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Mohali News: एरोसिटी में पानी की दो टंकियों के लिए दो-दो जनरेटर, बिजली जाने पर एक भी नहीं चलाते
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मोहाली। एरोसिटी में गमाडा ने लोगों को पानी मुहैया करवाने के लिए पानी की दो टंकियां बनाई हुई हैं। बिजली जाने पर इन दोनों टंकियों को पानी से भरने के लिए दो-दो जनरेटर भी रखे गए हैं। लेकिन बिजली जाने के बाद इमरजेंसी में भी इन पानी की टंकियों में पानी भरने के लिए पब्लिक हेल्थ विभाग की ओर से इन चारों जनरेटरों में से किसी को भी नहीं चलाया जाता। उस समय बड़ी समस्या खड़ी हो जाती है जब बिजली कई दिनों तक नहीं आती और इमरजेंसी में भी लोगों को पानी भरने के लिए जनरेटरों को नहीं चलाया जाता। इससे एरोसिटी में बने मकानों की छतों पर रख पानी की टंकियां खाली रह जाती हैं। ऐसे में लोगों को मजबूरन पानी के टैंकर मंगवाने पड़ जाते हैं। जबकि इन टंकियों को भरने के लिए जनरेटरों को चलाने की जिम्मेदारी पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारियों की बनती है, लेकिन उनका कहना है कि उनके पास जनरेटरों को चलाने के लिए डीजल ही नहीं है। जबकि अधिकारियों की लापरवाही के कारण लोगों को पानी की समस्या से जूझना पड़ता है और एरोसिटी के सभी ब्लाॅकों में पानी की किल्लत हो जाती है।
जब टंकियों से पानी की सप्लाई नहीं आती तो इस संबंधी यहां के निवासियों का कहना है कि उनको पानी पीने के लिए दुकानों से पानी की बोतलें मंगवानी पड़ती हैं। वहीं, कभी-कभी तो पानी की समस्या इतनी बढ़ जाती है कि खुद के खर्चे पर पानी के टैंकर तक मंगवाने पड़ जाते हैं और तब जाकर पानी की पूर्ति हो पाती है। इसके साथ ही निवासियों का यह भी कहना है कि पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों को पानी की टंकियों के पास रखे जनरेटरों का इमरजेंसी के दौरान प्रयोग करना चाहिए। तभी पानी की इस समस्या से छुटकारा मिल पाएगा।
इस समस्या को लेकर आरडब्ल्यूए संगठन, एरोसिटी और आईटी सिटी के जॉइंट प्रेसिडेंट गुरिंदर सिंह ने बताया कि एरोसिटी में ब्लाॅक-ए से लेकर ब्लॉक-जे तक 10 ब्लाॅक बने हुए हैं। इन ब्लाॅकों में पानी की सप्लाई के लिए एरोसिटी के ब्लाॅक-डी में एक टंकी बनाई गई है और दूसरी टंकी ब्लाॅक-जी में बनाई है। इन दोनों टंकियों के पास जनरेटर भी रखे गए हैं। लेकिन बिजली जाने के बाद जनरेटर न चलाने से ट्यूबवेल सूख जाते हैं और लोगों को पानी की किल्लत से जूझना पड़ता है। इसके साथ ही कभी-कभी पानी आता भी है तो प्रेशर इतना कम होता है कि पहली और दूसरी मंजिल तक नहीं पहुंच पाता है।
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कोट्स
शोपीस बने जनरेटर
एरोसिटी में पानी की टंकियों के पास रखे जनरेटरों को इमरजेंसी के दौरान कभी नहीं चलाया जाता है। इस वजह से पानी की सप्लाई बाधित हो जाती है। अगर संबंधित अधिकारियों से जनरेटर चलाने के लिए कहा जाता है तो कहते हैं कि जनरेटर चलाने के लिए हमारे हमारे पास डीजल ही नहीं है। - जसबीर सिंह संधू, रेजिडेंट्स ब्लाॅक-ई एरोसिटी
बिजली जाने पर पानी नहीं आता
एरोसिटी में जब बिजली लंबे समय के लिए चली जाती है तो पानी की सप्लाई भी बंद हो जाती है। बिजली सही होने में कभी-कभी तो दो से तीन दिन का समय लग जाता है। इस दौरान पानी की समस्या से परेशानी होती है। -रमिंदर कौर, रेजिडेंट्स ब्लाॅक-सी एरोसिटी
तीन-चार दिन बिजली गुल तो पानी भी बंद
