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जहां रहां वर्मा, उन कॉलोनियों की होगी जांच
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नयागांव। नगर परिषद जीरकपुर के पूर्व कार्यकारी अधिकारी गिरीश वर्मा की विजिलेंस ब्यूरो की ओर से गिरफ्तारी के बाद से नयागांव समेत पंजाब के कुछ विकास कार्य भी विजिलेंस ब्यूरो की रडार पर हैं। क्योंकि गिरीश वर्मा नयागांव नगर काउंसिल में दो बार में करीब तीन साल तक कार्यकारी अधिकारी रह चुके हैं। ऐसे में उनके कार्यकाल के दौरान हुए विकास कार्य एवं मकानों के पास किए गए नक्शे जांच के घेरे में आ गए हैं। सूत्रों के मुताबिक विजिलेंस उन इलाकों में कटी कॉलोनियों की जांच करने वाली है, जो उनके कार्यकाल में कटी हैं। विजिलेंस देखेगी कि कहीं वे कॉलोनियां अवैध तो नहीं हैं।
बता दें कि विजिलेंस ने बुधवार को नगर काउंसिल भीखीविंड के कार्यकारी अधिकारी गिरीश वर्मा को आय से अधिक संपत्ति के आरोप में गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप थे कि कार्यकारी अधिकारी ने 2008 से लेकर 2021 तक करीब 7,95,76,097 रुपये की आय प्राप्त की थी। इतना ही नहीं विजिलेंस ब्यूरो ने करीब 12 ऐसी संपत्तियों की जांच की है जो उनके या उनकी पत्नी के नाम पर खरीदी गई है। 2008 से 2021 के दौरान कार्यकारी अधिकारी गिरीश वर्मा नगर काउंसिल नयागांव में भी दो बार कार्यरत रह चुके हैं।
पहली बार गिरीश वर्मा नयागांव में अक्तूबर 2009 से लेकर सितंबर 2011 तक कार्यकारी अधिकारी रहे थे। इसके बाद मई 2016 से जून 2017 तक वह नयागांव के कार्यकारी अधिकारी के रूप में कार्यरत रहे थे। विजिलेंस ब्यूरो के सूत्रों के मुताबिक 2008 से 2021 के बीच में गिरीश वर्मा जहां-जहां पर कार्यरत रहे हैं उन सभी नगर काउंसिल के रिकॉर्ड की जांच की जा रही है, ताकि उनके द्वारा अर्जित की गई आमदनी के सभी स्रोतों का पता लगाया जा सके। पुलिस रिमांड के दौरान गिरीश वर्मा ने इस संबंधी कुछ खुलासे भी किए हैं।
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नवजोत सिंह सिद्धू मंत्री रहते लगा चुके हैं फटकार
30 मार्च, 2017 को नवजोत सिंह सिद्धू ने नयागांव का अचानक दौरा किया था। उस समय वह स्थानीय सरकार विभाग के मंत्री थे और गिरीश वर्मा नगर काउंसिल नयागांव के कार्यकारी अधिकारी थे। उनके औचक दौरे के दौरान नयागांव के लोगों ने इलाके में समस्याओं संबंधी उनसे शिकायत की थी। इस पर नवजोत सिंह सिद्धू भड़क गए थे। उन्होंने कार्यकारी अधिकारी गिरीश वर्मा को जमकर फटकार लगाई थी। सिद्धू ने उन्हें दफ्तर में न बैठकर लोगों के बीच में जाकर काम करने की चेतावनी भी दी थी।
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बता दें कि विजिलेंस ने बुधवार को नगर काउंसिल भीखीविंड के कार्यकारी अधिकारी गिरीश वर्मा को आय से अधिक संपत्ति के आरोप में गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप थे कि कार्यकारी अधिकारी ने 2008 से लेकर 2021 तक करीब 7,95,76,097 रुपये की आय प्राप्त की थी। इतना ही नहीं विजिलेंस ब्यूरो ने करीब 12 ऐसी संपत्तियों की जांच की है जो उनके या उनकी पत्नी के नाम पर खरीदी गई है। 2008 से 2021 के दौरान कार्यकारी अधिकारी गिरीश वर्मा नगर काउंसिल नयागांव में भी दो बार कार्यरत रह चुके हैं।
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पहली बार गिरीश वर्मा नयागांव में अक्तूबर 2009 से लेकर सितंबर 2011 तक कार्यकारी अधिकारी रहे थे। इसके बाद मई 2016 से जून 2017 तक वह नयागांव के कार्यकारी अधिकारी के रूप में कार्यरत रहे थे। विजिलेंस ब्यूरो के सूत्रों के मुताबिक 2008 से 2021 के बीच में गिरीश वर्मा जहां-जहां पर कार्यरत रहे हैं उन सभी नगर काउंसिल के रिकॉर्ड की जांच की जा रही है, ताकि उनके द्वारा अर्जित की गई आमदनी के सभी स्रोतों का पता लगाया जा सके। पुलिस रिमांड के दौरान गिरीश वर्मा ने इस संबंधी कुछ खुलासे भी किए हैं।
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नवजोत सिंह सिद्धू मंत्री रहते लगा चुके हैं फटकार
30 मार्च, 2017 को नवजोत सिंह सिद्धू ने नयागांव का अचानक दौरा किया था। उस समय वह स्थानीय सरकार विभाग के मंत्री थे और गिरीश वर्मा नगर काउंसिल नयागांव के कार्यकारी अधिकारी थे। उनके औचक दौरे के दौरान नयागांव के लोगों ने इलाके में समस्याओं संबंधी उनसे शिकायत की थी। इस पर नवजोत सिंह सिद्धू भड़क गए थे। उन्होंने कार्यकारी अधिकारी गिरीश वर्मा को जमकर फटकार लगाई थी। सिद्धू ने उन्हें दफ्तर में न बैठकर लोगों के बीच में जाकर काम करने की चेतावनी भी दी थी।