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परेशानी : 5 लाख की आबादी के बावजूद शहर में नही एक भी सरकारी कालेज

Tue, 15 Feb 2022 01:33 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Tue, 15 Feb 2022 01:33 AM IST
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What kind of development is this.... full of election promises, the government could not even build a college
जीरकपुर। शहर की आबादी करीब पांच लाख के नजदीक पहुंच चुकी है। यदि शहर के विकास के साथ साथ शिक्षा प्रणाली की बात करें तो शहर में एक भी सरकारी कॉलेज नहीं है जहां छात्र उच्च स्तरीय पढ़ाई कर सकें। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के समय हर पाटी के नेता बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन आज तक सरकारी कॉलेज नहीं बन पाया। उच्च स्तरीय पढ़ाई के लिए चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली जैसे शहरों पर निर्भर रहना पड़ता है।
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कुछ समय पहले जीरकपुर के लोग डेराबस्सी के सरकारी कॉलेज जाते थे, लेकिन अब ज्यादातर छात्र चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली जैसे शहरों में जाने लगे हैं। इसका कारण यह है कि जीरकपुर में कोई भी अच्छा कॉलेज नहीं है। वहीं, दूसरे शहरों में पढ़ाई के लिए जाते समय महिलाओं को बेहद परेशानी होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान हरेक नेता बड़े बड़े वादे कर चलता बनता है, लेकिन कॉलेज के लिए वादों व लारों के सिवाय कुछ भी नहीं किया जा रहा।
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निजी कॉलेज में देनी पड़ रही अधिक फीस
डेराबस्सी सरकारी कॉलेज के क्लेरिकल स्टाफ ने बताया कि उनके कॉलेज में हर साल जीरकपुर से सैकड़ों विद्यार्थी आते थे। उनकी संख्या अब आधी रह गई है। वहीं, हजारों छात्र जीरकपुर से दूसरे शहरों में जाते हैं। हालांकि लालड़ू क्षेत्र और बनूड़ क्षेत्र में भी कुछ निजी कॉलेज बने हुए हैं जो काफी महंगे भी हैं। इसलिए जीरकपुर के छात्रों को चंडीगढ़ मोहाली और पंचकूला के सरकारी कॉलेजों में पढ़ाई करने जाना पड़ता है।
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बसों में बदतमीजी का सामना करती हैं छात्राएं
जीरकपुर से रोज सैकड़ों की संख्या में छात्राओं को चंडीगढ़ में जीएसएम, देव समाज कॉलेज, एमसीएम, सरकारी कॉलेज में पढ़ाई करने जाना पड़ता है। कॉलेज जाने के लिए एक तो घर से जल्दी निकलना पड़ता है और घंटों के सफर के बाद ही वह कॉलेज पहुंच पाती हैं। इस दौरान छात्राओं को उनके साथ भीड़भाड़ वाली बसों में होने बदतमीजी के लिए चौकन्ना रहना पड़ता है। यदि जीरकपुर में ही कॉलेज होगा तो समय के साथ साथ महिलाओं के साथ होने वाली बदतमीजी की घटनाओं से भी बचा जा सकता है।

कोट्स
दूर जाने में होती है परेशानी
मैं जीरकपुर से लालड़ू रोजाना कॉलेज जाता हूं और बीएबीएड की पढ़ाई कर रहा हूं। इसमें समय तो बरबाद होता ही है और पढ़ाई के लिए समय भी कम मिलता है।
प्रदीप सिंह, निवासी जीरकपुर
जीरकपुर में कॉलेज होना बहुत जरूरी
मैंने अपनी पढ़ाई पिछले साल ही पूरी की है। मैं रोजाना जीरकपुर से चंडीगढ़ 46 जाता था। मुझे काफी परेशानी होती थी। जीरकपुर में कॉलेज होना बहुत जरूरी है।
-विजय, निवासी जीरकपुर
बसों में होती है परेशानी
मैं एमबीए कर रही हूं। इसके लिए मुझे चंडीगढ़ जाना पड़ता है। बसों में काफी समस्या होती थी। इस कारण मुझे पढ़ाई के खर्च के साथ एक्टिवा भी लेनी पड़ी। जीरकपुर में कोई कॉलेज होता तो अतिरिक्त खर्च न करना पड़ता।
-सरबजीत कौर शानू, निवासी, जीरकपुर
पढ़ाई के लिए जाना पड़ता है लालड़ू
हमें जीरकपुर लोकल पड़ता है। मुझे पढ़ाई के लिए लालड़ू जाना पड़ता है। यदि जीरकपुर कोई कॉलेज होता तो मुझे इतनी दूर लालड़ू न जाना पड़ता।
-गुरप्रीत सिंह, निवासी बनूड़
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