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काफी देर किया इंतजार, बारी आई तो पता चला पहले ही डल चुका है वोट
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मोहाली। भले ही जिला प्रशासन नगर निगम चुनाव को पारदर्शिता से करवाने के दावे कर रहा है, लेकिन कई जगह फर्जी वोटिंग हुई है। फर्जी वोटर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने पकड़े हैं। ऐसा ही एक मामला फेज-सात स्थित सेंटर सोल्जर स्कूल में बने पोलिंग बूथ में सामने आया। जब एक लॉ की छात्रा अभिभावकों के साथ मतदान करने के लिए पहुंची। काफी देर लाइन में लगकर बारी आई तो पता चला कि उसका वोट पहले ही डल चुका है।
हालांकि उन्होंने इस संबंध में विरोध भी जताया। इसी तरह उनके अभिभावकों को मतदान करने के बाद उंगली पर स्याही तक नहीं लगाई गई। सेक्टर-70 निवासी राजवंत सिंह ने बताया कि वह पेशे से बिजनेसमैन हैं। वह अपनी पत्नी व बेटी के साथ मतदान करने के लिए फेज-सात स्थित निजी स्कूल में बने पोलिंग बूथ पर गए थे। उनकी और पत्नी की वोट तो पड़ गई, लेकिन जब बेटी अर्शदीप कौर की बारी आई तो पता चला कि उसके वोट का पहले ही किसी ने प्रयोग किया हुआ है।
राजवंत सिंह ने बताया कि मतदान के दौरान उन्हें स्याही तक नहीं लगी है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह का मतदान हुआ है। जिक्रयोग है कि यह पोलिंग बूथ काफी संवेदनशील और वीआईपी माना जा रहा था। यहां सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू के भाई अमरजीत सिंह जीती सिद्धू चुनावी मैदान में थे। पुलिस का पहरा होने के बाद भी इस तरह के मामले सामने आए हैं।
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पांच फर्जी वोटर कार्ड पकड़े, युवा भागे
फेज-सात स्थित सेंट सोल्जर स्कूल में वार्ड-10 के लिए मतदान हो रहा था। यहां पर आजाद व ‘आप’ के सांझे उम्मीदवार परमजीत सिंह काहलो मैदान में थे। उन्होंने बताया कि इस बूथ पर पूरा दिन कांग्रेस के नेताओं ने धक्का किया। एक तो जो युवा विदेशों में बैठे हुए हैं, उनकी फर्जी वोटें डाली गई हैं। पांच से छह फर्जी वोटर कार्ड तो उन्होंने खुद पकड़े हैं, जबकि युवा वहां से भाग गए। इसी तरह आजाद ग्रुप के वरिष्ठ नेता परविंदर सिंह सोहाना ने रंगे हाथों एक फर्जी वोटर को पकड़ा है, जिसे पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
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हालांकि उन्होंने इस संबंध में विरोध भी जताया। इसी तरह उनके अभिभावकों को मतदान करने के बाद उंगली पर स्याही तक नहीं लगाई गई। सेक्टर-70 निवासी राजवंत सिंह ने बताया कि वह पेशे से बिजनेसमैन हैं। वह अपनी पत्नी व बेटी के साथ मतदान करने के लिए फेज-सात स्थित निजी स्कूल में बने पोलिंग बूथ पर गए थे। उनकी और पत्नी की वोट तो पड़ गई, लेकिन जब बेटी अर्शदीप कौर की बारी आई तो पता चला कि उसके वोट का पहले ही किसी ने प्रयोग किया हुआ है।
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राजवंत सिंह ने बताया कि मतदान के दौरान उन्हें स्याही तक नहीं लगी है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह का मतदान हुआ है। जिक्रयोग है कि यह पोलिंग बूथ काफी संवेदनशील और वीआईपी माना जा रहा था। यहां सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू के भाई अमरजीत सिंह जीती सिद्धू चुनावी मैदान में थे। पुलिस का पहरा होने के बाद भी इस तरह के मामले सामने आए हैं।
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पांच फर्जी वोटर कार्ड पकड़े, युवा भागे
फेज-सात स्थित सेंट सोल्जर स्कूल में वार्ड-10 के लिए मतदान हो रहा था। यहां पर आजाद व ‘आप’ के सांझे उम्मीदवार परमजीत सिंह काहलो मैदान में थे। उन्होंने बताया कि इस बूथ पर पूरा दिन कांग्रेस के नेताओं ने धक्का किया। एक तो जो युवा विदेशों में बैठे हुए हैं, उनकी फर्जी वोटें डाली गई हैं। पांच से छह फर्जी वोटर कार्ड तो उन्होंने खुद पकड़े हैं, जबकि युवा वहां से भाग गए। इसी तरह आजाद ग्रुप के वरिष्ठ नेता परविंदर सिंह सोहाना ने रंगे हाथों एक फर्जी वोटर को पकड़ा है, जिसे पुलिस के हवाले कर दिया गया है।