बिजली गुल हो जाने के बाद पानी की समस्या भी सामने आ जाती है। इसकी वजह है कि जब तक टंकी में पानी रहता है तब तो कोई समस्या नहीं होती है और जब बिजली तीन-चार दिन के लिए गुल हो जाती है तो टंकी खाली होने पर पानी भी आना बंद हो जाता है। -गुरमीत सिंह, रेजिडेट्स, ब्लाॅक-जी, एरोसिटी
कोट्स
एरोसिटी में वाटर सप्लाई की समस्या को लेकर अभी तक मेरे पास कोई भी शिकायत नहीं आई है। जैसे ही कोई शिकायत आएगी तो उसका समाधान तत्काल किया जाएगा। लोगों को परेशानी नहीं होने देंगे। -वरिंदर, एसडीओ, पब्लिक हेल्थ विभाग मोहाली
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जब टंकियों से पानी की सप्लाई नहीं आती तो इस संबंधी यहां के निवासियों का कहना है कि उनको पानी पीने के लिए दुकानों से पानी की बोतलें मंगवानी पड़ती हैं। वहीं, कभी-कभी तो पानी की समस्या इतनी बढ़ जाती है कि खुद के खर्चे पर पानी के टैंकर तक मंगवाने पड़ जाते हैं और तब जाकर पानी की पूर्ति हो पाती है। इसके साथ ही निवासियों का यह भी कहना है कि पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों को पानी की टंकियों के पास रखे जनरेटरों का इमरजेंसी के दौरान प्रयोग करना चाहिए। तभी पानी की इस समस्या से छुटकारा मिल पाएगा।
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इस समस्या को लेकर आरडब्ल्यूए संगठन, एरोसिटी और आईटी सिटी के जॉइंट प्रेसिडेंट गुरिंदर सिंह ने बताया कि एरोसिटी में ब्लाॅक-ए से लेकर ब्लॉक-जे तक 10 ब्लाॅक बने हुए हैं। इन ब्लाॅकों में पानी की सप्लाई के लिए एरोसिटी के ब्लाॅक-डी में एक टंकी बनाई गई है और दूसरी टंकी ब्लाॅक-जी में बनाई है। इन दोनों टंकियों के पास जनरेटर भी रखे गए हैं। लेकिन बिजली जाने के बाद जनरेटर न चलाने से ट्यूबवेल सूख जाते हैं और लोगों को पानी की किल्लत से जूझना पड़ता है। इसके साथ ही कभी-कभी पानी आता भी है तो प्रेशर इतना कम होता है कि पहली और दूसरी मंजिल तक नहीं पहुंच पाता है।
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शोपीस बने जनरेटर
एरोसिटी में पानी की टंकियों के पास रखे जनरेटरों को इमरजेंसी के दौरान कभी नहीं चलाया जाता है। इस वजह से पानी की सप्लाई बाधित हो जाती है। अगर संबंधित अधिकारियों से जनरेटर चलाने के लिए कहा जाता है तो कहते हैं कि जनरेटर चलाने के लिए हमारे हमारे पास डीजल ही नहीं है। - जसबीर सिंह संधू, रेजिडेंट्स ब्लाॅक-ई एरोसिटी
बिजली जाने पर पानी नहीं आता
एरोसिटी में जब बिजली लंबे समय के लिए चली जाती है तो पानी की सप्लाई भी बंद हो जाती है। बिजली सही होने में कभी-कभी तो दो से तीन दिन का समय लग जाता है। इस दौरान पानी की समस्या से परेशानी होती है। -रमिंदर कौर, रेजिडेंट्स ब्लाॅक-सी एरोसिटी
तीन-चार दिन बिजली गुल तो पानी भी बंद
बिजली गुल हो जाने के बाद पानी की समस्या भी सामने आ जाती है। इसकी वजह है कि जब तक टंकी में पानी रहता है तब तो कोई समस्या नहीं होती है और जब बिजली तीन-चार दिन के लिए गुल हो जाती है तो टंकी खाली होने पर पानी भी आना बंद हो जाता है। -गुरमीत सिंह, रेजिडेट्स, ब्लाॅक-जी, एरोसिटी
कोट्स
एरोसिटी में वाटर सप्लाई की समस्या को लेकर अभी तक मेरे पास कोई भी शिकायत नहीं आई है। जैसे ही कोई शिकायत आएगी तो उसका समाधान तत्काल किया जाएगा। लोगों को परेशानी नहीं होने देंगे। -वरिंदर, एसडीओ, पब्लिक हेल्थ विभाग मोहाली

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