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केवल फार्मासिस्ट रोक सकते हैं नकली दवाइयों को : राज्यपाल

Fri, 22 Dec 2017 10:23 PM IST
Updated Fri, 22 Dec 2017 10:23 PM IST
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केवल फार्मासिस्ट रोक सकते हैं नकली दवाइयों को : राज्यपाल
केवल फार्मासिस्ट रोक सकते हैं नकली दवाइयों को : राज्यपाल
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चितकारा यूनिवर्सिटी में शुरू हुई भारतीय फार्मा कांग्रेस
राजपुरा।
69वीं भारतीय फार्मास्युटिकल कांग्रेस (आईपीसी) शुक्रवार को बड़ी धूमधाम से राजपुरा स्थित चितकारा यूनिवर्सिटी कैंपस में शुरू हो गई। सम्मेलन की शुरुआत देश में दवा उद्योग की मौजूदा स्थिति पर अकादमिक व्याख्यान से हुई। तीन-दिवसीय मैगा ईवेंट का उद्घाटन पंजाब के राज्यपाल श्री वीपी सिंह बदनौर ने किया। फार्मा कांग्रेस में 200 विदेशियों सहित 10 हजार से अधिक प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इस वर्ष की थीम है ‘अच्छी गुणवत्ता की गोली बनाने के लिए जरूरी कौशल और इच्छाशक्ति’। चर्चा का केंद्र फार्मा एजुकेशन, फार्मेसी प्रेक्टिस और उद्योग से जुड़े नियम कानूनों पर रहेगा।
पंजाब के राज्यपाल, वीपी सिंह बदनौर ने अपने उद्घाटन भाषण में फार्मा प्रोफेशनल्स और उद्योग का आह्वान किया कि वे देश की गरीब जनता को ध्यान में रखते हुए किफायती मूल्य की दवाओं का उत्पादन करें। उन्होंने ग्रामीण इलाकों में औषधियों की आपूर्ति पर जोर दिया और फार्मासिस्टों को देश में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए गांवों तक पहुंच बनाने को कहा।
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भाषण के दौरान राज्यपाल ने नकली दवाओं को कम करने में एक फार्मासिस्ट की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ‘भारत नकली दवाओं की बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है। इसे कम करने के लिए, फार्मासिस्ट की भूमिका नियामक एजेंसियों से भी अधिक महत्वपूर्ण है। फार्मासिस्ट दवाओं के प्रयोग में सबसे पहली कड़ी होते हैं वे नकली दवाओं का पता लगाने में मदद करके इसे रोक सकते हैं।’
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69वीं आईपीसी का ध्यान, एक्टिव फार्मा इंग्रेडिएंट्स (एपीआई) के आयात पर भारत की निर्भरता पर है, जो कि दवा निर्माण के लिए महत्वपूर्ण कच्चा माल है। आईपीसीई 2017 की स्थानीय आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र सराफ के अनुसार, भारत विश्व बाजार के लिए सामान्य और सस्ती दवाइयों के प्रमुख आपूर्तिकर्ता के रूप में उभरा है, लेकिन 65 प्रतिशत से अधिक सीमा तक यह एपीआई के लिए चीन पर निर्भर है। यह एक बड़ी चिंता है।

आईपीसी जैसे मंच फार्मा शिक्षकों को उद्योग और रेगुलेटरी पेशेवरों के साथ चर्चा करने और तकनीकी सत्रों व फार्मा एक्सपो के जरिये नयी टेक्नोलॉजी से परिचित कराने का अनूठा अवसर प्रदान करते हैं। चितकारा यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर मधु चितकारा ने कहा। यह यूनिवर्सिटी इस वर्ष आईपीसी की मेजबानी कर रही है।
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