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पंजाब में चाइना ़डोर पर लगेगी पाबंदी
Updated Sat, 23 Dec 2017 10:38 PM IST
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पंजाब में चाइना डोर पर लगेगी पाबंदी
वातावरण सुरक्षा एक्ट तहत उल्लंघन पर होगी पांच साल कैद और एक लाख जुर्माना
सरकार ने नोटिस जारी कर लोगों से मामले में राय मांगी
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
कैप्टन सरकार चाइना डोर/मांजे पर राज्य में पाबंदी लगाने जा रही है। नाइलोन या सिंथेटिक धागे से बनने वाली यह डोर पतंग उड़ाने के लिए बड़े स्तर पर इस्तेमाल की जाती है, जिससे मानव जीवन के साथ-साथ पक्षियों और अन्य जंतुओं की जान को खतरा रहता है। वहीं इस डोर से वातावरण भी दूषित होता है। वातावरण सुरक्षा एक्ट के तहत पाबंदी का उल्लंघन करने वाले को पांच साल तक की कैद और एक लाख जुर्माने का प्रावधान किया है।
पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन काहन सिंह पन्नू ने बताया कि पंजाब सरकार ने एक विज्ञापन जारी करके इस संबंधी लोगों की राय मांगी है कि क्यों न चाइना डोर पर राज्य में पाबंदी लगाई जाए। चेयरमैन ने कहा कि चाइना डोर सिंथेटिक होने के कारण गलती नहीं, बल्कि इलैक्ट्रिसिटी की गुड कंडक्टर होती है। जिससे कई बार चाइना डोर के कारण दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और बच्चे पतंग उड़ाते समय जान गंवा चुके हैं। इस डोर में फंसने वाले पक्षी भी जान गंवा बैठते हैं। इस डोर के इस्तेमाल से हो रहे बुरे प्रभावों के मद्देनजर सरकार ने 30 दिनों का नोटिस देकर लोगों से राय मांगी है। चेयरमैन ने बताया कि वातावरण सुरक्षा एक्ट 1986 के अधीन लगाई जाने वाली इस पाबंदी के तहत पांच साल तक की कैद या एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
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वातावरण सुरक्षा एक्ट तहत उल्लंघन पर होगी पांच साल कैद और एक लाख जुर्माना
सरकार ने नोटिस जारी कर लोगों से मामले में राय मांगी
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
कैप्टन सरकार चाइना डोर/मांजे पर राज्य में पाबंदी लगाने जा रही है। नाइलोन या सिंथेटिक धागे से बनने वाली यह डोर पतंग उड़ाने के लिए बड़े स्तर पर इस्तेमाल की जाती है, जिससे मानव जीवन के साथ-साथ पक्षियों और अन्य जंतुओं की जान को खतरा रहता है। वहीं इस डोर से वातावरण भी दूषित होता है। वातावरण सुरक्षा एक्ट के तहत पाबंदी का उल्लंघन करने वाले को पांच साल तक की कैद और एक लाख जुर्माने का प्रावधान किया है।
पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन काहन सिंह पन्नू ने बताया कि पंजाब सरकार ने एक विज्ञापन जारी करके इस संबंधी लोगों की राय मांगी है कि क्यों न चाइना डोर पर राज्य में पाबंदी लगाई जाए। चेयरमैन ने कहा कि चाइना डोर सिंथेटिक होने के कारण गलती नहीं, बल्कि इलैक्ट्रिसिटी की गुड कंडक्टर होती है। जिससे कई बार चाइना डोर के कारण दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और बच्चे पतंग उड़ाते समय जान गंवा चुके हैं। इस डोर में फंसने वाले पक्षी भी जान गंवा बैठते हैं। इस डोर के इस्तेमाल से हो रहे बुरे प्रभावों के मद्देनजर सरकार ने 30 दिनों का नोटिस देकर लोगों से राय मांगी है। चेयरमैन ने बताया कि वातावरण सुरक्षा एक्ट 1986 के अधीन लगाई जाने वाली इस पाबंदी के तहत पांच साल तक की कैद या एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
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