ रहा है। ऐसे में बिजली न होना एक बड़ी मुसीबत साबित हो रहा है।
पावरकाम के अधिकारियों के मुताबिक दोनों ट्रिप किए यूनिट शुक्रवार तक चालू होने की संभावना है।
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बठिंडा थर्मल प्लांट का 110 मेगावाट का एक यूनिट बुधवार को ट्रिप कर गया था। अभी यह यूनिट चालू भी नहीं हुआ था कि रोपड़ थर्मल प्लांट का 210 मेगावाट का एक और यूनिट ट्रिप कर गया। बताया जा रहा है कि गुजरात में टाटा के एक प्लांट से पंजाब को रोजाना 200 मेगावाट बिजली मिल रही थी। इस प्लांट के बंद होने से सिस्टम ओवरलोड हो गया। जिसके चलते बुधवार सुबह बठिंडा थर्मल प्लांट का एक यूनिट ट्रिप कर गया, जबकि रात को रोपड़ थर्मल प्लांट का एक भी एक यूनिट ट्रिप हो गया। इन दोनों यूनिटों के बंद पड़ने और ऊपर से गुजरात के प्लांट से 200 मेगावाट बिजली न मिलने से पावरकाम के पास बिजली की उपलब्धता रोजाना के मुकाबले 125 लाख यूनिट कम रह गई है। जबकि इन दिनों गेहूं सीजन के चलते किसानों को रोजाना पांच से छह घंटे बिजली दी जा रही है और साथ ही बैंकिंग सिस्टम के तहत भी देश के अन्य राज्यों को रोजाना 125 लाख यूनिट बिजली दी जा रही । वीरवार को बिजली की मांग 1000 लाख यूनिट से ज्यादा दर्ज की गई, जबकि उपलब्धता केवल 850 लाख यूनिट रही। दिन भर समय-समय पर कट लगते रहे। पूरे दिन में तीन से साढ़े तीन घंटे के कट लगे, जिसके चलते लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वैसे भी इन दिनों घना कोहरा पड़ रहा है। ऐसे में बिजली न होना एक बड़ी मुसीबत साबित हो रहा है।
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पावरकाम के अधिकारियों के मुताबिक दोनों ट्रिप किए यूनिट शुक्रवार तक चालू होने की संभावना है।