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जिली मुलाजिमों का धरना
Updated Thu, 15 Mar 2018 10:00 PM IST
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परिवारों समेत सड़क पर उतरे मुलाजिम
पावरकाम हेडआफिस सामने धरना देकर की जोरदार नारेबाजी की
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
सरकार व पावरकाम मैनेजमेंट के रवैये से गुस्साए बिजली मुलाजिम प्रदेश के कोने-कोने से वीरवार को सीएम सिटी में इकट्ठा हुए। मुलाजिमों ने विभिन्न जत्थेबंदियों के बैनर तले अपने परिवारों के साथ पावरकाम हेडआफिस के सामने जोरदार धरना दिया। मुलाजिमों ने सरकारी थर्मल प्लांट बंद करने का फैसला वापस लेने, छटनी किए ठेका मुलाजिम व डिसमिस नेता बहाल करने समेत और कई मांगें उठाईं, जिनके पूरा न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।
टेक्निकल सर्विस यूनियन, थर्मल कांट्रैक्ट वर्कर्स कोआर्डिनेशन कमेटी, पावरकाम व ट्रांसको ठेका मुलाजिम यूनियन के नेताओं प्रमोद कुमार, रछपाल, इकबाल सिंह ने कहा कि पहले सरकार की ओर पंजाब राज्य बिजली बोर्ड को भंग करके कंपनियां बना दी गई हैं और अब निजीकरण की प्रक्रिया को तेज करते हुए सरकारी थर्मल प्लांटों को बंद किया जा रहा है। बठिंडा थर्मल प्लांट पूरी तरह से बंद कर दिया गया है, जबकि रोपड़ प्लांट के दो यूनिट बंद कर दिए हैं।
इससे पक्के कर्मचारियों से उनका रोजगार छिन जाएगा, वहीं उपभोक्ताओं को भी महंगी बिजली मिलेगी।बिजली निगमों में खाली पड़े पदों पर रेगुलर भरती करने की मांग की गई। नेताओं ने कहा कि इससे मौजूदा कर्मचारियों पर पड़ रहा अतिरिक्त काम का बोझ कम होगा। नेताओं ने कच्चे कर्मचारियों को रेगुलर करने, छटनी किए कर्मचारियों को दोबारा बहाल करने और नौकरी से डिसमिस बिजली मुलाजिम नेताओं को भी दोबारा बहाल करने की मांग की। धरने के बाद बिजली मुलाजिमों ने परिवारों के साथ रोष मार्च निकाला। मार्च बाजारों से होता फव्वारा चौक पर समाप्त हुआ।
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पावरकाम हेडआफिस सामने धरना देकर की जोरदार नारेबाजी की
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
सरकार व पावरकाम मैनेजमेंट के रवैये से गुस्साए बिजली मुलाजिम प्रदेश के कोने-कोने से वीरवार को सीएम सिटी में इकट्ठा हुए। मुलाजिमों ने विभिन्न जत्थेबंदियों के बैनर तले अपने परिवारों के साथ पावरकाम हेडआफिस के सामने जोरदार धरना दिया। मुलाजिमों ने सरकारी थर्मल प्लांट बंद करने का फैसला वापस लेने, छटनी किए ठेका मुलाजिम व डिसमिस नेता बहाल करने समेत और कई मांगें उठाईं, जिनके पूरा न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।
टेक्निकल सर्विस यूनियन, थर्मल कांट्रैक्ट वर्कर्स कोआर्डिनेशन कमेटी, पावरकाम व ट्रांसको ठेका मुलाजिम यूनियन के नेताओं प्रमोद कुमार, रछपाल, इकबाल सिंह ने कहा कि पहले सरकार की ओर पंजाब राज्य बिजली बोर्ड को भंग करके कंपनियां बना दी गई हैं और अब निजीकरण की प्रक्रिया को तेज करते हुए सरकारी थर्मल प्लांटों को बंद किया जा रहा है। बठिंडा थर्मल प्लांट पूरी तरह से बंद कर दिया गया है, जबकि रोपड़ प्लांट के दो यूनिट बंद कर दिए हैं।
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इससे पक्के कर्मचारियों से उनका रोजगार छिन जाएगा, वहीं उपभोक्ताओं को भी महंगी बिजली मिलेगी।बिजली निगमों में खाली पड़े पदों पर रेगुलर भरती करने की मांग की गई। नेताओं ने कहा कि इससे मौजूदा कर्मचारियों पर पड़ रहा अतिरिक्त काम का बोझ कम होगा। नेताओं ने कच्चे कर्मचारियों को रेगुलर करने, छटनी किए कर्मचारियों को दोबारा बहाल करने और नौकरी से डिसमिस बिजली मुलाजिम नेताओं को भी दोबारा बहाल करने की मांग की। धरने के बाद बिजली मुलाजिमों ने परिवारों के साथ रोष मार्च निकाला। मार्च बाजारों से होता फव्वारा चौक पर समाप्त हुआ।
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