{"_id":"661c6b41241b0d785e0a9834","slug":"sho-gabbar-singh-was-receiving-death-threats-for-the-last-one-year-mohali-news-c-71-1-mli1005-113713-2024-04-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mohali News: एसएचओ गब्बर सिंह को पिछले एक साल से मिल रही थी जान से मारने की धमकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mohali News: एसएचओ गब्बर सिंह को पिछले एक साल से मिल रही थी जान से मारने की धमकी
विज्ञापन
मोहाली। एसएचओ मटौर गब्बर सिंह की गाड़ी पर शुक्रवार की रात कुराली बाईपास पर फायरिंग हुई थी। इसमें गनीमत रही कि गाड़ी के शीशे बुलेटप्रूफ थे, इसलिए उनकी जान बच गई। गब्बर सिंह ने बताया कि उन्हें पिछले एक साल से जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। 22 मई 2023 को पहली बार उन्हें फोन पर जान से मारने की धमकी मिली थी। इसके बाद वह सचेत हो गए थे। एसएचओ गब्बर सिंह ने बताया कि उनकी एक बार नहीं कई बार रैकी हो चुकी है। एक बार मोटरसाइकिल पर आए दो युवक उनकी रैकी कर रहे थे। लेकिन जब वह उन्हें पकड़ने गए तो वह भाग गए। उसके बाद दो बार कार सवार भी उनकी रैकी कर चुके हैं। कई बार उन्हें पकड़ने का ट्रैप भी लगाया गया था। लेकिन हमलावर भागने में कामयाब रहे। एसएचओ ने बताया कि यही नहीं उनके रोपड़ स्थित घर पर परिवार की रैकी हुई है। उन्हें फोन पर कई बार जान से मारने की धमकियां मिल चुकी है। आलाधिकारियों को जब इस बात का पता चला तो उन्होंने उनकी सुरक्षा के लिए गनमैन मुहैया करवाए थे। हालांकि इस मामले हमलावरों को पकड़ने के लिए सीआईए टीम के साथ एसएसओसी की टीम भी जांच में जुट गई है। एसएचओ गब्बर सिंह ने कहा कि उन्हें 15 दिन पहले से आभास हो रहा था कि उन पर हमला होने वाला है। उन्होंने कहा कि वह अपने स्टॉफ को भी यह बता चुके थे कि जल्द ही उन पर हमला होगा। वहीं, सूत्रों के अनुसार इंटेलिजेंस को भी इनपुट मिली थी कि किसी एसएचओ पर हमला होने वाला है। पिछले एक हफ्ते से सभी थानों के एसएचओज को अलर्ट कर दिया गया था। एसएचओ गब्बर सिंह ने कहा कि शुक्रवार को वह अपने प्राइवेट सिक्योरिटी ऑफिसर (पीएसओ) के साथ साढ़े 10 बजे मटौर थाने से रोपड़ के लिए निकले थे। गाड़ी उनका पीएसओ चला रहा था। वह कंडक्टर सीट पर बैठे थे। 11 बजे वह कुराली-मोरिंडा पुल पर चढ़ने लगे कि इसी दौरान उनकी साइड से कार के शीशे पर फायर हुआ। एसएचओ गब्बर सिंह ने कहा कि उन्होंने गोली लगने के बाद जब टूटा हुआ कांच देखा तो उन्हें पता चला कि हमला हुआ है और इसी बीच उनके पीएसओ ने गाड़ी मौके से भगा ली। इसके बाद सिंघ भगवंतपुरा थाने को सूचना दी गई और हमलावरों के खिलाफ इरादा कत्ल का केस दर्ज करवाया गया। एसएचओ गब्बर सिंह ने बताया कि मौके पर कितने फायर हुए उन्हें इसकी जानकारी नहीं है क्योंकि बुलेटप्रूफ शीशों में आवाज नहीं आती।
वहीं, इस बारे में एसएचओ गब्बर सिंह से जब पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उनकी गाड़ी के केवल शीशे बुलेटप्रूफ हैं। बार-बार मिल रही धमकियों और रैकी के बाद उन्होंने दो लाख रुपये लगाकर शीशे बुलेटप्रूफ करवाए थे। पूरी गाड़ी बुलेटप्रूफ होने पर 15 से 20 लाख का खर्च है जो उनकी हैसियत से बाहर है। पूछे गए एक सवाल के जवाब में एसएचओ गब्बर सिंह ने कहा कि उनकी किसी से दुश्मनी नहीं है। ड्यूटी के दौरान कई कुख्यात अपराधियों को पकड़ा है उनमें से कोई हो सकता है। जब हमलावरों को पकड़ लूंगा तो सामने आ ही जाएगा कि किस गैंग से जुड़े हुए थे अपराधी।
विज्ञापन
वहीं, इस बारे में एसएचओ गब्बर सिंह से जब पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उनकी गाड़ी के केवल शीशे बुलेटप्रूफ हैं। बार-बार मिल रही धमकियों और रैकी के बाद उन्होंने दो लाख रुपये लगाकर शीशे बुलेटप्रूफ करवाए थे। पूरी गाड़ी बुलेटप्रूफ होने पर 15 से 20 लाख का खर्च है जो उनकी हैसियत से बाहर है। पूछे गए एक सवाल के जवाब में एसएचओ गब्बर सिंह ने कहा कि उनकी किसी से दुश्मनी नहीं है। ड्यूटी के दौरान कई कुख्यात अपराधियों को पकड़ा है उनमें से कोई हो सकता है। जब हमलावरों को पकड़ लूंगा तो सामने आ ही जाएगा कि किस गैंग से जुड़े हुए थे अपराधी।
विज्ञापन