मोहाली: विद्यार्थी और अभिभावक बोले- ऑनलाइन विकल्प तो है मगर स्कूलों में पढ़ाई की बात ही अलग
कई विषयों में छात्रों को व्यावहारिक शिक्षा की आवश्यकता होती है लेकिन ऑनलाइन माध्यम से ऐसे विषयों को सिखाना मुश्किल हो रहा है। लगभग सभी शिक्षण संस्थाएं शैक्षणिक कार्यों के लिए ऑनलाइन शिक्षा को एक विकल्प के रूप में इस्तेमाल कर रही हैं। वहीं कुछ शिक्षाविदों का मत है कि ऑनलाइन शिक्षा, अध्ययन की पारंपरिक पद्धति का स्थान नहीं ले सकती है।
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विस्तार
जीवन में आने वाली मुसीबतों से सीख लेना और परिस्थिति के अनुरूप खुद को ढालते हुए आगे बढ़ना इंसान की फितरत है। पूरे विश्व में कहर बरपा रहा कोरोना वायरस अपने साथ कई चुनौतियां और मुसीबतें लेकर आया है। समय के साथ इस महामारी का प्रकोप भी थम जाएगा लेकिन इसके साथ कई क्षेत्रों में बदलाव भी देखने को मिला।
लोग इसके अनुरूप खुद को ढालने लगे हैं। स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थान भी इससे अछूते नहीं हैं। शिक्षा के क्षेत्र में यह बदलाव वर्चुअल एजुकेशन के तौर पर देखने को मिल रहा है। वर्ष-2020 की शुरुआत के साथ ही देश में महामारी ने पैर पसारने शुरू कर दिए थे।
कोरोना का कहर बरपा तो लॉकडाउन में स्कूल-कॉलेज भी बंद हो गए। परीक्षाएं बीच में ही रह गईं। ऐसे में ऑनलाइन शिक्षा के जरिए शिक्षा को चालू रखा गया। पिछले साल से अब तक इसमें कई सुधार जरूर हुए लेकिन फिर भी ऑनलाइन एजुकेशन, कैंपस एजुकेशन का बेहतर विकल्प नहीं बन सकी।
कई विषयों को ऑनलाइन समझना मुश्किल
अभिभावकों और विद्यार्थियों की राय में ऑनलाइन एजुकेशन के नतीजे उतने बेहतर नहीं हैं, जितना कि कैंपस शिक्षा के। इंटरनेट पर कई विशेष पाठ्यक्रमों या क्षेत्रीय भाषाओं से जुड़ी अध्ययन सामग्री की कमी होने से छात्रों को परेशानी होती है।
कक्षा में सीखने के कई अवसर
ऑफलाइन कक्षा में सीखने के काफी अवसर होते हैं। अगर कोई चीज शिक्षक से समझ नहीं आ रही तो क्लास में दोस्तों से चर्चा करते आइडिया मिल जाता है। सवाल जवाब से कांफिडेंस बढता है। - करन अर्शदीप सिंह, कक्षा-11
नहीं हो पाते प्रैक्टिकल
साइंस स्ट्रीम के छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षा से बात नहीं बनती है। सवाल-जवाब पूछने के अवसर नहीं होते हैं। इसके अलावा प्रैक्टिकल बिल्कुल नहीं होते हैं, जिस वजह से पढ़ाई नहीं हो पाती है। - गुरलीन कौर, कक्षा-12
कई चीजें साफ नहीं हो पातीं
ऑनलाइन और ऑफलाइन पढ़ाई में दिन-रात का अंतर है। एक बात तो यह है कि आंधे घंटे की कक्षा में कई चीजों का कांसेप्ट ही क्लीयर नहीं होता है। नेटवर्क की दिक्कत रहती है। घर पर कक्षा वाला माहौल नहीं बन पाता है। - तुषार सैनी, कक्षा- 12
स्कूल में सीखने के कई अवसर
स्कूल में जाकर विद्यार्थी के पास सीखने के कई मौके रहते हैं। अपनी उम्र के साथियों के साथ जब वह कुछ समय बिताता है तो उसकी पर्सनेलिटी में भी अंतर आता है। जबकि ऑनलाइन क्लास सिर्फ सिलेबस तक सीमित रह जाती है। - किरनजीत कौर
ऑनलाइन कक्षा में समय की बचत
ऑनलाइन कक्षाएं आज के समय की जरूरत हैं, क्योंकि स्कूल आने जाने में दो से तीन घंटे खराब होते थे, जबकि अब समय हम सेल्फ स्टडी में लगा रहे हैं। इस कारण पढ़ाई के लिए अधिक समय मिल रहा है। - राहुल नरवाल, कक्षा- 12
ऑफलाइन सिखाने का तरीका अलग
ऑनलाइन पढ़ाई कभी भी ऑफलाइन एजुकेशन की जगह नहीं ले सकती है। कक्षा में टीचर का पढ़ाने का तरीका होता है। कई चीजें तो टीचर ऐसे तरीके से दिमाग में उदाहरण देकर फिट कर देते हैं कि जिंदगी में कभी भूल नहीं सकते हैं। - रीतिका, कक्षा- 12
ऑनलाइन भी सीखने के अवसर
जिस तरह कोरोना के हालात चल रहे हैं, उस हिसाब से ऑनलाइन एजुकेशन काफी हद तक ठीक है। हालांकि कई स्तर पर खामियां रहती हैं लेकिन इसमें हर रोज नया सुधार हो रहा है। वहीं, इसी बहाने एजुकेशन के कई अवसर मिले हैं। उम्मीद है कि इसमें सुधार होंगे। - प्रीत करन सिंह बासी, कक्षा- 11
ऑनलाइन एजुकेशन में खामियां
