{"_id":"5af864564f1c1bd9408b4eda","slug":"161526228054-patiala-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर की सड़कों पर दौड़ती ट्रेक्टर ट्रालियों के रूप में मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर की सड़कों पर दौड़ती ट्रेक्टर ट्रालियों के रूप में मौत
Updated Sun, 13 May 2018 09:44 PM IST
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मौत के रूप में दौड़ रहीं ट्रैक्टर ट्रालियां
रिफ्लेक्टर व बैक लाइट का न होना है मुख्य कारण, ट्रैफिक पुलिस नहीं देती ध्यान
सुदेश तनेजा
राजपुरा। न ही रिफलेक्टर न बैक लाइट और चालक के पास लाइसेंस तक नहीं। कोई भी अनाड़ी खुलेआम खेतों में काम आने वाली ट्रैक्टर ट्राली को लेकर सड़कों पर निकल पड़ता है। फिर अंजाम चाहे कुछ भी हो रोजाना यह वाहन किसी न किसी हादसे को अंजाम देते हैं। कई कीमती जिंदगियां इनकी भेंट चढ़ रही हैं। मगर ट्रैफिक पुलिस हो या फिर जिला परिवहन विभाग हर कोई लापरवाह है। सड़क पर दौड़ती इस मौत की सवारी को रोकने की जिम्मेदारी कोई नहीं उठाना चाहता। इस कछुआ चाल के चलते ही ट्रैक्टर ट्राली चालक धड़ल्ले से सड़कों पर किसी न किसी हादसे को अंजाम दे रहे हैं। हादसे के बाद जब वह घटना स्थल से फरार होते हैं, तो ट्राली के पीछे नंबर न लिखा होने के कारण हादसा करने वाले का न तो पुलिस को पता चल पाता है और न ही उनको सजा मिल पाती है। अकसर सड़कों पर देर रात होने वाले हादसों के पीछे बिना रिफ्लेक्टर और बिना बैक लाइट का ही कारण सामने आता है।
अकसर होते हैं हादसे
राजपुरा पटियाला बाईपास पर कुछ समय पहले बिना रिफलेक्टर और बिना बैक लाइट के खड़े वाहन के पीछे कार टकरा गई थी। यह हादसा इतना भयानक था कि गाड़ी में सवार चार लोगों में से दो की मौत घटना स्थल पर ही हो गई थी। जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके अलावा शहर के दो दर्जन से ज्यादा लोग हादसों का शिकार हो चुके है। जिनमें भोगलां रोड पर एक बच्चा व पप्पू राम रेहड़ी वाला मौत के आगोश में समा चुका है। इन हादसों के लिए क्या ट्रैफिक पुलिस, जिला पुलिस, जिला परिवहन विभाग पूरी तरह से जिम्मेदार है।
ट्रैफिक नियमों के मुताबिक
ट्रैफिक नियमों के मुताबिक ट्रैक्टर ट्राली को खुलेआम सड़क पर नहीं चलाया जा सकता, इसके कुछ नियम हैं। आईजी ट्रैफिक ने भी बढ़ते हादसों के मद्देनजर ट्रैक्टर ट्राली को खुले तौर पर व बगैर दस्तावेजों के सड़कों पर चलाने पर पाबंदेी लगाई है। लेकिन ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही के कारण सरेआम चालक ट्रैक्टर ट्राली में ऊंची आवाज में डैक आदि लगा कर सड़क पर दौड़ते दिखती हैं। ट्रैफिक पुलिस जिसे दोपहिया वाहनों के चलान काटने से फुर्सत नहीं मिलती, अकसर पुलिस द्वारा खानापूर्ति के लिए महीने में एक या दो चलान उक्त वाहनों के काट दिए जाते हैं या थोड़ा बहुत जुर्माना लगाकर उन्हें फिर हादसों के लिए खुला छोड़ दिया जाता है।
