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Mohali News: 18 साल पुराने मनी लॉन्ड्रिंग केस में दो को तीन साल कैद
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मोहाली। करीब 18 साल पुराने कोकीन तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में विशेष पीएमएलए अदालत ने दारा सिंह और गुरदर्शन सिंह को दोषी ठहराया। अदालत ने दोनों को तीन-तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। उन पर पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगा।
जुर्माना अदा न करने पर उन्हें एक-एक महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। फैसले के बाद जमानत पर चल रहे दोषियों को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया। यह मामला 28 अगस्त 2008 को दर्ज एनडीपीएस एक्ट की प्राथमिकी से जुड़ा। पुलिस ने तब दारा सिंह और गुरदर्शन सिंह से 1.230 किलो कोकीन बरामद की। इसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब 50 लाख रुपये थी। 2015 में विशेष एनडीपीएस अदालत ने दोनों को 12-12 साल की सजा सुनाई।
ईडी की जांच और अदालत का फैसला
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 20 अक्तूबर 2009 को मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की। ईडी ने 2022 में अदालत में शिकायत दाखिल की। विशेष लोक अभियोजक मोनिका ठाकुर ने अदालत में दलील दी। उन्होंने बरामद कोकीन और 10 लाख रुपये के दो चेक को अपराध से अर्जित संपत्ति बताया। बचाव पक्ष ने मनी ट्रेल न मिलने का तर्क दिया। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कोकीन और चेक को ''अपराध से अर्जित संपत्ति'' माना।
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जुर्माना अदा न करने पर उन्हें एक-एक महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। फैसले के बाद जमानत पर चल रहे दोषियों को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया। यह मामला 28 अगस्त 2008 को दर्ज एनडीपीएस एक्ट की प्राथमिकी से जुड़ा। पुलिस ने तब दारा सिंह और गुरदर्शन सिंह से 1.230 किलो कोकीन बरामद की। इसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब 50 लाख रुपये थी। 2015 में विशेष एनडीपीएस अदालत ने दोनों को 12-12 साल की सजा सुनाई।
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ईडी की जांच और अदालत का फैसला
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 20 अक्तूबर 2009 को मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की। ईडी ने 2022 में अदालत में शिकायत दाखिल की। विशेष लोक अभियोजक मोनिका ठाकुर ने अदालत में दलील दी। उन्होंने बरामद कोकीन और 10 लाख रुपये के दो चेक को अपराध से अर्जित संपत्ति बताया। बचाव पक्ष ने मनी ट्रेल न मिलने का तर्क दिया। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कोकीन और चेक को ''अपराध से अर्जित संपत्ति'' माना।
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