फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   Three people including Arunachal MLA sentenced to two years in check bounce case

Mohali News: चेक बाउंस मामले में अरुणाचल के विधायक सहित तीन को दो साल की सजा

Fri, 13 Jun 2025 11:26 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 13 Jun 2025 11:26 PM IST
विज्ञापन
Three people including Arunachal MLA sentenced to two years in check bounce case
मोहाली। अरुणाचल प्रदेश के मौजूदा विधायक रायतु तेजी मोहाली में चेक बाउंस मामले में दो साल की सजा पाने वाले चार लोगों में शामिल हैं। मोहाली के ज्युडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास अभय राजन शुक्ला की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। कंपनी के डायरेक्टर तारा तेची, जुली तेची, रायतु तेची और पीके रॉय नामक दोषियों को निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दो साल के साधारण कारावास और 5.55 करोड़ रुपये वापस करने के आदेश दिए हैं। 60 वर्षीय रायतु तेजी अरुणाचल प्रदेश के सागली विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। वे 2024 के अरुणाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए निर्विरोध चुने गए थे।
विज्ञापन


जीटीसी-एम-ट्रेडज एलएलपी पाम एनक्लेव चंडीगढ़ रोड मोरिंडा जिला रोपड़ के नामित भागीदार शिकायतकर्ता कुलविंदर सिंह ग्रेवाल के वकील तेजविंदर सिंह गिल ने दोषियों द्वारा जारी किए गए चेक बाउंस होने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। दोषियों मेसर्स टीके इंजीनियरिंग कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड निदेशक तारा तेची, निदेशक जुली तेची, प्रबंध निदेशक रायतु तेची और महाप्रबंधक पीके रॉय पर शिकायतकर्ता से निर्माण सामग्री प्राप्त करने का आरोप था। आरोपियों द्वारा 50 लाख रुपये की राशि के पोस्ट-डेटेड चेक जारी किए गए थे जो बाउंस हो गए। मुकदमे के दौरान शिकायतकर्ता और प्रतिवादियों ने अदालत के समक्ष अपनी दलीलें पेश कीं। बचाव पक्ष ने आग्रह किया कि वे वरिष्ठ नागरिक हैं और पहली बार अपराध में शामिल हुए हैं।
विज्ञापन

उन्होंने सजा सुनाते समय नरम रुख अपनाने का अनुरोध किया। दूसरी ओर, शिकायतकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि दोषियों को अधिकतम सजा दी जानी चाहिए ताकि समान विचारधारा वाले लोगों के लिए यह एक निवारक के रूप में काम करे। दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि दोषियों ने देश के कानून के प्रति पूरी तरह से अवहेलना की है। इस तरह के अनुचित कृत्यों के लिए नरम रुख अपनाने से हमारे समाज में अराजकता को और बढ़ावा मिलेगा, जो पहले से ही एक गंभीर दौर से गुजर रहा है। अदालत ने कहा कि दोषियों को दो-दो साल की सजा सुनाई जाती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान शिकायत के लंबित रहने के दौरान दोषियों द्वारा शिकायतकर्ता को भुगतान की गई कोई भी राशि और शिकायतकर्ता या उसके वकील द्वारा विधिवत स्वीकार की गई राशि तत्काल निर्णय में दिए गए मुआवजे से समायोजित या काटी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed