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दप्पर टोल प्लाजा चालू होते ही पहले दिन बनी जाम की स्थिति
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लालड़ू। अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर स्थित दप्पर टोल प्लाजा से वाहन किसान आंदोलन के कारण 14 महीनों तक बिना टोल फीस दिए गुजर रहे थे। बुधवार को शाम 4 बजकर 40 मिनट पर टोल प्लाजा दप्पर चंडीगढ़ से अंबाला की ओर चालू हो गया। जबकि अंबाला से चंडीगढ़ की तरफ लेनस पर किसान अपने तंबू व अन्य सामान समेटने में लगे होने के कारण इसे अभी चालू नहीं किया गया था। इसके बाद शाम को 7 बजकर 40 मिनट पर इस तरफ की तीन लाइनें शुरू कर दी गई हैं। इस दौरान वाहनों की लंबी-लंबी कतार लगने से यहां पर जाम की स्थिति बन गई। जिससे वाहन चालकों को कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ा। टोल पर लगी वाहनों की लंबी कतारों से टोल प्लाजा कर्मचारियों के पसीने छूट गए। वाहन चालकों में एक-दूसरे से पहले निकलने की हौड़ लगी हुई थी और लोग आपस में उलझते भी रहे। जाम के कारण कुछ वाहन चालक रॉन्ग साइड (अंबाला-चंडीगढ़ लेन) से निकलने पर प्लाजा के दोनों और जाम लग गया। इस दौरान जाम में एक एंबुलेंस भी फंस गई थी।
जानकारी के मुताबिक किसानों ने 12 अक्तूबर 2020 को दप्पर टोल प्लाजा पर तंबू लगाकर टोल फ्री करवा दिया था। तभी से वाहन बिना टोल दिए निकल रहे थे। बुधवार को किसानों ने आंदोलन की जीत के बाद टोल प्लाजा पर धार्मिक समागम करवाकर यहां धरना समाप्त कर दिया। इसके बाद टोल प्लाजा के अधिकारियों ने कुछ ही घंटे बाद चंडीगढ़ से अंबाला की ओर का टोल चालू कर दिया था।
इस संबंधी टोल प्लाजा अधिकारी इकबाल सिंह और दीपक अरोड़ा ने बताया कि बुधवार को शाम 4.40 पर चंडीगढ़-अंबाला की ओर की 6 लेन चालू कर दी गई। अंबाला से चंडीगढ़ की ओर की लेनस भी 7 बजकर 40 मिनट पर चालू कर दी गई हैं। करीब सवा साल बाद टोल चालू होने पर कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिन्हें जल्द दूर कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां लगे जाम का कारण यह है कि बहुत से वाहनों पर लगे फास्ट टैग का रिचार्ज ही नहीं था और मैन्युअल फीस लेनी पड़ रही थी। कुछ के फास्ट टैग रिचार्ज न करवाने से वह ब्लैक लिस्ट हो चुके थे। लेकिन भविष्य में फास्ट टैग न चलने पर दोगुनी फीस वसूल की जाएगी। उन्होंने कहा कि एक दो दिन में सभी दिक्कतें दूर कर दी जाएंगी। राहगीरों को दिक्कत न हो इसके लिए 40 कर्मचारियों की टीम मौके पर मौजूद थी।
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जानकारी के मुताबिक किसानों ने 12 अक्तूबर 2020 को दप्पर टोल प्लाजा पर तंबू लगाकर टोल फ्री करवा दिया था। तभी से वाहन बिना टोल दिए निकल रहे थे। बुधवार को किसानों ने आंदोलन की जीत के बाद टोल प्लाजा पर धार्मिक समागम करवाकर यहां धरना समाप्त कर दिया। इसके बाद टोल प्लाजा के अधिकारियों ने कुछ ही घंटे बाद चंडीगढ़ से अंबाला की ओर का टोल चालू कर दिया था।
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इस संबंधी टोल प्लाजा अधिकारी इकबाल सिंह और दीपक अरोड़ा ने बताया कि बुधवार को शाम 4.40 पर चंडीगढ़-अंबाला की ओर की 6 लेन चालू कर दी गई। अंबाला से चंडीगढ़ की ओर की लेनस भी 7 बजकर 40 मिनट पर चालू कर दी गई हैं। करीब सवा साल बाद टोल चालू होने पर कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिन्हें जल्द दूर कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां लगे जाम का कारण यह है कि बहुत से वाहनों पर लगे फास्ट टैग का रिचार्ज ही नहीं था और मैन्युअल फीस लेनी पड़ रही थी। कुछ के फास्ट टैग रिचार्ज न करवाने से वह ब्लैक लिस्ट हो चुके थे। लेकिन भविष्य में फास्ट टैग न चलने पर दोगुनी फीस वसूल की जाएगी। उन्होंने कहा कि एक दो दिन में सभी दिक्कतें दूर कर दी जाएंगी। राहगीरों को दिक्कत न हो इसके लिए 40 कर्मचारियों की टीम मौके पर मौजूद थी।
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