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निगम लिखेगा नई कहानी, सारी इमारतें बचाएंगी बारिश का पानी
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मोहाली। बारिश के पानी का उचित प्रयोग और गिरते भूजल स्तर को रोकने के लिए नगर निगम आगे आया है। निगम ने बारिश के पानी को जरूरत के हिसाब से सिंचाई व अन्य कामों में प्रयोग करने की तैयारी की है। इसके लिए नगर निगम की इमारतों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। वित्त एंड ठेका कमेटी की बैठक में भी इस संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू ने इसकी पुष्टि की।
उन्होंने बताया कि उनकी कोशिश पानी की बर्बादी को रोकना है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे भी अपने घरों में उक्त सिस्टम स्थापित करें ताकि इस मिशन को कामयाब बनाया जा सके। पूरे पंजाब में बढ़ी तेज गति से भूजल का स्तर गिर रहा है। कुछ समय पहले आई एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि औसतन एक साल में सात फीट तक भूजल स्तर नीचे गिर रहा है।
इस रिपोर्ट में मोहाली जिला अलार्मिंग स्थिति में है। जिले के खरड़ और डेराबस्सी हलकों को डॉर्क जोन में शामिल किया गया है। गिरते भूजल स्तर का सबसे बड़ा कारण खेतों में होने वाली सिंचाई और औद्योगिकीकरण है। लगातार खेतों में भूमिगत सिंचाई से लगातार स्थिति बिगड़ने लगी है। अमर उजाला ने 15 दिसंबर के अंक में इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया था। इसके बाद अब यह मामला नगर निगम की बैठक में उठने के बाद इस दिशा में कार्रवाई हुई है।
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फेज-दो में नंबर प्लेट लगाने का काम शुरू
मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू ने 18 लाख रुपये की लागत से फेज-दो में नंबर प्लेट लगाने का काम शुरू किया। इस मौके पर पार्षद जसप्रीत कौर मोहाली भी मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि इलाके के विकास कामों में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील की है।
नगर निगम भवन व तीन पार्कों में लगा है सिस्टम
नगर निगम के मुख्य दफ्तर और तीन प्रमुख पार्कों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगा है। यह काफी फायदेमंद साबित हो रहा है। कुछ साल पहले जब आईआईटी मुंबई की टीम ने शहर का दौरा किया था तो उस टीम ने भी इलाके में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का सुझाव प्रशासन को दिया था। टीम का कहना था कि इससे जहां भूजल स्तर सुधरेगा। वहीं जरूरत के हिसाब से बाद में पानी का प्रयोग कर पाएंगे।
श्मशानघाट और 11 सामुदायिक केंद्रों में लगेगा सिस्टम
नगर निगम के डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी ने कहा कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग लगाने की दिशा में अब निगम ने कदम बढ़ा दिया है। इसे अब पहले श्मशानघाट और नगर निगम के 11 सामुदायिक केंद्रों में लगाया जाएगा। इसके बाद अन्य इमारतों में इसे लागू किया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि उनकी कोशिश पानी की बर्बादी को रोकना है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे भी अपने घरों में उक्त सिस्टम स्थापित करें ताकि इस मिशन को कामयाब बनाया जा सके। पूरे पंजाब में बढ़ी तेज गति से भूजल का स्तर गिर रहा है। कुछ समय पहले आई एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि औसतन एक साल में सात फीट तक भूजल स्तर नीचे गिर रहा है।
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इस रिपोर्ट में मोहाली जिला अलार्मिंग स्थिति में है। जिले के खरड़ और डेराबस्सी हलकों को डॉर्क जोन में शामिल किया गया है। गिरते भूजल स्तर का सबसे बड़ा कारण खेतों में होने वाली सिंचाई और औद्योगिकीकरण है। लगातार खेतों में भूमिगत सिंचाई से लगातार स्थिति बिगड़ने लगी है। अमर उजाला ने 15 दिसंबर के अंक में इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया था। इसके बाद अब यह मामला नगर निगम की बैठक में उठने के बाद इस दिशा में कार्रवाई हुई है।
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फेज-दो में नंबर प्लेट लगाने का काम शुरू
मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू ने 18 लाख रुपये की लागत से फेज-दो में नंबर प्लेट लगाने का काम शुरू किया। इस मौके पर पार्षद जसप्रीत कौर मोहाली भी मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि इलाके के विकास कामों में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील की है।
नगर निगम भवन व तीन पार्कों में लगा है सिस्टम
नगर निगम के मुख्य दफ्तर और तीन प्रमुख पार्कों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगा है। यह काफी फायदेमंद साबित हो रहा है। कुछ साल पहले जब आईआईटी मुंबई की टीम ने शहर का दौरा किया था तो उस टीम ने भी इलाके में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का सुझाव प्रशासन को दिया था। टीम का कहना था कि इससे जहां भूजल स्तर सुधरेगा। वहीं जरूरत के हिसाब से बाद में पानी का प्रयोग कर पाएंगे।
श्मशानघाट और 11 सामुदायिक केंद्रों में लगेगा सिस्टम
नगर निगम के डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी ने कहा कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग लगाने की दिशा में अब निगम ने कदम बढ़ा दिया है। इसे अब पहले श्मशानघाट और नगर निगम के 11 सामुदायिक केंद्रों में लगाया जाएगा। इसके बाद अन्य इमारतों में इसे लागू किया जाएगा।