ऑनलाइन में तो सिर्फ एक दिखावा किया जा रहा है। कोई प्रैक्टिकल नहीं कराया जा रहा, जिससे विज्ञान से जुड़ी कई चीजें समझने में मुश्किल होती है। शिक्षक के साथ ऑनलाइन क्लास में कुछ पूछना भी मुश्किल होता है। - प्रभजीत, कक्षा- 12
जिज्ञासा नहीं हो पाती है शांत
ऑनलाइन शिक्षा से विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। इसके तहत ऑफलाइन शिक्षा के मुकाबले कम समय के लिए अध्यापकों के संपर्क में रहते हैं। सिर्फ एक तरफा पढ़ाने की व्यवस्था से जिज्ञासाएं शांत नहीं हो पातीं। आमने-सामने पढ़ने से शिक्षकों की बॉडी लैंग्वेज से भी बहुत कुछ सीखने को मिलता था। - प्राची जोशी, कक्षा- 10
उत्साह का वातावरण नदारद
वास्तविक कक्षा में जो उत्साह का वातावरण होता है, ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था में इसका अभाव है। इसके अलावा इससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं जैसे सिरदर्द, आंखों का कमजोर होना और एकाग्रता में कमी आना इत्यादि का खतरा भी बढ़ रहा है। इसके अलावा तकनीकी समस्या से भी परेशानी आती है। - याशिका खन्ना, कक्षा-11
क्या कहते हैं अभिभावक
स्कूल में सीखने के कई अवसर
स्कूल में जाकर विद्यार्थी के पास सीखने के कई मौके रहते हैं। अपनी उम्र के साथियों के साथ जब वह कुछ समय बिताता है तो उसकी पर्सनेलिटी में भी अंतर आता है। जबकि ऑनलाइन क्लास सिर्फ सिलेबस तक सीमित रह जाती है। - किरनजीत कौर
ऑनलाइन कक्षा के फायदे कम
ऑनलाइन क्लास के फायदे बहुत कम हैं, जबकि नुकसान ज्यादा हैं। ऑनलाइन क्लास में बच्चे अपने दिमाग से ज्यादा गैजेट्स का उपयोग कर रहे हैं। शिक्षक अगर कोई प्रश्न पूछता है तो बच्चे गूगल से सर्च करके जवाब दे देते हैं। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई में कोई फायदा नहीं हो रहा है। - नवीन चंद्रा
बच्चों की आंखों पर पड़ता है असर
ऑनलाइन कक्षाएं बच्चों के स्वास्थ्य के लिए भी ठीक नहीं हैं। 5-6 घंटे क्लास के लिए बैठना पड़ता है, उसके बाद होमवर्क करने के लिए भी बच्चों को मोबाइल या लैपटॉप का उपयोग करना पड़ता है। इससे उनकी आंखों पर बुरा असर हो रहा है। बच्चे सिर्फ गैजेट पर निर्भर हो गए हैं । - मोनिका शर्मा
ऑफलाइन शिक्षा बच्चों के हित में
ऑनलाइन क्लास में उस तरीके से पढ़ाई नहीं होती है, जैसे बच्चे स्कूल जाकर पढ़ते थे। ऑनलाइन कक्षा का निश्चित समय होता है। विद्यार्थी उस हिसाब से सवाल-जवाब नहीं कर पाते। शिक्षक के साथ भी ऐसी ही स्थिति रहती है। - परविंदर कौर
बच्चे हो रहे बीमारियों का शिकार
साइंस स्टूडेंट्स या जिन बच्चों के प्रैक्टिकल होते हैं, उनके लिए ऑनलाइन पढ़ाई सही नहीं है। जब बच्चा लैब में जाता है, खुद प्रैक्टिकल करता है तो वह काफी कुछ सीखता है। बच्चों में कई तरह की बीमारियां भी लग रही हैं। - जसबीर कौर
बच्चों का विकास हो रहा प्रभावित
विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास प्रभावित हो रहा है। 8वीं से 12वीं तक की पढ़ाई काफी अहम मानी जाती है। ऑनलाइन एजुकेशन तो बस महामारी में बच्चों को क्लास रूम से जोड़ने की कोशिश है। - अमित बरवाल
लंबे समय के लिए कारगर नहीं
अभिभावकों के साथ-साथ बच्चों के लिए भी ऑनलाइन पढ़ाने की व्यवस्था नई है। न अभिभावक और न ही बच्चे इसे पूरी तरह से स्वीकार कर पा रहे हैं। लॉकडाउन में बच्चों को व्यस्त रखने के लिए तो ठीक है लेकिन लंबे समय तक यह व्यवस्था नहीं चलेगी। - दीपाली
होनहार बच्चों का हो रहा नुकसान
ऑनलाइन पढ़ाई बच्चों की कम एवं अभिभावकों की ज्यादा हो रही है। हालांकि कोविड काल में बच्चों को किताबों से जोड़ने का यह एक विकल्प है। लेकिन ऑनलाइन कक्षा कभी वह चीज नहीं कर सकती है, जो कि ऑफलाइन स्टडी में होता है। इसमें होनहार बच्चों को नुकसान हो रहा है। - रीना रानी
ऑनलाइन शिक्षा तात्कालिक प्रयास
हमारे यहां पारंपरिक व प्रत्यक्ष शिक्षा व्यवस्था प्रचलित रही है। अध्यापन का कार्य शिक्षक मौखिक रूप से या फिर ब्लैक बोर्ड से करते हैं और विद्यार्थियों को नोट्स दिए जाते हैं। ऑनलाइन व्यवस्था तात्कालिक प्रयास है, जिससे काम ही चलाया जा रहा है। ऑनलाइन शिक्षण में अन्य व्यावहारिक बाधाएं भी हैं। - जतिंदर कुमार