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आरएसडी झील में डूबा कमांडो
पठानकोट/शाहपुरकंडी।
Updated Sat, 05 Oct 2013 10:53 PM IST
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रणजीत सागर बांध परियोजना (आरएसडी) शाहपुरकंडी की झील में तैराकी की ट्रेनिंग करने आए सेना के एक कमांडो की डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान मणिपुर के जिला इंफाल के गांव जहरोक पूपी निवासी रामसेन कियान मार (20) के रूप में हुई है। धार कलां पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज किया है। झील में सेना की ओर से तैराकी ट्रेनिंग को लेकर बांध प्रशासन भी अंजान है। इसको लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं सारे मामले में सेना के अफसर भी बोलने को तैयार नहीं हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार धर्मशाला में तैनात सेना की छह असम यूनिट के एक लेफ्टिनेंट समेत 15 जवान तैराकी की ट्रेनिंग के लिए कुछ दिन पहले धार कलां में आए थे। गांव हरदोशरण के सरकारी मिडिल स्कूल में उनका ठहराव था। शुक्रवार दोपहर को सेना के जवान बांध परियोजना की झील में गांव चमरोड़ के पास तैराकी की ट्रेनिंग ले रहे थे। इस दौरान रामसेन कियार मार पानी में गोताखोर की तरह भीतर गया, लेकिन लौटा नहीं।
काफी देर तक झील से बाहर नहीं आने पर उसकी तलाश शुरू की गई। इसके लिए स्थानीय गोताखोरों की मदद ली गई। शाम को सैनिक को झील से बाहर निकाला गया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सैन्य जवान की मौत के बाद पूरी यूनिट में हड़कंप मच गया। इसके बाद मामले से सेना के अफसरों को अवगत कराया गया और शव को लेकर सेना सैन्य अस्पताल पठानकोट पहुंची। पोस्टमार्टम के बाद शव को उसके परिजनों के हवाले कर दिया है।
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धार कलां के एसएचओ भारत भूषण ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उधर, बांध परियोजना के प्रोजेक्ट डिवीजन के एक्सईएन अनुराग ग्रोवर ने बताया कि परियोजना झील में प्रवेश करने की किसी को भी इजाजत नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि जहां पर घटना घटी है वह जगह परियोजना से काफी दूर है।
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पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार धर्मशाला में तैनात सेना की छह असम यूनिट के एक लेफ्टिनेंट समेत 15 जवान तैराकी की ट्रेनिंग के लिए कुछ दिन पहले धार कलां में आए थे। गांव हरदोशरण के सरकारी मिडिल स्कूल में उनका ठहराव था। शुक्रवार दोपहर को सेना के जवान बांध परियोजना की झील में गांव चमरोड़ के पास तैराकी की ट्रेनिंग ले रहे थे। इस दौरान रामसेन कियार मार पानी में गोताखोर की तरह भीतर गया, लेकिन लौटा नहीं।
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काफी देर तक झील से बाहर नहीं आने पर उसकी तलाश शुरू की गई। इसके लिए स्थानीय गोताखोरों की मदद ली गई। शाम को सैनिक को झील से बाहर निकाला गया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सैन्य जवान की मौत के बाद पूरी यूनिट में हड़कंप मच गया। इसके बाद मामले से सेना के अफसरों को अवगत कराया गया और शव को लेकर सेना सैन्य अस्पताल पठानकोट पहुंची। पोस्टमार्टम के बाद शव को उसके परिजनों के हवाले कर दिया है।
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धार कलां के एसएचओ भारत भूषण ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उधर, बांध परियोजना के प्रोजेक्ट डिवीजन के एक्सईएन अनुराग ग्रोवर ने बताया कि परियोजना झील में प्रवेश करने की किसी को भी इजाजत नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि जहां पर घटना घटी है वह जगह परियोजना से काफी दूर है।