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19 साल पुराने गबन के मामले में तीन लोगों को 2-2 साल की सजा
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मोहाली। सीबीआई की विशेष अदालत ने सोमवार 19 साल पुराने पैसों के गबन और धोखाधड़ी से जुड़े मामले में पनवायर कंपनी के पूर्व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर वेद प्रकाश समेत तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 2-2 साल की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक को 7-7 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। अन्य दोषियों में कंपनी के पूर्व एजीएम अशोक और पूर्व सीनियर अधिकारी एनके भांबरी के नाम शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार पनवायर कंपनी के आदेश पर केस दर्ज हुआ था। उक्त लोगों के खिलाफ सीबीआई की ओर से 2002 में मामला दर्ज किया गया था। इसकी जांच के दौरान सामने आया कि पनवायर कंपनी के पूर्व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर वेद प्रकाश ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए बड़े पैमाने पर पैसों का गबन किया है, जिस कारण कंपनी को भारी वित्तीय नुकसान झेलना पड़ा। दरअसल पनवायर नामक कंपनी की ओर से पूर्व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर वेद प्रकाश को दो लाख रुपये तक के चेक जारी करने की अनुमति प्रदान की थी, लेकिन वेद प्रकाश ने एग्जीक्यूटिव के पद पर रहते हुए अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया और अधिक रकम के चेक जारी कर दिए थे। जो बाद में बाउंस हो गए और इस वजह से कंपनी को कुल 132.56 करोड़ रुपये की चपत लगी थी।
जबकि वेद प्रकाश द्वारा किए गए पैसों के गबन के मामले में कंपनी के पूर्व एजीएम अशोक जयरथ और ऑडिटर एनके भांबरी ने पूरा साथ दिया था, इनको भी सीबीआई अदालत ने दोषी मानते हुए 2-2 साल की सजा सुनाई है।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार पनवायर कंपनी के आदेश पर केस दर्ज हुआ था। उक्त लोगों के खिलाफ सीबीआई की ओर से 2002 में मामला दर्ज किया गया था। इसकी जांच के दौरान सामने आया कि पनवायर कंपनी के पूर्व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर वेद प्रकाश ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए बड़े पैमाने पर पैसों का गबन किया है, जिस कारण कंपनी को भारी वित्तीय नुकसान झेलना पड़ा। दरअसल पनवायर नामक कंपनी की ओर से पूर्व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर वेद प्रकाश को दो लाख रुपये तक के चेक जारी करने की अनुमति प्रदान की थी, लेकिन वेद प्रकाश ने एग्जीक्यूटिव के पद पर रहते हुए अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया और अधिक रकम के चेक जारी कर दिए थे। जो बाद में बाउंस हो गए और इस वजह से कंपनी को कुल 132.56 करोड़ रुपये की चपत लगी थी।
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जबकि वेद प्रकाश द्वारा किए गए पैसों के गबन के मामले में कंपनी के पूर्व एजीएम अशोक जयरथ और ऑडिटर एनके भांबरी ने पूरा साथ दिया था, इनको भी सीबीआई अदालत ने दोषी मानते हुए 2-2 साल की सजा सुनाई है।
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