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Mohali News: गांवों में नहीं सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बच्चे तय करते हैं 15-20 किमी का सफर
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मोहाली। गमाडा के अधीन गांवों और सेक्टरों में सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल का अभाव है। एक तरफ जहां पंजाब सरकार शिक्षा क्रांति को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं हजारों बच्चे आज भी शिक्षा के लिए करीब 15-20 किमी दूरी तय करते हैं। लांडरा से बनूड़ रोड तक बाबा बंदा सिंह बहादुर मार्ग पर दोनों और सेक्टर और गांव बसे हैं। यह इलाका गमाडा के अधीन आता है। कई नामी बिल्डरों के प्राेजेक्ट भी यहां पर हैं लेकिन कोई सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल न होने से क्षेत्र के युवा परेशान हैं। गांवों और नामी काॅलोनियों के बच्चों को 11वीं और 12वीं कक्षा की पढ़ाई के लिए मोहाली, बनूड़ या फिर खरड़ जाना पड़ रहा है। अगर सरकार लांडरा बनूड़ के गांवों में बने सरकारी स्कूलों को 12वीं कक्षा तक अपग्रेड कर दें तो बच्चों को दूर दराज जाने की जरूरत ही न पड़े।
यहां नहीं है सीनियर सेकेंडरी स्कूल
लांडरां गांव में 1954 में निर्मित सरकारी हाई स्कूल को अभी तक अपग्रेड नहीं किया है। इस मार्ग पर लांडरां, सनेटा, तंगोरी और मोटेमाजरा में चार हाई स्कूल हैं, लेकिन यहां कोई सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल नहीं है। केंद्र सरकार की योजना के तहत सेनेटा हाई स्कूल को प्रधानमंत्री श्रीसरकारी हाई स्कूल बनाया गया है। दूसरी तरफ इस मार्ग से पीछे पड़ने वाले गांव कुरड़ी, गीगेमाजरा, गोबिंदगढ़ और मजातड़ी में बेशक सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं लेकिन इनमें केवल आर्ट्स ग्रुप की पढ़ाई होती है।
किराए पर लेते हैं ऑटो
12 गांवों के सैकड़ों विद्यार्थियों को 15-20 किलोमीटर दूर सोहाना, मनौली और मोहाली के गांवों के स्कूलों में जाने के लिए कई बार बसें बदलनी पड़ती हैं। गांवों में बस सेवा की कमी के कारण बच्चों को स्कूल जाने के लिए ऑटो किराये पर लेनी पड़ती है। उन्हें प्रति माह एक हजार से पंद्रह सौ रुपये तक किराया देना पड़ता है। लड़कियों को तो और भी अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
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जिले के स्कूलों को जरूरत के अनुसार अपग्रेड करने और स्कूलों में अलग-अलग स्ट्रीमों की पढ़ाई शुरू करने संबंधी प्रस्ताव शिक्षा विभाग के अधिकारियों के पास भेजा गया है। विभाग द्वारा राज्य के स्कूलों का दर्जा बढ़ाने और स्ट्रीम बढ़ाने को लेकर जल्द ही फैसला लिए जाने की उम्मीद है। - डॉ. गिन्नी दुग्गल, जिला शिक्षा अधिकारी
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यहां नहीं है सीनियर सेकेंडरी स्कूल
लांडरां गांव में 1954 में निर्मित सरकारी हाई स्कूल को अभी तक अपग्रेड नहीं किया है। इस मार्ग पर लांडरां, सनेटा, तंगोरी और मोटेमाजरा में चार हाई स्कूल हैं, लेकिन यहां कोई सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल नहीं है। केंद्र सरकार की योजना के तहत सेनेटा हाई स्कूल को प्रधानमंत्री श्रीसरकारी हाई स्कूल बनाया गया है। दूसरी तरफ इस मार्ग से पीछे पड़ने वाले गांव कुरड़ी, गीगेमाजरा, गोबिंदगढ़ और मजातड़ी में बेशक सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं लेकिन इनमें केवल आर्ट्स ग्रुप की पढ़ाई होती है।
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किराए पर लेते हैं ऑटो
12 गांवों के सैकड़ों विद्यार्थियों को 15-20 किलोमीटर दूर सोहाना, मनौली और मोहाली के गांवों के स्कूलों में जाने के लिए कई बार बसें बदलनी पड़ती हैं। गांवों में बस सेवा की कमी के कारण बच्चों को स्कूल जाने के लिए ऑटो किराये पर लेनी पड़ती है। उन्हें प्रति माह एक हजार से पंद्रह सौ रुपये तक किराया देना पड़ता है। लड़कियों को तो और भी अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
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जिले के स्कूलों को जरूरत के अनुसार अपग्रेड करने और स्कूलों में अलग-अलग स्ट्रीमों की पढ़ाई शुरू करने संबंधी प्रस्ताव शिक्षा विभाग के अधिकारियों के पास भेजा गया है। विभाग द्वारा राज्य के स्कूलों का दर्जा बढ़ाने और स्ट्रीम बढ़ाने को लेकर जल्द ही फैसला लिए जाने की उम्मीद है। - डॉ. गिन्नी दुग्गल, जिला शिक्षा अधिकारी