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विदेश का सपना दिखाते हैं, रकम ऐंठ एनआरआई दूल्हे उड़ जाते हैं

Sat, 11 Sep 2021 02:08 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Sat, 11 Sep 2021 02:08 AM IST
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Shows the dream of abroad, the NRI grooms fly away with the money
मोहाली। विदेश में बसने का सपना पंजाब के परिवारों को भारी पड़ रहा है। एनआरआई दूल्हे के चक्कर में पड़कर लाखों रुपये तो गंवा ही चुके हैं, बेटी की जिंदगी भी अपने हाथों बर्बाद कर चुके हैं। धोखेबाजों ने इसे धंधा बना लिया है। कई इमिग्रेशन कंपनियां भी इसमें शामिल हैं। पुलिस के पास इस तरह की धोखेबाजी की शिकायतें भी बढ़ती जा रही हैं। पुलिस की सलाह है कि पूरी पड़ताल के बाद ही एनआरआई युवकों पर विश्वास करें।
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पंजाब में युवाओं में विदेश जाने का मोह हद से ज्यादा है। उनकी इसी इच्छा का फायदा इमिग्रेशन कंपनियां उठाती हैं। वह युवाओं के सामने पूरा जाल फैलाती हैं। बाकायदा दूल्हे या दुल्हन से मिलवाती हैं। इसके बाद बातचीत बढ़ने पर जन्मदिन व अन्य मौके पर महंगे विदेशी गिफ्ट दिए जाते हैं। बाद में शादी के रूप में अच्छी खासी रकम ऐंठकर ये दूल्हे या दुल्हन फरार हो जाते हैं। मोहाली में भी ऐसे कई परिवार हैं, जो इनके चक्कर में पड़कर कंगाल हो चुके हैं। हर साल एक हजार से ज्यादा इमिग्रेशन फ्रॉड के केस सूबे के थानों में दर्ज होते हैं, जिनमें सबसे ज्यादा तादाद मोहाली की है।
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ऐसे फंसाती हैं इमिग्रेशन कंपनियां
युवाओं को ठगने में इमिग्रेशन कंपनियां अहम हैं। वह युवाओं को स्पाउस वीजा (एनआरआई से शादी के बाद लगने वाला वीजा) लगवाने के लिए चंद मिनटों में कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, जर्मनी और इटली के पीआर (स्थायी नागरिक) सुविधा वाले लड़के-लड़कियों का इंतजाम करती हैं। देश के हिसाब से दाम तय करती हैं। शादी नकली होती है लेकिन बाकी सारे खर्चे असली होते हैं। परिजन इनके झांसे में आकर हैसियत से बढ़कर बेटी की शादी में रकम दे देते हैं। एनआरआई दूल्हा यह रकम समेट लड़की वालों को झांसा देकर फरार हो जाता है।
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केस एक- दो बच्चों का पिता निकला एनआरआई दूल्हा
दीपा (बदला हुआ नाम) बताती हैं कि वह चंडीगढ़ के एक नामी निजी स्कूल में शिक्षिका हैं। साल 2018 में एक एनआरआई लड़के के साथ शादी हुई, लेकिन सब धोखा निकला। माता-पिता ने शादी पर 20 लाख रुपये खर्च किए। फिर पति ने कनाडा बुलाने की फाइल लगाने के नाम पर मेरे बैंक खाते से 15 लाख रुपये निकाल लिए। एंबेसी और कनाडा में जानकारों से पता किया तो पता चला कि एनआरआई लड़का दो बच्चों का पिता है। इसके बाद उसके खिलाफ केस दर्ज हुआ।
केस दो-
