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रेजिडेंशियल सोसायटीज को करोड़ों की ग्रांट देने पर गर्माई शहर की राजनीति

Thu, 06 Aug 2020 02:36 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Thu, 06 Aug 2020 02:36 AM IST
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The politics of the city heated up for the grant of crores to the residential societies
मोहाली। शहर के विकास कार्यों को लेकर एक बार फिर कांग्रेस और अकाली दल आमने-सामने आ गए हैं। ताजा मामला शहर की रेजिडेंशियल सोसायटीज के विकास के लिए दो करोड़ दस लाख रुपये की ग्रांट देेेने की बात है।
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अकाली-भाजपा पार्षदों ने इसे चुुनावी स्टंट बताते हुए कहा कि यह काम एक फरवरी, 2019 की हाउस की मीटिंग में पास किया गया था। मंत्री ने यह काम आज तक स्थानीय निकाय विभाग में रुकवाया न होता तो यह काम पूरा हो चुका होता। उन्होंने कहा कि मंत्री को इस तरह की राजनीति शहर में नहीं करनी चाहिए।
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वहीं इस संबंधी सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि लोग मुझे अच्छी तरह जानते हैं। पूरा शहर उन्हें अपने परिवार की तरह प्यारा है। मुझे इस संबंधी अकाली और बीजेपी वालों से सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है। वह अपने शहर के विकास में हमेशा लगे रहेंगे।
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वहीं, पत्रकारों से बातचीत में पूर्व अकाली पार्षद सुखदेव सिंह पटवारी, परविदंर सिंह सोहाना, रजिंदर शर्मा, परमजीत सिंह काहलों, गुरमुख सिंह और कुलदीप कौर कंग ने कहा कि मंत्री सिद्घू ने सरकार में अपनी पोजीशन का फायदा लेकर शहर में विकास नहीं करवाया, बल्कि विकास कार्यों को रोकने का काम किया है। जिसका सबूत नगर निगम की एक फरवरी 2019 को बाद दोहपर हुई मीटिंग में 44 पार्षदों की मौजूदगी में सोसायटीज संबंधी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया गया था। जिसमें शहर की सभी रेजिडेंशियल सोसायटीज के काम का एस्टीमेट बनाकर काम शुरू करने के लिए एसई की ड्यूटी लगाई गई थी। लेकिन मंत्री ने डायरेक्टर पर दबाव बनाकर इस पर रोक लगवा दी थी। ऐसे में उन्होंने सोसायटीज के कामों में एक साल 5 महीने की देरी करवा दी थी। सेहत मंत्री शहर के कामों पर राजनीतिक कर नहीं करते तो अब तक सोसायटीज के दो करोड़ नहीं बल्कि बीस करोड़ के काम हो जाते।

अकाली पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि मंत्री ने शहर के विकास के दो टेंडर आठ महीने पहले इसलिए रुकवा दिए थे कि नगर निगम का कार्यकाल खत्म होने के बाद काम करवा कर वह इसका राजनीतिक फायदा उठा पाएं। उन्होंने कहा कि सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्घू शहर से खिलवाड़ से बाज नहीं आ रहे हैं। इतना ही नहीं शहर के लोगों के विकास के लिए सर्व सम्मति से पास किए 50 ओपन जिम के काम पर भी उन्होंने रोक लगा दी है।
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