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पुरानी मशीन से हो रहे एक्स-रे, नई लिफाफे में बंद, लग रही कतारें
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मोहाली। फेज-6 स्थित डॉ. बीआर आंबेडकर राज्य आयुर्विज्ञान संस्थान में भले ही अति आधुनिक मशीनें आ गई हैं लेकिन मरीजों के लिए अभी भी पुरानी मशीनों का प्रयोग हो रहा है। इन्हीं मशीनों में एक एक्स-रे मशीन है। इसके पीछे की वजह रेडियोग्राफिक के कमरे में नमी रहना है। नमी से मशीन खराब होने के चक्कर में इसे प्रयोग नहीं किया जा रहा है। दूसरी तरफ इस वजह से लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। कइयों को तो लाइन में लगने के बाद भी नंबर तक नहीं आता है।
जानकारी के मुताबिक मेडिकल कॉलेज में 20 साल पुरानी हेलियोफोस डी एक्स-रे जनरेटर का उपयोग किया जा रहा है। उसे उस लगाया गया था जब यह एक उक्त मेडिकल कॉलेज एक सिर्फ सिविल अस्पताल था और रोज 400 के करीब मरीज आते थे। वहीं 2021 में मेडिकल कॉलेज बनने के बाद जहां यहां की कार्यप्रणाली बदली है। वहीं पुरानी मशीन का उपयोग भी पहले के मुकाबले बढ़ा है। सूत्रों की माने तो यह मशीन 25 मरीजों का लगातार एक्स-रे करने के बाद गर्म हो जाती है। अधिक गर्म होने के बाद इसे बंद करना पड़ जाता है। इसमें एक मरीज को 20 से 25 मिनट एक्स-रे करने में लगते हैं। ऐसे में रोज 200 मरीजों में से कुछ को अगले दिन के तारीख रेडियोलॉजी विभाग की ओर से दी जाती है जिससे लोगों को काफी दिक्कत उठानी पड़ती है।
पर्ची बनाने में लग रहा है समय
मां पिछले काफी समय से बीमार चल रही है। हम कुराली से यहां आए हैं। मां की बच्चेदानी में समस्या है। इस कुराली के डॉक्टर ने हमें यहां भेजा। वहीं कई टेस्ट करवाने को कहा गया है। इसके बाद ही उनके ऑपरेशन के तारीख दी जाएगी। यहां खड़े हुए काफी समय हो गया है लेकिन पर्ची का नंबर नहीं आया। वहीं सुबह से टेस्ट करवाकर हम दोनों बहुत थक गए हैं। -सुखप्रीत कौर, कुराली
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सिफारिश से पहले करवा रहे एक्स-रे
हम दोनों पति-पत्नी को अमरनाथ यात्रा के लिए जाना है। वहीं डॉक्टर द्वारा लिखे जरूरी टेस्ट करवाते हुए काफी समय लग गया। वहीं हर तरफ लाइन लगी हुई है। अभी डेढ़ बज गए हैं। अगर टेस्ट नहीं हुआ तो कल फिर आना होगा। हम दोनों बुजुर्ग हैं, रोज आना संभव नहीं। हमने देखा कि यहां कई मरीज सिफारिश लेकर आते हैं जिनका पहले एक्स-रे हो जाता है। -गोपाल सैनी, ग्रीन होम्स सेक्टर-82
एक्स-रे के लिए लंबी लाइन
मैं अपने पिता के साथ यहां आई थी। उन्हें व्हील चेयर पर बिठाया है। सुबह से यहां एक्स-रे के लिए लाइनें लगी हुई हैं। वहीं तीन बार एक्स-रे के लिए इंतजार करके जा चुकी हूं। अस्पताल वालों को चाहिए कि बुजुर्गों के लिए एक अलग से एक्स-रे रूम हो क्योंकि उनकी उम्र के हिसाब से लंबा इंतजार कर मुश्किल है। -रिंपी, सेक्टर 56
एक्स-रे फीस के लिए अलग व्यवस्था हो
दो महीने पहले यहीं पर घुटनों का ऑपरेशन हुआ था। ऑपरेशन के बाद अब वे टेस्ट करवाने के लिए आई हूं। लाइन में लगने के एक घंटा इंतजार बाद नंबर आया तो पता चला कि एक्स-रे की फीस भी भरनी है। अब बेटा फीस भरवाने गया है। वहीं दो बजने वाले हैं और एक्स-रे बंद हो जाएगा। ऐसे में हो रही देरी के कारण हमें शक है कि कहीं हमें कल फिर से न आना पड़े। -चरणजीत कौर, राजपुरा
क्या कहते हैं अधिकारी