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सेमिनारों में ही लगते हैं रिफलेक्टर
शहर में समाज सेवी सस्थाओं द्वारा लगाए जाने वाले सेमिनारों में अकसर ट्रैफिक पुलिस वाले अपनी वाहवाही के लिए कुछ व्हीकल्स पर रिफ्लेक्टर लगा देते है और लोगों को ट्रैफिक नियमों के बारे में जागरूक कर अपना कर्तव्य पूरा कर देते हैं। लेकिन किसी ने इस तरफ ध्यान देने की कभी भी कोशिश नहीं की कि सेमिनारों में खड़े चार पांच वाहन व ट्रैक्टर ट्रालियों के अलावा भी शहर में सैकड़ों अवैध ट्रालियां घूम रही हैं।
चलान काटकर रिफ्लेक्टर लगाए जाएंगे
राजपुरा के ट्रैफिक पुलिस प्रभारी महंगा सिंह का कहना है कि शहर में ऐसी समस्या थोड़ी बहुत जरूर है। लेकिन ऐसा नहीं कि इस पर कार्रवाई नहीं हो रही है। समय समय पर ऐसे चालकों पर कार्रवाई की जाती है और अवैध रूप से चलने वाले वाहनों को थानों में रखा जाता है। जल्द ही ऐसे व्हीकलों को रोककर उनके चलान काटकर रिफ्लेक्टर लगाए जाएंगे। प्रभारी ने बताया कि जब से मैंने यहां पर चार्ज संभाला है तब से ही कार्रवाई को तेज कर लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
एटीओ कर रहे हैं कार्रवाई
एटीओ प्रदीप सिंह ढिल्लों ने कहा कि कामर्शियल कार्यों व अवैध तौर चलने वाली ट्रैक्टर-ट्रालियों के खिलाफ शिकंजा कसा जा रहा है। इसके लिए उनपर जुर्माना लगाने के साथ चालान कर थानों में भी रखा जा रहा है। जिन ट्रैक्टर-ट्रालियों के आगे पीछे रजिस्ट्रेशन नंबर न लगा हो और बिना रिफ्लेक्टर चल रही हो उन पर हमारी नजर है।
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रिफ्लेक्टर व बैक लाइट का न होना है मुख्य कारण, ट्रैफिक पुलिस नहीं देती ध्यान
सुदेश तनेजा
राजपुरा। न ही रिफलेक्टर न बैक लाइट और चालक के पास लाइसेंस तक नहीं। कोई भी अनाड़ी खुलेआम खेतों में काम आने वाली ट्रैक्टर ट्राली को लेकर सड़कों पर निकल पड़ता है। फिर अंजाम चाहे कुछ भी हो रोजाना यह वाहन किसी न किसी हादसे को अंजाम देते हैं। कई कीमती जिंदगियां इनकी भेंट चढ़ रही हैं। मगर ट्रैफिक पुलिस हो या फिर जिला परिवहन विभाग हर कोई लापरवाह है। सड़क पर दौड़ती इस मौत की सवारी को रोकने की जिम्मेदारी कोई नहीं उठाना चाहता। इस कछुआ चाल के चलते ही ट्रैक्टर ट्राली चालक धड़ल्ले से सड़कों पर किसी न किसी हादसे को अंजाम दे रहे हैं। हादसे के बाद जब वह घटना स्थल से फरार होते हैं, तो ट्राली के पीछे नंबर न लिखा होने के कारण हादसा करने वाले का न तो पुलिस को पता चल पाता है और न ही उनको सजा मिल पाती है। अकसर सड़कों पर देर रात होने वाले हादसों के पीछे बिना रिफ्लेक्टर और बिना बैक लाइट का ही कारण सामने आता है।
अकसर होते हैं हादसे
