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23 कॉलोनियों की रजिस्ट्री पर पाबंदी से गरमाई जीरकपुर की राजनीति

Thu, 05 Aug 2021 01:39 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Thu, 05 Aug 2021 01:39 AM IST
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The politics of Zirakpur heats up due to the ban on the registry of 23 colonies
जीरकपुर। शहर में अनाधिकृत कॉलोनियों का काम जोरों पर है, लेकिन प्रशासन महज नोटिस तक सीमित है। इसका खुलासा जीरकपुर नगर परिषद के पूर्व ईओ संदीप तिवारी की ओर से 22 जून, 2021 को तहसीलदार को लिखे गए पत्र में हुआ है। इसमें ईओ ने 23 कॉलोनियों की रजिस्ट्री पर प्रतिबंध लगाने की बात कही है। उसके बाद 26 जुलाई को नायब तहसीलदार ने नगर परिषद से जवाब मांगा कि इनका खसरा नंबर और मालिक का नाम मुहैया कराया जाए, ताकि कॉलोनियों की रजिस्ट्री पर प्रतिबंध लगाया जा सके। इसके बाद से मामले ने तूल पकड़ लिया है। एक ओर कॉलोनियों के कॉलोनाइजर घबरा गए हैं, वहीं नगर परिषद के अधिकारी कटघरे में हैं कि कहीं उनकी पोल न खुल जाए। भले इस मामले में कुछ हो या न हो, लेकिन शहर की राजनीति जरूर गर्मा गई है। एक ओर जहां नगर परिषद के प्रधान उदयवीर सिंह ढिल्लों इसे सोशल मीडिया पर महज अफवाह बता रहे हैं, वहीं हलका विधायक एनके शर्मा इसे जीरकपुर के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला कह रहे हैं। अब सच क्या हैं, यह जांच का विषय है और विभाग के आला अधिकारियों के फैसले पर निर्भर है।
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आरोपियों पर होगी कार्रवाई
शहर में किसी भी इलाके में अनाधिकृत कॉलोनियां काटने वालों को नोटिस जारी किया गया है और बाकी कॉलोनियों को भी ऐसे ही नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है। अगर किसी भी कॉलोनी के मालिक फीस जमा नहीं करवाते हैं तो ऐसे आरोपियों पर नगर परिषद की ओर से कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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-गिरीश वर्मा, ईओ नगर परिषद, जीरकपुर।
पहले की तरह ही जारी हैं प्रॉपर्टी की रजिस्ट्रियां
शहर की कुछ कॉलोनियों में रजिस्ट्री पर पाबंदी की खबर एक कोरी अफवाह और एकदम फर्जी खबर है। यह अफवाह सोशल मीडिया पर विरोधी फैला रहे हैं। इस संबंध में सोशल मीडिया के माध्यम से शहरवासियों को सही जानकारी देने के लिए ऑडियो संदेश जारी कर दिया गया है। इसमें बताया गया है कि सोशल मीडिया पर चल रहीं खबरें फर्जी और मात्र अफवाह हैं, जिससे लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है और उक्त कॉलोनियों में जमीन की खरीद-फरोख्त को लेकर रजिस्ट्रियां पहले की तरह ही जारी हैं। - उदयवीर सिंह ढिल्लों, नगर परिषद के प्रधान।
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जीरकपुर के इतिहास का बड़ा घपला
यह शहर के लोगों के साथ बड़ा धोखा है और यह मामला जीरकपुर के इतिहास का सबसे बड़ा घपला है। लोगों ने लाखों रुपये खर्च कर जमीन खरीदी है और बहुत से लोगों ने मकान बना रखे हैं। लोगों ने अपने मकान बनाने के लिए बैंक लोन भी लेना होता है। लोग बहुत परेशान होंगे। कांग्रेसी नेताओं और नगर परिषद के अधिकारियों की मिलीभगत से नगर परिषद को करोड़ों का चूना लगाया जा रहा है और इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। वह इस मामले में शहर निवासियों को साथ लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे और जिम्मेदार लोगों को बक्शा नहीं जाएगा। - एनके शर्मा, हलका शिअद विधायक।

अभी नगर परिषद से मांगा है रिकार्ड
नगर परिषद की ओर से पत्र जरूर भेजा गया था, जिसमें नामजद कॉलोनियों में जमीन और मकानों की खरीद-फरोख्त को लेकर होने वाली रजिस्ट्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी। दूसरी ओर, जमीन की खरीद-फरोख्त को लेकर होने वाली रजिस्ट्रियों पर प्रतिबंध लगाने की एक लंबी प्रक्रिया होती है, जिसकी मंजूरी विभाग के आलाधिकारियों से लेना अनिवार्य है। अभी नगर परिषद से जमीन से जुड़ा रिकार्ड मांगा गया है, जिसकी रिपोर्ट बनाकर आलाधिकारियों के पास भेजी जाएगी। - पुनीत बांसल, नायब तहसीलदार।
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