{"_id":"6866dabb546e4ace96020790","slug":"the-holy-month-of-savan-for-lord-shiva-begins-from-july-11-mohali-news-c-71-1-mli1011-130810-2025-07-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mohali News: 11 जुलाई से भगवान शिव का पवित्र सावन का महीना शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mohali News: 11 जुलाई से भगवान शिव का पवित्र सावन का महीना शुरू
विज्ञापन
नयागांव। नयागांव में कल्पवृक्ष के नीचे बना महादेव का मंदिर 11 जुलाई को सावन शुरू होने से खत्म होने तक भक्तों की भीड़ से भरा रहेगा। इस दौरान यहां रोजाना भगवान शिव का यज्ञ और रुद्राभिषेक किया जाएगा और पूरा मंदिर प्रांगण भोलेनाथ के जयकारे से गूंजेंगा।
आषाढ़ मास की पूर्णिमा 10 जुलाई को है यह पूर्णिमा गुरु पूर्णिमा भी कहलाती है। इस दिन, शिष्य अपने गुरुओं का आशीर्वाद लेते हैं और उनके प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। पंडित शैलेंद्र प्रसाद शास्त्री ने बताया इसी आषाढ़ मास की गुरुपूर्णिमा के साथ भगवान शिव का प्रिय माह श्रावण मास 11 जुलाई 2025 से शुरू हो रहा है। यह पूरा श्रावण मास भगवान शिव को समर्पित है।
सावन के हर सोमवार श्रद्धालु रखते हैं व्रत
इस श्रावण माह में शिव भक्त अपनी मनोकामना पूर्ति और शिव कृपा के लिए सावन के जितने भी सोमवार आते हैं उनका व्रत रखते हैं और शिवलिंग पर जल दूध बेल पत्र आदि अर्पित कर भगवान का जल अभिषेक करते हैं। सावन के प्रत्येक सोमवार को एकमुक्त व्रत रखकर भगवान शिव का पूजन बेलपत्र, दूध, दही, शहद, घी, शक्कर, पुष्प, गंगाजल सहित ओम नमः शिवाय तथा पंचाक्षरी मंत्र के साथ विधिपूर्वक जलाभिषेक मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। प्राचीन शिव मंदिर अरना बरना महादेव नागभूमि बड़ी करोरां नयागांव में श्रावण माह को देखते हुए पूरे मंदिर को सजाया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
आषाढ़ मास की पूर्णिमा 10 जुलाई को है यह पूर्णिमा गुरु पूर्णिमा भी कहलाती है। इस दिन, शिष्य अपने गुरुओं का आशीर्वाद लेते हैं और उनके प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। पंडित शैलेंद्र प्रसाद शास्त्री ने बताया इसी आषाढ़ मास की गुरुपूर्णिमा के साथ भगवान शिव का प्रिय माह श्रावण मास 11 जुलाई 2025 से शुरू हो रहा है। यह पूरा श्रावण मास भगवान शिव को समर्पित है।
विज्ञापन
सावन के हर सोमवार श्रद्धालु रखते हैं व्रत
इस श्रावण माह में शिव भक्त अपनी मनोकामना पूर्ति और शिव कृपा के लिए सावन के जितने भी सोमवार आते हैं उनका व्रत रखते हैं और शिवलिंग पर जल दूध बेल पत्र आदि अर्पित कर भगवान का जल अभिषेक करते हैं। सावन के प्रत्येक सोमवार को एकमुक्त व्रत रखकर भगवान शिव का पूजन बेलपत्र, दूध, दही, शहद, घी, शक्कर, पुष्प, गंगाजल सहित ओम नमः शिवाय तथा पंचाक्षरी मंत्र के साथ विधिपूर्वक जलाभिषेक मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। प्राचीन शिव मंदिर अरना बरना महादेव नागभूमि बड़ी करोरां नयागांव में श्रावण माह को देखते हुए पूरे मंदिर को सजाया जा रहा है।
विज्ञापन