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किसानों को मुआवजा देने की मांग की
Updated Thu, 19 Apr 2018 10:40 PM IST
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सन्नौर के पांच गांवों में किसानों की फसलें जलीं
इंडियन फार्मर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रधान बहिरू ने मांगा मुआवजा
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
पटियाला जिले के विधानसभा हलका सन्नौर के पांच गांवों परोड़, शादीपुर, दुड़द, महिमदपुर और उल्टपुर के किसानों की गेहूं की कई एकड़ पर रकबे पर लगीं फसलें सड़ गईं। इंडियन फार्मर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रधान सतनाम सिंह बहिरू ने पीड़ित किसानों के लिए पंजाब सरकार से अपील की है कि उन्हें कम से कम 50 हजार प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। कहा कि गेहूं की पैदावर पर आए खर्चों के मुताबिक 22 क्विंटल प्रति एकड़ झाड़ की सरकारी कीमत अनुसार 38 हजार और तुड़ी के 12 हजार रुपये डालकर 50 हजार रुपये बनते हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब में अभी गेहूं का सीजन जोरों पर हैं और अब तक पंजाब से मिली रिपोर्टों के मुताबिक 35 हजार एकड़ से अधिक गेहूं आग की भेंट चढ़ चुकी है। इक्का-दुक्का घटनाओं को छोड़कर बड़ा कारण बिजली की स्पार्किंग के साथ आग लग रही है, जिसके लिए सीधे तौर पर पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन के अधिकारी व कर्मचारी जिम्मेदार हैं।
बहिरू ने कहा कि पिछले लंबे समय से किसान जत्थेबंदियां केंद्र व राज्य सरकारों से मांग करती आ रही हैं कि नुकसानी फसलों का 100 प्रतिशत किसानों को मुआवजा दिया जाए।
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इंडियन फार्मर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रधान बहिरू ने मांगा मुआवजा
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
पटियाला जिले के विधानसभा हलका सन्नौर के पांच गांवों परोड़, शादीपुर, दुड़द, महिमदपुर और उल्टपुर के किसानों की गेहूं की कई एकड़ पर रकबे पर लगीं फसलें सड़ गईं। इंडियन फार्मर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रधान सतनाम सिंह बहिरू ने पीड़ित किसानों के लिए पंजाब सरकार से अपील की है कि उन्हें कम से कम 50 हजार प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। कहा कि गेहूं की पैदावर पर आए खर्चों के मुताबिक 22 क्विंटल प्रति एकड़ झाड़ की सरकारी कीमत अनुसार 38 हजार और तुड़ी के 12 हजार रुपये डालकर 50 हजार रुपये बनते हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब में अभी गेहूं का सीजन जोरों पर हैं और अब तक पंजाब से मिली रिपोर्टों के मुताबिक 35 हजार एकड़ से अधिक गेहूं आग की भेंट चढ़ चुकी है। इक्का-दुक्का घटनाओं को छोड़कर बड़ा कारण बिजली की स्पार्किंग के साथ आग लग रही है, जिसके लिए सीधे तौर पर पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन के अधिकारी व कर्मचारी जिम्मेदार हैं।
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बहिरू ने कहा कि पिछले लंबे समय से किसान जत्थेबंदियां केंद्र व राज्य सरकारों से मांग करती आ रही हैं कि नुकसानी फसलों का 100 प्रतिशत किसानों को मुआवजा दिया जाए।
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