रेडियोलॉजी विभाग में आई नई एक्स-रे मशीन काफी एडवांस है। इसके लिए अलग कमरा भी तैयार किया था। एक्स-रे की नई मशीन के लिए सूखी दीवार होनी चाहिए लेकिन अस्पताल की इमारत में कुछ पानी की लीकेज होने के कारण सीलन बनी रहती है इसलिए पुरानी मशीनों से काम चलाया जा रहा है। इसे हल करने के लिए कोशिश की जा रही है। इसके अलावा हमारे पास पोर्टेबल मशीन भी है जिसे इमरजेंसी के समय इस्तेमाल किया जाता है। -डॉ. विजय भगत, एसएमओ
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जानकारी के मुताबिक मेडिकल कॉलेज में 20 साल पुरानी हेलियोफोस डी एक्स-रे जनरेटर का उपयोग किया जा रहा है। उसे उस लगाया गया था जब यह एक उक्त मेडिकल कॉलेज एक सिर्फ सिविल अस्पताल था और रोज 400 के करीब मरीज आते थे। वहीं 2021 में मेडिकल कॉलेज बनने के बाद जहां यहां की कार्यप्रणाली बदली है। वहीं पुरानी मशीन का उपयोग भी पहले के मुकाबले बढ़ा है। सूत्रों की माने तो यह मशीन 25 मरीजों का लगातार एक्स-रे करने के बाद गर्म हो जाती है। अधिक गर्म होने के बाद इसे बंद करना पड़ जाता है। इसमें एक मरीज को 20 से 25 मिनट एक्स-रे करने में लगते हैं। ऐसे में रोज 200 मरीजों में से कुछ को अगले दिन के तारीख रेडियोलॉजी विभाग की ओर से दी जाती है जिससे लोगों को काफी दिक्कत उठानी पड़ती है।
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पर्ची बनाने में लग रहा है समय
मां पिछले काफी समय से बीमार चल रही है। हम कुराली से यहां आए हैं। मां की बच्चेदानी में समस्या है। इस कुराली के डॉक्टर ने हमें यहां भेजा। वहीं कई टेस्ट करवाने को कहा गया है। इसके बाद ही उनके ऑपरेशन के तारीख दी जाएगी। यहां खड़े हुए काफी समय हो गया है लेकिन पर्ची का नंबर नहीं आया। वहीं सुबह से टेस्ट करवाकर हम दोनों बहुत थक गए हैं। -सुखप्रीत कौर, कुराली
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सिफारिश से पहले करवा रहे एक्स-रे
हम दोनों पति-पत्नी को अमरनाथ यात्रा के लिए जाना है। वहीं डॉक्टर द्वारा लिखे जरूरी टेस्ट करवाते हुए काफी समय लग गया। वहीं हर तरफ लाइन लगी हुई है। अभी डेढ़ बज गए हैं। अगर टेस्ट नहीं हुआ तो कल फिर आना होगा। हम दोनों बुजुर्ग हैं, रोज आना संभव नहीं। हमने देखा कि यहां कई मरीज सिफारिश लेकर आते हैं जिनका पहले एक्स-रे हो जाता है। -गोपाल सैनी, ग्रीन होम्स सेक्टर-82
एक्स-रे के लिए लंबी लाइन
मैं अपने पिता के साथ यहां आई थी। उन्हें व्हील चेयर पर बिठाया है। सुबह से यहां एक्स-रे के लिए लाइनें लगी हुई हैं। वहीं तीन बार एक्स-रे के लिए इंतजार करके जा चुकी हूं। अस्पताल वालों को चाहिए कि बुजुर्गों के लिए एक अलग से एक्स-रे रूम हो क्योंकि उनकी उम्र के हिसाब से लंबा इंतजार कर मुश्किल है। -रिंपी, सेक्टर 56
एक्स-रे फीस के लिए अलग व्यवस्था हो
दो महीने पहले यहीं पर घुटनों का ऑपरेशन हुआ था। ऑपरेशन के बाद अब वे टेस्ट करवाने के लिए आई हूं। लाइन में लगने के एक घंटा इंतजार बाद नंबर आया तो पता चला कि एक्स-रे की फीस भी भरनी है। अब बेटा फीस भरवाने गया है। वहीं दो बजने वाले हैं और एक्स-रे बंद हो जाएगा। ऐसे में हो रही देरी के कारण हमें शक है कि कहीं हमें कल फिर से न आना पड़े। -चरणजीत कौर, राजपुरा
क्या कहते हैं अधिकारी
रेडियोलॉजी विभाग में आई नई एक्स-रे मशीन काफी एडवांस है। इसके लिए अलग कमरा भी तैयार किया था। एक्स-रे की नई मशीन के लिए सूखी दीवार होनी चाहिए लेकिन अस्पताल की इमारत में कुछ पानी की लीकेज होने के कारण सीलन बनी रहती है इसलिए पुरानी मशीनों से काम चलाया जा रहा है। इसे हल करने के लिए कोशिश की जा रही है। इसके अलावा हमारे पास पोर्टेबल मशीन भी है जिसे इमरजेंसी के समय इस्तेमाल किया जाता है। -डॉ. विजय भगत, एसएमओ