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पल्लेदारों का प्रदेशस्तरीय धरना
Updated Mon, 12 Mar 2018 10:16 PM IST
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सीएम सिटी से सड़कों पर उतरे खफा पल्लेदार
कैप्टन सरकार पर वादों से फिरने का लगाया आरोप
शहर में ट्रैफिक व्यवस्था रही प्रभावित, लोग हुए परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
विधानसभा चुनावों के वक्त किए वादे के बावजूद मांगों को लेकर अपनाए उदासीन रवैये से गुस्साए पल्लेदारों ने सोमवार को सीएम के शहर में जोरदार धरना दिया। सूबे के कोने-कोने से पहुंचे पल्लेदारों ने पहले सरहंद रोड स्थित अनाज मंडी और फिर मिनी सचिवालय में धरना देकर प्रशासन को एक बार तो पूरी तरह से हिलाकर रख दिया।
इस दौरान पल्लेदारों का हुजूम सरहंद रोड से शुरू होकर मिनी सचिवालय तक देखा गया। इससे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित रही। इस मौके पर पल्लेदारों ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और मांग की कि पल्लेदारों को ठेकेदारों से मुक्त करवा कर उनका बनता मेहनताना सीधे तौर पर दिया जाएगा। धरने को संबोधित करते हुए पंजाब प्रदेश पल्लेदार मजदूर यूनियन के प्रदेश प्रधान तेलू राम धुरी, हरदेव सिंह गोल्डी, रणजीत सिंह कल्याण, जिला प्रधान मोहन सिंह ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने संगरूर की अनाज मंडी में बड़ी गिनती पल्लेदारों की मौजूदगी में वादा किया था कि उनकी सरकार बनने पर फूड़ एजेंसियों में ठेकेदारी प्रणाली को खत्म करके पंजाब के सारे पल्लेदारों को ठेकेदारों से मुक्त करवाके पल्लेदारों का बनता मेहनताना सीधे तौर पर दिया जाएगा।
सरकार बने एक साल हो गया, पल्लेदारों को सुविधाएं मुहैया कराना तो दूर, यूनियन की बात तक नहीं सुनी जा रही है। खजाना मंत्री मनप्रीत सिंह बादल के साथ कई मीटिंगें की गईं, लेकिन सब बेनतीजा रहीं। मांग की गई कि पल्लेदार यूनियनों से ठेकेदारी प्रणाली खत्म करके पल्लेदारों को सीधी अदायगी की जाए, ताकि उनको अपने खून-पसीने के साथ की कमाई का समय पर सही मूल्य मिल सके। जब तक धरना चला, प्रशासन की सांसें सूखी रहीं। धरने को इंटक, एटक एफसीआई और पंजाब फूड़ एजेंसीज पल्लेदार आजाद यूनियन के अलावा अन्य यूनियनों ने भी समर्थन दिया।
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कैप्टन सरकार पर वादों से फिरने का लगाया आरोप
शहर में ट्रैफिक व्यवस्था रही प्रभावित, लोग हुए परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
विधानसभा चुनावों के वक्त किए वादे के बावजूद मांगों को लेकर अपनाए उदासीन रवैये से गुस्साए पल्लेदारों ने सोमवार को सीएम के शहर में जोरदार धरना दिया। सूबे के कोने-कोने से पहुंचे पल्लेदारों ने पहले सरहंद रोड स्थित अनाज मंडी और फिर मिनी सचिवालय में धरना देकर प्रशासन को एक बार तो पूरी तरह से हिलाकर रख दिया।
इस दौरान पल्लेदारों का हुजूम सरहंद रोड से शुरू होकर मिनी सचिवालय तक देखा गया। इससे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित रही। इस मौके पर पल्लेदारों ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और मांग की कि पल्लेदारों को ठेकेदारों से मुक्त करवा कर उनका बनता मेहनताना सीधे तौर पर दिया जाएगा। धरने को संबोधित करते हुए पंजाब प्रदेश पल्लेदार मजदूर यूनियन के प्रदेश प्रधान तेलू राम धुरी, हरदेव सिंह गोल्डी, रणजीत सिंह कल्याण, जिला प्रधान मोहन सिंह ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने संगरूर की अनाज मंडी में बड़ी गिनती पल्लेदारों की मौजूदगी में वादा किया था कि उनकी सरकार बनने पर फूड़ एजेंसियों में ठेकेदारी प्रणाली को खत्म करके पंजाब के सारे पल्लेदारों को ठेकेदारों से मुक्त करवाके पल्लेदारों का बनता मेहनताना सीधे तौर पर दिया जाएगा।
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सरकार बने एक साल हो गया, पल्लेदारों को सुविधाएं मुहैया कराना तो दूर, यूनियन की बात तक नहीं सुनी जा रही है। खजाना मंत्री मनप्रीत सिंह बादल के साथ कई मीटिंगें की गईं, लेकिन सब बेनतीजा रहीं। मांग की गई कि पल्लेदार यूनियनों से ठेकेदारी प्रणाली खत्म करके पल्लेदारों को सीधी अदायगी की जाए, ताकि उनको अपने खून-पसीने के साथ की कमाई का समय पर सही मूल्य मिल सके। जब तक धरना चला, प्रशासन की सांसें सूखी रहीं। धरने को इंटक, एटक एफसीआई और पंजाब फूड़ एजेंसीज पल्लेदार आजाद यूनियन के अलावा अन्य यूनियनों ने भी समर्थन दिया।
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