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सरताज के अंदाज में झूमे युवा, भंगड़ा- गिद्दा डाल बांधा समा
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चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी घंडूआं में प्रस्तुति देते गायक सतिंदर सरताज।
- फोटो : MOHALI
मोहाली। कोरोना काल के बीच वीआईपी सिटी में सभ्याचार का मेला शुरू हो गया है, जिसमें सतिंदर सरताज ने समा बांधा। पंजाब के नौजवानों और युवतियों ने भंगड़ा व गिद्दा डाला। सतिंदर सरताज ने अपने अंदाज में युवाओं को झूमने पर विवश कर दिया।
मौका था घंड़ूआं की चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में वर्चुअल इंटरनेशनल फोकलोर फेस्टिवल का। इसमें 39 देशों के 1000 से अधिक कलाकार भाग ले रहे हैं। उद्घाटन समारोह में शनिवार को कजाकिस्तान के एंबेसडर अलि मबायेव येरलिन व एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज के संयुक्त सचिव डॉ. बलजीत सिंह सेखों के साथ पंजाबी गायक सतिंदर सरताज शामिल हुए।
इस अंतर्राष्ट्रीय समारोह में भारत सहित दुनिया भर के 39 देशों के 1000 से अधिक कलाकार भाग ले रहे हैं। जो अपने-अपने देशों के लोक नृत्यों और संस्कृतियों को प्रस्तुत करेंगे। उद्घाटन समारोह के दौरान चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के कलाकारों ने गिद्दा और भंगड़ा पेश किया।
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सफलता के लिए खुद को तराशना होगा : सतिंदर सरताज
सतिंदर सरताज ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि अगर हमें सफलता प्राप्त करनी है तो खुद को तराशना होगा। अधिकतर देशों का नृत्य और लोक साहित्य कहीं न कहीं एक-दूसरे से मिलता-जुलता है, जो कि वैश्विक सद्भाव को प्रदर्शित करता है। बलजीत सिंह सेखों ने कहा कि कोविड-19 ने वैश्विक स्तर पर विद्यार्थियों व सभ्याचार पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। कजाकिस्तान के एंबेसडर अलि मबायेव येरलिन ने कहा कि भारत का आतिथ्य और सत्कार सराहनीय है। इसी सभ्यता और संस्कृति के आदान-प्रदान में सहयोग के लिए भारत के साथ बेहतर संबंध चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कजाकिस्तान के 5000 से ज्यादा विद्यार्थी भारत और भारत के 1000 से ज्यादा छात्र कजाकिस्तान में अध्ययनरत हैं। चंडीगढ सहित ट्राइसिटी ऐसा सांस्कृतिक हब बन चुका है, जो कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सामाजिक व लोक साहित्यिक समारोहों की मेजबानी कर रहा है। इस दौरान चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू भी मौजूद रहे।
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मौका था घंड़ूआं की चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में वर्चुअल इंटरनेशनल फोकलोर फेस्टिवल का। इसमें 39 देशों के 1000 से अधिक कलाकार भाग ले रहे हैं। उद्घाटन समारोह में शनिवार को कजाकिस्तान के एंबेसडर अलि मबायेव येरलिन व एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज के संयुक्त सचिव डॉ. बलजीत सिंह सेखों के साथ पंजाबी गायक सतिंदर सरताज शामिल हुए।
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इस अंतर्राष्ट्रीय समारोह में भारत सहित दुनिया भर के 39 देशों के 1000 से अधिक कलाकार भाग ले रहे हैं। जो अपने-अपने देशों के लोक नृत्यों और संस्कृतियों को प्रस्तुत करेंगे। उद्घाटन समारोह के दौरान चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के कलाकारों ने गिद्दा और भंगड़ा पेश किया।
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सफलता के लिए खुद को तराशना होगा : सतिंदर सरताज
सतिंदर सरताज ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि अगर हमें सफलता प्राप्त करनी है तो खुद को तराशना होगा। अधिकतर देशों का नृत्य और लोक साहित्य कहीं न कहीं एक-दूसरे से मिलता-जुलता है, जो कि वैश्विक सद्भाव को प्रदर्शित करता है। बलजीत सिंह सेखों ने कहा कि कोविड-19 ने वैश्विक स्तर पर विद्यार्थियों व सभ्याचार पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। कजाकिस्तान के एंबेसडर अलि मबायेव येरलिन ने कहा कि भारत का आतिथ्य और सत्कार सराहनीय है। इसी सभ्यता और संस्कृति के आदान-प्रदान में सहयोग के लिए भारत के साथ बेहतर संबंध चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कजाकिस्तान के 5000 से ज्यादा विद्यार्थी भारत और भारत के 1000 से ज्यादा छात्र कजाकिस्तान में अध्ययनरत हैं। चंडीगढ सहित ट्राइसिटी ऐसा सांस्कृतिक हब बन चुका है, जो कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सामाजिक व लोक साहित्यिक समारोहों की मेजबानी कर रहा है। इस दौरान चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू भी मौजूद रहे।