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दावों की पोल खुली, मंडी में नहीं हो रही गेहूं की लिफ्टिंग
अमर उजाला ब्यूरो, मोहाली
Updated Sun, 17 Apr 2016 12:14 AM IST
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मंडी
- फोटो : अमर उजाला
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सरकार भले ही इस बार किसानों को अनाज मंडियों में किसी प्रकार की समस्या पेश न आने देने के दावे करे, लेकिन वे खोखले साबित हो रहे। मंडियों में गेहूं की लिफ्टिंग नहीं होने के कारण बोरियों के अंबार लगे हैं। मंडी में खड़ी गेहूं से भरी ट़्रॉलियां सरकार के दावों की पोल खोल रहीं हैं। किसानों को अपना अनाज देने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सरकार के घटिया प्रबंधों को लेकर किसानों ने शनिवार को भागोमाजरा की अनाज मंडी में रोष प्रदर्शन किया।
जानकारी अनुसार, इस समय मंडी में करीब 36 हजार अनाज के कट्टे खुले आसमान के नीचे पड़े हैं। जबकि आठ दिनों से मंडी से लिफ्टिंग नहीं हुई, जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने कहा कि अभी तक केवल 18 फीसदी गेहूं की फसल मंडी में आई। जबकि, 90 फीसदी फसल तो अभी आनी शेष है।
किसान बलविंदर सिंह सरपंच चकला, हरबंस सिंह भागोमाजारा, करनैल सिंह बनमाजरा, जंग सिंह बूथगढ़, जगतार सिंह बमनाड़ा, गुरप्रीत सिंह कलालमाजरा, बाबू चकला और कर्मजीत सिंह चैडिया ने बताया कि एक तरफ तो सरकार किसानों को मंडियों में किसी प्रकार की समस्या नहीं होने देने के दावे कर रही है। जबकि किसान कड़ी धूप में गेहूं बेचने के लिए मंडी में परेशान हो रहे हैं। लिफ्टिंग नहीं होने के कारण कई किसानों की ट्रालियां अनाज से भरी खड़ी हुई हैं। जबकि, मंडी में अनाज रखने के लिए जगह नहीं है। चारों तरफ मंडी में बोरियों के अंबार लगे हुए हैं। इस दौरान किसानों ने सरकार के घटिया प्रबंधों से नाराज होकर नारेबाजी की। साथ ही अनाज के लिफ्टिंग के ठोस प्रबंध करने और अनाज की अदायगी तुरंत किए जाने की मांग की।
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क्या कहते हैं अधिकारी
लेबर के टेंडरों में हुई देरी कारण यह समस्या पैदा हुई है। इस समस्या को जल्द ही हल कर लिया जाएगा।
- अमरप्रीत सिंह, इंस्पेक्टर, पनग्रेन
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सरकार के घटिया प्रबंधों को लेकर किसानों ने शनिवार को भागोमाजरा की अनाज मंडी में रोष प्रदर्शन किया।
जानकारी अनुसार, इस समय मंडी में करीब 36 हजार अनाज के कट्टे खुले आसमान के नीचे पड़े हैं। जबकि आठ दिनों से मंडी से लिफ्टिंग नहीं हुई, जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने कहा कि अभी तक केवल 18 फीसदी गेहूं की फसल मंडी में आई। जबकि, 90 फीसदी फसल तो अभी आनी शेष है।
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किसान बलविंदर सिंह सरपंच चकला, हरबंस सिंह भागोमाजारा, करनैल सिंह बनमाजरा, जंग सिंह बूथगढ़, जगतार सिंह बमनाड़ा, गुरप्रीत सिंह कलालमाजरा, बाबू चकला और कर्मजीत सिंह चैडिया ने बताया कि एक तरफ तो सरकार किसानों को मंडियों में किसी प्रकार की समस्या नहीं होने देने के दावे कर रही है। जबकि किसान कड़ी धूप में गेहूं बेचने के लिए मंडी में परेशान हो रहे हैं। लिफ्टिंग नहीं होने के कारण कई किसानों की ट्रालियां अनाज से भरी खड़ी हुई हैं। जबकि, मंडी में अनाज रखने के लिए जगह नहीं है। चारों तरफ मंडी में बोरियों के अंबार लगे हुए हैं। इस दौरान किसानों ने सरकार के घटिया प्रबंधों से नाराज होकर नारेबाजी की। साथ ही अनाज के लिफ्टिंग के ठोस प्रबंध करने और अनाज की अदायगी तुरंत किए जाने की मांग की।
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क्या कहते हैं अधिकारी
लेबर के टेंडरों में हुई देरी कारण यह समस्या पैदा हुई है। इस समस्या को जल्द ही हल कर लिया जाएगा।
- अमरप्रीत सिंह, इंस्पेक्टर, पनग्रेन