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ईको सिटी-3 प्रोजेक्ट पर संशय : लैंड पूलिंग पर रार, लांचिंग से पहले किसानों का एतराज

Sun, 15 Feb 2026 02:37 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 15 Feb 2026 02:37 AM IST
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The Eco City-3 project remains in doubt: land pooling disputes, farmers object before launch
मोहाली। न्यू चंडीगढ़ में गमाडा की ईको सिटी-3 प्रोजेक्ट को लेकर फिलहाल इंतजार करना पड़ सकता है। प्रोजेक्ट की लांचिंग से पहले ही प्रभावित किसानों ने लैंड पूलिंग पॉलिसी में किए बदलावों पर कड़ा एतराज जताकर संघर्ष की चेतावनी दी है। किसानों का आरोप है कि सरकार और गमाडा के दावे कुछ और हैं, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही सामने आ रहे हैं। न्यू चंडीगढ़ क्षेत्र के गांव तकीपुर, होशियारपुर, कंसाला, करतारपुर, सलामतपुर, रसूलपुर और राजगढ़ की सैकड़ों एकड़ जमीन ईको सिटी-3 न्यू चंडीगढ़ प्रोजेक्ट के लिए अधिग्रहित की गई है। हाल ही में अवार्ड घोषित होने के बाद गमाडा की लैंड पूलिंग पॉलिसी में बदलाव का असर सामने आया, इससे प्रभावित किसान असमंजस में हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि पहले प्लॉट के साइज और कॉमर्शियल स्पेस को लेकर जानकारी दी गई थी, बाद में पॉलिसी में मनमाने ढंग से बदलाव कर दिया गया।
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गांव कंसाला के किसान सुखदेव सिंह, दर्शन सिंह ने बताया कि कि तीन कनाल तक के जमीन मालिकों को कॉमर्शियल प्लॉट के बदले 100-100 गज के रिहायशी प्लॉट दिए जा रहे हैं, जबकि 100 से 300 गज के प्लॉट विकल्प ही समाप्त कर दिए गए हैं। इसके अलावा 500 गज के प्लॉट जबरन थोपे जा रहे हैं, जिससे छोटे और मध्यम किसानों को नुकसान हो रहा है। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि सिंगल लाइन पार्क फेज और कॉर्नर प्लॉटों से जमीन मालिकों को वंचित रखा जा रहा है। प्रभावित किसानों ने मांग की है कि ईको सिटी-3 में हर किसान को यह छूट मिलनी चाहिए कि वह अपनी जरूरत और मर्जी के अनुसार प्लॉट का चयन कर सके। साथ ही प्लॉट की रजिस्ट्री फीस और स्टांप ड्यूटी में छूट दी जाए। जिन किसानों के ट्यूबवेल कनेक्शन अधिग्रहित किए गए हैं, उन्हें कनेक्शन शिफ्ट करने के लिए कम से कम दो साल का समय दिया जाए। गांव की फिरनी से सटे लगभग 200 फीट क्षेत्र को भी छोड़े जाने की मांग की गई है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि गमाडा ने लैंड पूलिंग पॉलिसी को जमीन मालिकों के हितों के अनुरूप नहीं बदला गया, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
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नौ गांवों की 1700 एकड़ जमीन पर स्थापित होना है प्रोजेक्ट
न्यू चंडीगढ़ में इको सिटी-3 स्थापित करने के लिए गमाडा नौ गांवों की करीब 1700 एकड़ जमीन एक्वायर करेगा। इसमें गमाडा हाउसिंग, कॉमर्शियल व इंस्टीट्यूशनल की साइटें स्थापित करेगा। साथ ही चंडीगढ़ की तर्ज पर दो कनाल से लेकर छह कनाल तक के प्लाट भी लाए जाएंगे। इको-सिटी 3 का प्रस्ताव 2016 में रखा गया था, लेकिन जुलाई 2020 में फंड की कमी और कमजोर प्रतिक्रिया के कारण अधिग्रहण प्रक्रिया रोकनी पड़ी थी। बाद में इसे अगस्त 2022 में फिर से शुरू किया गया। इस दौरान होशियारपुर, रसूलपुर, तकीपुर, ढोड़े माजरा, माजरा, सलामतपुर, कंसाला, राजगढ़ और करतारपुर शामिल हैं। इन गांवों में जमीन एक्वायर करने के बदले गमाडा द्वारा कुल 3,690 करोड़ का मुआवजा दिया जाएगा।
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