मोहाली निवासी अवंतिका बताती हैं कि जिस समय पापा पुलिस में थे, मैं नामी यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रही थी। पापा के साथ तैनात एक पुलिस मुलाजिम ने जर्मनी में रहने वाले एक लड़के का रिश्ता बताया। धूमधाम से शादी हुई, उसके बाद वह पति के साथ जालंधर चली गई। वहां 6 महीने रहने के बाद लड़का वापस जर्मनी चला गया। यहां उसने बेटी को जन्म दिया। लड़के से बातचीत हुई तो वह उसे जर्मनी ले जाने के लिए आनाकानी करने लगा। बाद में छानबीन करने पर पता चला कि वह पहले से शादीशुदा था और उसका 5 साल का बेटा भी था। आखिर में लंबी लड़ाई के बाद केस दर्ज करवाया है।
केस-तीन
जयदेव कुमार ग्रेवाल अमलोह के रहने वाले हैं। वह खेतीबाड़ी करते हैं। उन्हें गांव में अपने रिश्तेेदार के घर कनाड़ा से आई एक लड़की से प्यार हो गया। इसके बाद लड़की कनाडा पढ़ने चली गई। उसने शादी का वादा किया था। जयदेव के परिवार ने लड़की की पढ़ाई के साथ अन्य खर्च भी उठाए। वह 2019 से 2021 तक पैसे एेंठती रही। इसके बाद फिर कनाडा से वापस आई तो उसके साथ शादी कर ली। करीब तीन महीने उसके साथ रही। इसके बाद वह यह कहकर दोबारा कनाडा चली गई कि वहां जाकर उसे बुला लेगी। लेकिन इसके कुछ दिन बाद उसने जयदेव का फोन यह कह कर उठाना बंद कर दिया कि अब उससे उसका कोई रिश्ता नहीं है। हाल ही में जयदेव की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया है।
महिला आयोग की किताब बचाएगी ठगी से
एनआरआई से शादी कर ठगी का शिकार हुई युवतियों की मदद के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग आगे आया है। आयोग की ओर से एक खास बुकलेट तैैयार की गई है। इसमें उक्त युवतियों को ऐसी शादियों से बचने के तरीके बताए गए हैं। समझाया गया है कि एनआरआई से शादी करने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। उनके पासपोर्ट से लेकर अन्य सभी चीजों की पहचान करने के तरीके बताए गए हैं। इसके अलावा सभी देशों की एंबेसी के फोन नंबर से लेकर वहां पर काम कर रहीं समाज सेवी संस्थाओं और महिला हेल्पलाइन नंबर बताए गए हैं। यह बुकलेट पंजाबी भाषा में है। किताब पंजाब पुलिस की वेबसाइट से कोई भी हासिल कर सकता है।
फर्जी दूल्हों के मामले में कनाडा के एंबेसडर से मिलेंगे
फर्जी एनआरआई दूल्हों और दुल्हन से लोगों को बचाने के लिए पंजाब महिला आयोग की ओर से कई कदम उठाए गए हैं। जल्द ही जिन देशों में भी पंजाबी रहते हैं, उन देशों के एंबेसडर से फर्जी दूल्हों का डाटा लेकर मुलाकात कर इस पर शिकंजा कसा जाएगा। कनाडा के एंबेसडर से जल्द उनकी बैठक होने जा रही है। वहीं, राज्य सरकार से मांग की गई है कि ऐसी शादियों के पंजीकरण को लेकर सख्त नियम बनाए जाएं, जिससे ऐसे धोखेबाज एनआरआई भारत के लोगों से ठगी न कर पाएं। - मनीषा गुलाटी, चेयरपर्सन, राज्य महिला आयोग, पंजाब।

एंबेेसी बचा सकती है फर्जी दूल्हों से
अगर कोई भी व्यक्ति अपने बेटे या बेटी की शादी विदेश में रह रहे एनआरआई से करने जा रहा है, तो एंबेेसी काफी हद तक उसकी मदद कर सकती है। क्योंकि अगर किसी भी व्यक्ति के पास किसी भी देश का पीआर है, तो उसकी पड़ताल आसानी से हो सकती है। जब एक व्यक्ति को पीआर मिलती है तो उसे एंबेसी में नो मैरिज सर्टिफिकेट जमा करवाना होता है। इसी तरह शादीशुदा या तलाकशुदा को भी इस संबंधी दस्तावेज जमा करवाने होते हैं। ऐसे में एंबेसी से किसी भी एनआरआई की डिटेल लेकर उसकी पड़ताल करवाई जा सकती है। इससे धोखाधड़ी पर रोक लगेगी। - प्रीतपाल सिंह बासी, वरिष्ठ वकील।
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