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क्रिश्चियन समुदाय की मांगों को टाल गए सुखबीर
गुरदासपुर
Updated Mon, 23 Dec 2013 10:44 PM IST
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सरकारी कॉलेज के शहीद नवदीप सिंह स्टेडियम में सोमवार को प्रभु यीशु के जन्मदिन को समर्पित राज्यस्तरीय समागम का आयोजन किया गया। समारोह में पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। समारोह में सुखबीर दोपहर बाद करीब सवा तीन बजे पहुंचे। इसके बाद उन्होंने समारोह में पहुंचे लोगों को क्रिसमस दिवस की बधाई दी और करीब दस मिनट तक संबोधित किया।
अपने भाषण में सुखबीर ने कहा कि पंजाब एक ऐसा राज्य है, जहां क्रिसमस का दिवस सरकारी तौर पर मनाया जाता है। इस अवसर पर सुखबीर प्रदेश सरकार की योजनाआें का बखान करना भी नहीं भूले। उन्होंने कहा कि क्रिश्चियन समुदाय की बेटियों के लिए पहली बार मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने 15 हजार रुपये की शगुन स्कीम लागू की है। दाल-रोटी योजना के तहत प्रदेश सरकार करीब 30 लाख लोगों को एक रुपये किलो आटा और 20 रुपये किलो दाल उपलब्ध करवाएगी।
सुखबीर ने बताया कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे जो 80 प्रतिशत से ज्यादा नंबर लेकर पास होते हैं, उन्हें दसवीं और जमा एक तक 30 हजार रुपये तक की मुफ्त शिक्षा दी जाती है। उन्होंने क्रिश्चियन समुदाय से कहा कि मुन्नवर मसीह को अल्पसंख्यक आयोग का चेयरमैन बनाया गया है। सुखबीर क्रिश्चियन समुदाय की 24 दिसंबर को पूर्ण रूप से छुट्टी की मांग पर टालमटोल कर गए।
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शायद राष्ट्रपति बना दें : सुखबीर
मुन्नवर मसीह के समर्थकों ने सुखबीर से मांग की कि उनके नेता मुन्नवर मसीह को राज्यसभा में नामांकित किया जाए। इस पर सुखबीर ने व्यंग करते हुए कहा कि आपके नेता को तो हम पंजाब विधानसभा में बिठाना चाहते थे लेकिन आप लोगों ने ही उनका साथ नहीं दिया। उन्होंने हंसते हुए कहा कि राज्यसभा में तो नहीं पर शायद मुन्नवर को राष्ट्रपति जरूर बना दें। क्रिश्चियन समुदाय की 200 यूनिट बिजली माफ करने की मांग को सुखबीर ने टाल दिया।
वीवीआईपी सीटों पर बैठ गए हारे हुए नेता
राज्यस्तरीय समागम में वीवीआईपी लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। समारोह में जो सीटें मौजूदा संसदीय सचिव तथा विधायकों के लिए आरक्षित रखी गई थीं, उन पर पहले ही हारे हुए अकाली नेता बैठे थे। इस कारण गुरदासपुर के विधायक गुरबचन सिंह बब्बेहाली, श्री हरगोबिंदपुर हलके के विधायक देसराज धुग्गा को बैठने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। इतना ही नहीं उप मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में हारे हुए नेताओं का नाम तो लिया लेकिन मौजूदा विधायकों को भूल गए। सुखबीर ने कहा कि जनता की सेवा के लिए पूर्व स्पीकर निर्मल सिंह काहलों, पूर्व शिक्षा मंत्री सेवा सिंह सेखवां और पूर्व कृषि मंत्री सुच्चा सिंह लंगाह की ड्यूटी लगाई है। किसी को अगर कोई परेशानी आती है तो वह उनसे संपर्क कर सकता है। इस पर गुरदासपुर आर श्री हरगोबिंदपुर इलाके से आए लोगों असमंजस में पड़ गए। जब इस सबंध में गुरदासपुर के विधायक तथा मुख्य संसदीय सचिव गुरबचन सिंह बब्बेहाली से बात की तो उन्होंने कहा कि वह केवल लोगों की भलाई के लिए काम करते हैं। नाम लेने या न लेने से कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि हर आम वोटर जानता है कि उनकी भलाई के लिए सबसे ज्यादा फंड और काम कौन करवाता है।
