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72 इंच की अंडरग्राउंड लाइन धंसी, रोड पर बना गड्ढा
अमर उजाला ब्यूरो, मोहाली
Updated Sun, 04 Sep 2016 09:18 AM IST
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नगर के आवास विकास काॅलोनी में खुले नाले से कभी भी बड़ी घटना हो सकती है।
- फोटो : mirzapur
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सेक्टर-70 से फेज-7 की ओर आ रही सड़क के नीचे से गुजर रही 40 साल पुरानी 72 इंच ड्रेनेज लाइन धंस गई है। इससे सड़क पर करीब 10 से 15 फुट गहरा गड्ढा बन गया है। मामला ध्यान में आते ही पुलिस ने रोड से आवाजाही बंद कर दी है। इससे उस रोड ट्रैफिक का संचालन वनवे हो गया है। वहीं, विभाग ने लाइन की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। विभाग का दावा है कि आने वाले दो-तीन दिनों काम को पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद रोड आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, जैसे ही विभाग को सड़क धंसने की सूचना मिली। इसके तुरंत बाद विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। साथ ही लाइन की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि अब लाइन के दोनों तरफ ईंटों की पक्की दीवार बनाई जाएगी। इसके बाद ऊपर लेंटर डाला जाएगा, ताकि दोबारा लाइन धंसने की स्थिति न बने। वहीं, जानकारों की माने तो अगर विभाग इस तरफ ध्यान नहीं देता तो साथ लगते घरों को भी खतरा पैदा हो सकता है।
फेज-7 लाइट प्वाइंट में भी हालत गंभीर
वाईपीएस से गुरुद्वारा सिंह शहीदां की तरफ जा रही सड़क भी फेज-7 के लाइट प्वाइंट के पास भी जमीन धंस गई। इससे सड़क का बना डिवाइडर टूट गया है। साथ ही इससे सड़क को भी खतरा बन गया है। वहीं, अंदेशा जताया जा रहा है कि ऐसी स्थिति रही तो सड़क को और नुकसान हो सकता है।
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अंडरग्राउंड तार बने मुसीबत
जानकारों की माने तो सड़कों के लगातार धंसने की वजह अंडरग्राउंड तार हैं। आए दिन कई टेलीफोन कंपनियां अंडरग्राउंड केवल डालती हैं। इससे जमीन में बोरिंग होती है। उससे लाइन कमजोर हो रही है। इसके अलावा ईंट और चूने से बनी लाइन काफी पुरानी हो चुकी है।
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जानकारी के मुताबिक, जैसे ही विभाग को सड़क धंसने की सूचना मिली। इसके तुरंत बाद विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। साथ ही लाइन की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि अब लाइन के दोनों तरफ ईंटों की पक्की दीवार बनाई जाएगी। इसके बाद ऊपर लेंटर डाला जाएगा, ताकि दोबारा लाइन धंसने की स्थिति न बने। वहीं, जानकारों की माने तो अगर विभाग इस तरफ ध्यान नहीं देता तो साथ लगते घरों को भी खतरा पैदा हो सकता है।
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फेज-7 लाइट प्वाइंट में भी हालत गंभीर
वाईपीएस से गुरुद्वारा सिंह शहीदां की तरफ जा रही सड़क भी फेज-7 के लाइट प्वाइंट के पास भी जमीन धंस गई। इससे सड़क का बना डिवाइडर टूट गया है। साथ ही इससे सड़क को भी खतरा बन गया है। वहीं, अंदेशा जताया जा रहा है कि ऐसी स्थिति रही तो सड़क को और नुकसान हो सकता है।
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अंडरग्राउंड तार बने मुसीबत
जानकारों की माने तो सड़कों के लगातार धंसने की वजह अंडरग्राउंड तार हैं। आए दिन कई टेलीफोन कंपनियां अंडरग्राउंड केवल डालती हैं। इससे जमीन में बोरिंग होती है। उससे लाइन कमजोर हो रही है। इसके अलावा ईंट और चूने से बनी लाइन काफी पुरानी हो चुकी है।