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..जब एंबुलेंस ने बीच में छोड़ा तो पीसीआर ने दिया सहारा

Tue, 05 May 2020 01:48 AM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 05 May 2020 01:48 AM IST
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.. When the ambulance left in the middle, PCR provided support
मोहाली। जिले के एक परिवार के लिए पुलिस की पीसीआर टीम उस समय मददगार बनकर आई। जब चंडीगढ़ से डिलीवरी करवाकर आ रहे दंपती को बच्ची के साथ एंबुलेंस ने चंडीगढ़ बॉर्डर पर ही उतार दिया। साथ ही दंपती को खरड़ छोड़ने से साफ मना कर दिया। इसके बाद दंपती ने पीसीआर की मदद ली जिसके बाद वह अपने घर पहुंच पाए हैं।
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इतना ही नहीं पुलिस ने परिवार को राशन समेत अन्य जरूरी सामान भी मुहैया करवाया है। इस संबंधी अंकित ने बताया कि वह मुुंडी खरड़ के रहने वाले हैं। उनकी पत्नी ने 27 अप्रैल को जीएमएसएच-16 में बेटी को जन्म दिया था। इसके बाद पत्नी वहीं पर भर्ती थी। तीन मई को अस्पताल से उनकी पत्नी की छुट्टी हुई। इसके बाद उन्होंने वहां से फेज-छह मोहाली के लिए एंबुलेंस ली थी। उन्होंने एंबुलेंस चालक को कहा कि उन्हें मुंडी खरड़ में छोड़ दे। इस पर एंबुलेंस ड्राइवर का कहना था कि वह यूटी सीमा से आगे नहीं जाएगा। बाद में ड्राइवर एक शर्त पर चलने के लिए भी तैयार हो गया। उसका कहना था कि मुंडी खरड़ के लिए उसे 800 रुपये देने होंगे।
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अंकित ने बताया कि उस जगह से उसका घर मात्र तीन किलोमीटर की दूूरी पर स्थित है। वहीं, उसकी जेब में इतने ज्यादा पैसे भी नहीं थे। ऐसे में एंबुलेंस वाले ने उन्हें बॉर्डर पर ही उतार दिया। उन्हेें समझ नहीं आ रहा था कि आखिर वह अब क्या करें। उनके पास पैसे भी नहीं थे वहीं, पत्नी चलने लायक भी नहीं थी। हिम्मत कर उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम पर फोन कर सारी समस्या बताई और मदद की गुहार लगाई। अंकित ने बताया कि फोन करने के तुरंत बाद पीसीआर के इंचार्ज असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर अजय पाठक मौके पर पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने उनकी पत्नी और उन्हें गाड़ी में बिठाकर घर छोड़ दिया।
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जिक्रयोग है कि लॉकडाउन के बीच मोहाली पीसीआर की सेवाएं काफी बढ़िया रही हैं। इससे पहले गांव कुंभड़ा में एक गर्भवती महिला की घर पर डॉक्टर व स्टाफ आदि बुलाकर डिलीवरी करवाई थी। इसके अलावा फेज-11 में छत से गिरी महिला को अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाई थी। इसके अलावा लोगों को राशन मुहैया करवाने में भी अहम भूमिका निभाई जा रही है।
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