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अपने भाषण में सुखबीर ने कहा कि पंजाब एक ऐसा राज्य है, जहां क्रिसमस का दिवस सरकारी तौर पर मनाया जाता है। इस अवसर पर सुखबीर प्रदेश सरकार की योजनाआें का बखान करना भी नहीं भूले। उन्होंने कहा कि क्रिश्चियन समुदाय की बेटियों के लिए पहली बार मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने 15 हजार रुपये की शगुन स्कीम लागू की है। दाल-रोटी योजना के तहत प्रदेश सरकार करीब 30 लाख लोगों को एक रुपये किलो आटा और 20 रुपये किलो दाल उपलब्ध करवाएगी।
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सुखबीर ने बताया कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे जो 80 प्रतिशत से ज्यादा नंबर लेकर पास होते हैं, उन्हें दसवीं और जमा एक तक 30 हजार रुपये तक की मुफ्त शिक्षा दी जाती है। उन्होंने क्रिश्चियन समुदाय से कहा कि मुन्नवर मसीह को अल्पसंख्यक आयोग का चेयरमैन बनाया गया है। सुखबीर क्रिश्चियन समुदाय की 24 दिसंबर को पूर्ण रूप से छुट्टी की मांग पर टालमटोल कर गए।
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शायद राष्ट्रपति बना दें : सुखबीर
मुन्नवर मसीह के समर्थकों ने सुखबीर से मांग की कि उनके नेता मुन्नवर मसीह को राज्यसभा में नामांकित किया जाए। इस पर सुखबीर ने व्यंग करते हुए कहा कि आपके नेता को तो हम पंजाब विधानसभा में बिठाना चाहते थे लेकिन आप लोगों ने ही उनका साथ नहीं दिया। उन्होंने हंसते हुए कहा कि राज्यसभा में तो नहीं पर शायद मुन्नवर को राष्ट्रपति जरूर बना दें। क्रिश्चियन समुदाय की 200 यूनिट बिजली माफ करने की मांग को सुखबीर ने टाल दिया।
वीवीआईपी सीटों पर बैठ गए हारे हुए नेता
राज्यस्तरीय समागम में वीवीआईपी लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। समारोह में जो सीटें मौजूदा संसदीय सचिव तथा विधायकों के लिए आरक्षित रखी गई थीं, उन पर पहले ही हारे हुए अकाली नेता बैठे थे। इस कारण गुरदासपुर के विधायक गुरबचन सिंह बब्बेहाली, श्री हरगोबिंदपुर हलके के विधायक देसराज धुग्गा को बैठने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। इतना ही नहीं उप मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में हारे हुए नेताओं का नाम तो लिया लेकिन मौजूदा विधायकों को भूल गए। सुखबीर ने कहा कि जनता की सेवा के लिए पूर्व स्पीकर निर्मल सिंह काहलों, पूर्व शिक्षा मंत्री सेवा सिंह सेखवां और पूर्व कृषि मंत्री सुच्चा सिंह लंगाह की ड्यूटी लगाई है। किसी को अगर कोई परेशानी आती है तो वह उनसे संपर्क कर सकता है। इस पर गुरदासपुर आर श्री हरगोबिंदपुर इलाके से आए लोगों असमंजस में पड़ गए। जब इस सबंध में गुरदासपुर के विधायक तथा मुख्य संसदीय सचिव गुरबचन सिंह बब्बेहाली से बात की तो उन्होंने कहा कि वह केवल लोगों की भलाई के लिए काम करते हैं। नाम लेने या न लेने से कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि हर आम वोटर जानता है कि उनकी भलाई के लिए सबसे ज्यादा फंड और काम कौन करवाता है।