{"_id":"5ab2896f4f1c1b01768b67aa","slug":"21521650031-patiala-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आन लाइन रजिस्टरियां होंगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आन लाइन रजिस्टरियां होंगी
Updated Wed, 21 Mar 2018 10:08 PM IST
विज्ञापन
पटियाला की तहसीलों, सब तहसीलों में होगी ऑनलाइन रजिस्ट्री
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। जिले के अधीन पड़ती तहसीलों/सब तहसीलों में पंजाब सरकार की ओर से नेशनल जैनरिक डॉक्यूमेंट रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एनजीडीआरएस) को लागू किया गया है। इसकी शुरुआत डीसी कुमार अमित की ओर से सब रजिस्ट्रार दफ्तर पटियाला में रजिस्टर्ड वसीका जारी करके की गई।
डीसी ने बताया कि एनजीडीआरएस सॉफ्टवेयर के जरिए तहसील/सब तहसील स्तर पर होने वाली रजिस्ट्री ऑनलाइन हुआ करेगी। इसके अनुसार रजिस्ट्री कराने वाले व्यक्ति/व्यक्तियों की ओर से उसकी रजिस्ट्री संबंधी ऑनलाइन समय लेना जरूरी होगा। संबंधित व्यक्ति/व्यक्तियों को मिलने वाले समय अनुसार उसकी रजिस्ट्री उसी दिन ऑनलाइन संबंधित सब रजिस्ट्रार दफ्तर में की जाया करेगी। डीसी ने बताया कि एनजीडीआरएस साफ्टवेयर के जरिए संबंधित व्यक्तियों/पार्टियों के लिए आधार कार्ड और मोबाइल नंबर का होना जरूरी किया गया है। इस साफ्टवेयर के तहसील/सब तहसील स्तर पर लागू होने के कारण रजिस्ट्रेशन के काम में और ज्यादा पारदर्शिता आएगी। डीसी ने बताया कि इस साफ्टवेयर के जरिए जायदाद खरीदने और बेचने समेत गवाहों के उंगलियों के निशान सब रजिस्ट्रार दफ्तर में लिए जाएंगे। इसके अलावा बिना ऑनलाइन उंगलियों के निशान व फोटो भी ऑनलाइन ही खींची जाएगी।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। जिले के अधीन पड़ती तहसीलों/सब तहसीलों में पंजाब सरकार की ओर से नेशनल जैनरिक डॉक्यूमेंट रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एनजीडीआरएस) को लागू किया गया है। इसकी शुरुआत डीसी कुमार अमित की ओर से सब रजिस्ट्रार दफ्तर पटियाला में रजिस्टर्ड वसीका जारी करके की गई।
डीसी ने बताया कि एनजीडीआरएस सॉफ्टवेयर के जरिए तहसील/सब तहसील स्तर पर होने वाली रजिस्ट्री ऑनलाइन हुआ करेगी। इसके अनुसार रजिस्ट्री कराने वाले व्यक्ति/व्यक्तियों की ओर से उसकी रजिस्ट्री संबंधी ऑनलाइन समय लेना जरूरी होगा। संबंधित व्यक्ति/व्यक्तियों को मिलने वाले समय अनुसार उसकी रजिस्ट्री उसी दिन ऑनलाइन संबंधित सब रजिस्ट्रार दफ्तर में की जाया करेगी। डीसी ने बताया कि एनजीडीआरएस साफ्टवेयर के जरिए संबंधित व्यक्तियों/पार्टियों के लिए आधार कार्ड और मोबाइल नंबर का होना जरूरी किया गया है। इस साफ्टवेयर के तहसील/सब तहसील स्तर पर लागू होने के कारण रजिस्ट्रेशन के काम में और ज्यादा पारदर्शिता आएगी। डीसी ने बताया कि इस साफ्टवेयर के जरिए जायदाद खरीदने और बेचने समेत गवाहों के उंगलियों के निशान सब रजिस्ट्रार दफ्तर में लिए जाएंगे। इसके अलावा बिना ऑनलाइन उंगलियों के निशान व फोटो भी ऑनलाइन ही खींची जाएगी।
विज्ञापन