राजपुरा पटियाला बाईपास पर कुछ समय पहले बिना रिफलेक्टर और बिना बैक लाइट के खड़े वाहन के पीछे कार टकरा गई थी। यह हादसा इतना भयानक था कि गाड़ी में सवार चार लोगों में से दो की मौत घटना स्थल पर ही हो गई थी। जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके अलावा शहर के दो दर्जन से ज्यादा लोग हादसों का शिकार हो चुके है। जिनमें भोगलां रोड पर एक बच्चा व पप्पू राम रेहड़ी वाला मौत के आगोश में समा चुका है। इन हादसों के लिए क्या ट्रैफिक पुलिस, जिला पुलिस, जिला परिवहन विभाग पूरी तरह से जिम्मेदार है।
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ट्रैफिक नियमों के मुताबिक
ट्रैफिक नियमों के मुताबिक ट्रैक्टर ट्राली को खुलेआम सड़क पर नहीं चलाया जा सकता, इसके कुछ नियम हैं। आईजी ट्रैफिक ने भी बढ़ते हादसों के मद्देनजर ट्रैक्टर ट्राली को खुले तौर पर व बगैर दस्तावेजों के सड़कों पर चलाने पर पाबंदेी लगाई है। लेकिन ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही के कारण सरेआम चालक ट्रैक्टर ट्राली में ऊंची आवाज में डैक आदि लगा कर सड़क पर दौड़ते दिखती हैं। ट्रैफिक पुलिस जिसे दोपहिया वाहनों के चलान काटने से फुर्सत नहीं मिलती, अकसर पुलिस द्वारा खानापूर्ति के लिए महीने में एक या दो चलान उक्त वाहनों के काट दिए जाते हैं या थोड़ा बहुत जुर्माना लगाकर उन्हें फिर हादसों के लिए खुला छोड़ दिया जाता है।
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सेमिनारों में ही लगते हैं रिफलेक्टर
शहर में समाज सेवी सस्थाओं द्वारा लगाए जाने वाले सेमिनारों में अकसर ट्रैफिक पुलिस वाले अपनी वाहवाही के लिए कुछ व्हीकल्स पर रिफ्लेक्टर लगा देते है और लोगों को ट्रैफिक नियमों के बारे में जागरूक कर अपना कर्तव्य पूरा कर देते हैं। लेकिन किसी ने इस तरफ ध्यान देने की कभी भी कोशिश नहीं की कि सेमिनारों में खड़े चार पांच वाहन व ट्रैक्टर ट्रालियों के अलावा भी शहर में सैकड़ों अवैध ट्रालियां घूम रही हैं।
चलान काटकर रिफ्लेक्टर लगाए जाएंगे
राजपुरा के ट्रैफिक पुलिस प्रभारी महंगा सिंह का कहना है कि शहर में ऐसी समस्या थोड़ी बहुत जरूर है। लेकिन ऐसा नहीं कि इस पर कार्रवाई नहीं हो रही है। समय समय पर ऐसे चालकों पर कार्रवाई की जाती है और अवैध रूप से चलने वाले वाहनों को थानों में रखा जाता है। जल्द ही ऐसे व्हीकलों को रोककर उनके चलान काटकर रिफ्लेक्टर लगाए जाएंगे। प्रभारी ने बताया कि जब से मैंने यहां पर चार्ज संभाला है तब से ही कार्रवाई को तेज कर लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
एटीओ कर रहे हैं कार्रवाई
एटीओ प्रदीप सिंह ढिल्लों ने कहा कि कामर्शियल कार्यों व अवैध तौर चलने वाली ट्रैक्टर-ट्रालियों के खिलाफ शिकंजा कसा जा रहा है। इसके लिए उनपर जुर्माना लगाने के साथ चालान कर थानों में भी रखा जा रहा है। जिन ट्रैक्टर-ट्रालियों के आगे पीछे रजिस्ट्रेशन नंबर न लगा हो और बिना रिफ्लेक्टर चल रही हो उन पर हमारी नजर है।