{"_id":"5e22119e8ebc3e4b11782130","slug":"street-vendors-shortly-removed-vending-zone-starts-in-phase-seven-mohali-news-pkl3635030178","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेहड़ी-फड़ी से मिलेगी मुक्ति, फेज-सात से वेंडिंग जोन की शुरुआत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेहड़ी-फड़ी से मिलेगी मुक्ति, फेज-सात से वेंडिंग जोन की शुरुआत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोहाली। चंडीगढ़ और पंचकूला की तरह जल्दी ही मोहाली के लोगों को भी विभिन्न मार्केटों और फुटपाथों पर लगने वाली रेहड़ी-फड़ी से मुक्ति मिल जाएगी। इससे शहर की सुंदरता में निखार आएगा। इसके लिए नगर निगम ने काम तेज कर दिया है।
शुक्रवार को नगर निगम के कमिश्नर कमल कुमार गर्ग की अगुवाई में टाउन वेंडिंग कमेटी की अहम मीटिंग हुई। इसमें निर्णय लिया है कि फेज-सात की मार्केट को स्ट्रीट वेंडर्स से मुक्त किया जाएगा। मार्केट के बैक साइड में वेंडिंग जोन बनाकर रेहड़ी-फड़ी वालों को जगह अलॉट की जाएगी। वहीं, मीटिंग के बाद देर शाम कमिश्नर ने कमेटी सदस्यों को साथ लेकर फेज सात का दौरा किया। साथ ही ही जल्द ही इस काम को पूरा करने का आश्वासन दिया।
जानकारी के मुताबिक नगर निगम ने पंचकूला की एक कंपनी से शहर में लगने वाली रेहड़ी-फड़ी वालों का सर्वे करवाया था। इस सर्वे में फाइनल सूची 993 लोगों की बनी थी। वहीं, कई मौके देने के बाद अब तक कुल 545 लोग ही योग्य पाए गए हैं जिन्हें आईकार्ड जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। मीटिंग में पार्षद कुलजीत सिंह बेदी ने मांग की है कि रेहड़ी-फड़ी वालों को स्थान देने के काम में तेजी लाई जाए। साथ ही गैर-कानूनी तरीके से लगने वाली रेहड़ियों को काबू किया जाए। इस मौके पर वेंडिंग कमेटी के मेंबर कुलजीत सिंह बेदी व आरपी शर्मा दोनों पार्षद, अतुल शर्मा, रवि कुमार, नगर निगम के तहबाजारी विंग के सुपरिंटेंडेंट जसविंदर सिंह व अन्य लोग हाजिर थे।
विज्ञापन
वेंडिंग जोन के लिए साइटों की होगी निशानदेही
मीटिंग में फैसला लिया गया कि विभिन्न फेजों में विशेष वेंडिंग जोन बनाए गए है। इसके लिए टाउन वेंडिंग कमेटी निजी तौर पर सर्वे कर साइटों की पड़ताल करेगी। यह काम आज से ही शुरू कर दिया जाएगा। नगर निगम को उम्मीद है कि वेंडिंग जोन बनने के बाद मार्केटों में रेहड़ी-फड़ी की समस्या खत्म कर दी जाएगी।
ड्रॉ से होगी जगह की अलॉटमेंट
कमेटी के सदस्य अतुल शर्मा ने बताया कि मीटिंग में तय किया गया है कि सभी वेंडर्स को अलॉटमेंट ड्रॉ के माध्यम से की जाएगी। जहां पर कम वेेंडर्स होंगे, वहां पर सीधे अलाटमेंट होगी। वहीं जहां पर वेंडर्स अधिक होंगे, वहां ड्रॉ की प्रक्रिया चलेगी। इसके अलावा किसी एरिया में जगह कम और वेंडर्स अधिक होते हैं, तो वहां के वेंडर्स को अन्य एरिया में जगह दी जाएगी और किसी के रोजगार को खत्म नहीं होने दिया जाएगा।
विज्ञापन
शुक्रवार को नगर निगम के कमिश्नर कमल कुमार गर्ग की अगुवाई में टाउन वेंडिंग कमेटी की अहम मीटिंग हुई। इसमें निर्णय लिया है कि फेज-सात की मार्केट को स्ट्रीट वेंडर्स से मुक्त किया जाएगा। मार्केट के बैक साइड में वेंडिंग जोन बनाकर रेहड़ी-फड़ी वालों को जगह अलॉट की जाएगी। वहीं, मीटिंग के बाद देर शाम कमिश्नर ने कमेटी सदस्यों को साथ लेकर फेज सात का दौरा किया। साथ ही ही जल्द ही इस काम को पूरा करने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक नगर निगम ने पंचकूला की एक कंपनी से शहर में लगने वाली रेहड़ी-फड़ी वालों का सर्वे करवाया था। इस सर्वे में फाइनल सूची 993 लोगों की बनी थी। वहीं, कई मौके देने के बाद अब तक कुल 545 लोग ही योग्य पाए गए हैं जिन्हें आईकार्ड जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। मीटिंग में पार्षद कुलजीत सिंह बेदी ने मांग की है कि रेहड़ी-फड़ी वालों को स्थान देने के काम में तेजी लाई जाए। साथ ही गैर-कानूनी तरीके से लगने वाली रेहड़ियों को काबू किया जाए। इस मौके पर वेंडिंग कमेटी के मेंबर कुलजीत सिंह बेदी व आरपी शर्मा दोनों पार्षद, अतुल शर्मा, रवि कुमार, नगर निगम के तहबाजारी विंग के सुपरिंटेंडेंट जसविंदर सिंह व अन्य लोग हाजिर थे।
विज्ञापन
वेंडिंग जोन के लिए साइटों की होगी निशानदेही
मीटिंग में फैसला लिया गया कि विभिन्न फेजों में विशेष वेंडिंग जोन बनाए गए है। इसके लिए टाउन वेंडिंग कमेटी निजी तौर पर सर्वे कर साइटों की पड़ताल करेगी। यह काम आज से ही शुरू कर दिया जाएगा। नगर निगम को उम्मीद है कि वेंडिंग जोन बनने के बाद मार्केटों में रेहड़ी-फड़ी की समस्या खत्म कर दी जाएगी।
ड्रॉ से होगी जगह की अलॉटमेंट
कमेटी के सदस्य अतुल शर्मा ने बताया कि मीटिंग में तय किया गया है कि सभी वेंडर्स को अलॉटमेंट ड्रॉ के माध्यम से की जाएगी। जहां पर कम वेेंडर्स होंगे, वहां पर सीधे अलाटमेंट होगी। वहीं जहां पर वेंडर्स अधिक होंगे, वहां ड्रॉ की प्रक्रिया चलेगी। इसके अलावा किसी एरिया में जगह कम और वेंडर्स अधिक होते हैं, तो वहां के वेंडर्स को अन्य एरिया में जगह दी जाएगी और किसी के रोजगार को खत्म नहीं होने दिया जाएगा।