फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   Kargil Vijay Diwas 2021: Unique Spirit Of Patriotism, 480 Photos Narrating the Kargil War Story

देशभक्ति का अनोखा जज्बा: इन 480 फोटो में बयां कर दी कारगिल युद्ध की कहानी

Mon, 26 Jul 2021 10:11 AM IST
मोहाली ब्‍यूरो वेद प्रकाश, संवाद न्यूज एजेंसी, नयागांव (पंजाब)
वेद प्रकाश, संवाद न्यूज एजेंसी, नयागांव (पंजाब) Published by: मोहाली ब्‍यूरो Updated Mon, 26 Jul 2021 10:11 AM IST
सार

कारगिल युद्ध के समय अखबारों में छपी खबरों और शहीदों से जुड़े तमाम फोटो 22 साल बाद भी सुरक्षित रखे हुए हैं। वह भी सिर्फ देशभक्ति के जुनून के लिए। यह किसी सैनिक या सरकारी कर्मचारी की कहानी नहीं है।

विज्ञापन
Kargil Vijay Diwas 2021: Unique Spirit Of Patriotism, 480 Photos Narrating the Kargil War Story
नयागांव में कारगिल युद्ध से जुड़ी फोटो की एलबम दिखाते जगदीश कुमार बिष्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश के प्रति प्रेम वर्दी पहनकर ही प्रदर्शित हो ऐसा जरूरी नहीं। देशभक्ति का जज्बा कुछ लोगों में जुनून बनकर धड़कता है। ऐसे ही हैं, जगदीश कुमार बिष्ट, जिनका सेना से तो कोई नाता नहीं, पर सैनिकों और शहीदों के प्रति उनका जुनून बेमिसाल है। जगदीश कुमार बिष्ट ने कारगिल युद्ध की तमाम यादों को संजोकर रखा है।

विज्ञापन


कारगिल युद्ध के समय अखबारों में छपी खबरों और शहीदों से जुड़े तमाम फोटो 22 साल बाद भी सुरक्षित रखे हुए हैं। वह भी सिर्फ देशभक्ति के जुनून के लिए। यह किसी सैनिक या सरकारी कर्मचारी की कहानी नहीं है। यह कहानी है उत्तराखंड टिहरी के मूल निवासी जगदीश कुमार बिष्ट की, जो फिलहाल नयागांव के सिंघा देवी कॉलोनी में रहते हैं।
विज्ञापन


जगदीश ने बताया कि उन्होंने कारगिल युद्ध से संबंधित 480 फोटो की सात एलबम बनाकर रखी हुई हैं। जो उस समय अखबारों की सुर्खियां थीं। उन्होंने बताया कि वह अब तक इन फोटो की एलबम की देश के अलग-अलग स्थानों पर 9 बार प्रदर्शनी लगा चुके हैं। यही नहीं वह 2019 में सेक्टर 10 स्थित आर्ट म्यूजियम मे कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष में भी प्रदर्शनी का हिस्सा बने चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन





बिष्ट का कहना है कि वह पहले एक फोटोग्राफर थे, लेकिन अभी बच्चे अपना काम करते हैं और मेरे मन की तमन्ना है कि मैं देशवासियों को मैंने पास जो दुर्लभ तस्वीरें संजोई हैं उनके जरिये देशभक्ति की भावना पैदा कर सकूं।

उन्होंने बताया कि कारगिल युद्ध में कुल 527 भारतीय जवान शहीद हुए थे। इनमें से 104 जवान उत्तराखंड के रहने वाले थे। शायद कई जवान ऐसे होंगे, जिनके घर वालों को भी नहीं पता होगा लेकिन मेरे पास पूरे 104 जवानों का फोटो के साथ पूरा ब्योरा है।


भारतीय सेना से नहीं सीधा नाता, फिर भी जहन में है देशभक्ति
जगदीश कुमार बिष्ट के परिवार से भारतीय सेना में कोई भी व्यक्ति नहीं है, उनका सेना से सीधा कोई नाता नहीं है। लेकिन उनका कहना है कि जब भारत-पाकिस्तान का बंटवारा हुआ था उस समय उनके पिता लाहौर मे नौकरी करते थे। बंटवारे के कारण वह जिस ट्रेन से भारत वापस आ रहे थे उस ट्रेन को रास्ते में रोक कर कत्लेआम किया गया था।

किस्मत से पूरी ट्रेन में उनके पिता सहित कुल 22 लोग ही जिंदा वापस आ पाए थे। जब बचपन में पिता जी यह कहानी सुनाते थे तो देश भक्ति का जज्बा उनके मन में भी होता था। उनकी जिंदगी में जब कारगिल युद्ध हुआ, उस समय उन्होंने ठान लिया था कि वह कुछ ऐसा करेंगे जो सबसे अलग होगा। इसी जज्बे से आज तक उन्होंने कारगिल युद्ध से जुड़ी यादों को संजो कर रखा हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed