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सुखी और निरोगी समाज के लिए अपने दायित्व समझें : संपूर्णानंद ब्रह्मचारी
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मोहाली। सुखी, स्वस्थ और संस्कारवान समाज के निर्माण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने सामाजिक दायित्वों को समझना जरूरी है। यह बात रविवार को पूज्य गुरुदेव परम शिव उपासक श्री श्री 108 तपोनिष्ठ अग्निहोत्री संपूर्णानंद ब्रह्मचारी जी ने कही। सेक्टर-89 स्थित श्री अमृतेश्वर महादेव मंदिर में ‘हमारा सामाजिक दायित्व’ विषय पर संगोष्ठी और धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संतों ने भारतीय संस्कृति के मूल भाव ‘सुखी रहो, निरोगी रहो’ को जीवन में अपनाने के साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का संदेश दिया। कार्यक्रम में पंजाब विधानसभा के स्पीकर स. कुलतार सिंह संधवां, भाजपा नेता बंतो कटारिया और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शिरकत की।
झांसी से पहुंचे अग्नि अखाड़े के महाराज सोमेश्वर और प्रयागराज से आए महाराज विचित्रानंद ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। कार्यक्रम पूज्य गुरुदेव परम शिव उपासक श्री श्री 108 तपोनिष्ठ अग्निहोत्री संपूर्णानंद ब्रह्मचारी जी के सानिध्य में आयोजित हुआ।अग्नि अखाड़े के महाराज सोमेश्वर ने कहा कि भारतीय संस्कृति की पहचान केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है। सेवा, संस्कार, परोपकार और सामाजिक जिम्मेदारी भी इसके महत्वपूर्ण आधार हैं। प्रयागराज से आए महाराज विचित्रानंद ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने परिवार के साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को भी समझना चाहिए। जरूरतमंदों की सहायता करना, सामाजिक एकता को मजबूत करना और देशहित में योगदान देना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि समाज में बढ़ रही सामाजिक बुराइयों के प्रति लोगों को जागरूक रहना चाहिए। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने कर्तव्यों को ईमानदारी से निभाए और सकारात्मक सोच के साथ समाजहित में काम करे तो स्वस्थ, सुखी और संस्कारवान समाज का निर्माण किया जा सकता है। कार्यक्रम में लोगों को सामाजिक एकता, सेवा भावना और परोपकार के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर शिव गीतों और भजनों की प्रस्तुति भी दी गई। शिव भजनों पर श्रद्धालु भक्तिरस में सराबोर होकर झूमते नजर आए। धार्मिक प्रस्तुतियों से मंदिर परिसर का वातावरण भक्तिमय हो गया। आयोजन में बापू मुक्तानंद चैरिटेबल ट्रस्ट, श्री अमृतेश्वर महादेव मंदिर वेलफेयर ट्रस्ट और विश्व परमार्थ फाउंडेशन से जुड़े पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान संतों ने सभी को सुखी और निरोगी जीवन के साथ समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया।
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झांसी से पहुंचे अग्नि अखाड़े के महाराज सोमेश्वर और प्रयागराज से आए महाराज विचित्रानंद ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। कार्यक्रम पूज्य गुरुदेव परम शिव उपासक श्री श्री 108 तपोनिष्ठ अग्निहोत्री संपूर्णानंद ब्रह्मचारी जी के सानिध्य में आयोजित हुआ।अग्नि अखाड़े के महाराज सोमेश्वर ने कहा कि भारतीय संस्कृति की पहचान केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है। सेवा, संस्कार, परोपकार और सामाजिक जिम्मेदारी भी इसके महत्वपूर्ण आधार हैं। प्रयागराज से आए महाराज विचित्रानंद ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने परिवार के साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को भी समझना चाहिए। जरूरतमंदों की सहायता करना, सामाजिक एकता को मजबूत करना और देशहित में योगदान देना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि समाज में बढ़ रही सामाजिक बुराइयों के प्रति लोगों को जागरूक रहना चाहिए। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने कर्तव्यों को ईमानदारी से निभाए और सकारात्मक सोच के साथ समाजहित में काम करे तो स्वस्थ, सुखी और संस्कारवान समाज का निर्माण किया जा सकता है। कार्यक्रम में लोगों को सामाजिक एकता, सेवा भावना और परोपकार के लिए प्रेरित किया गया।
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इस अवसर पर शिव गीतों और भजनों की प्रस्तुति भी दी गई। शिव भजनों पर श्रद्धालु भक्तिरस में सराबोर होकर झूमते नजर आए। धार्मिक प्रस्तुतियों से मंदिर परिसर का वातावरण भक्तिमय हो गया। आयोजन में बापू मुक्तानंद चैरिटेबल ट्रस्ट, श्री अमृतेश्वर महादेव मंदिर वेलफेयर ट्रस्ट और विश्व परमार्थ फाउंडेशन से जुड़े पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान संतों ने सभी को सुखी और निरोगी जीवन के साथ समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया।
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